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15-15 हजार रुपये में मिले थे फर्जी दस्तावेज
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पिथौरागढ़। सेना भर्ती रैली क्षेत्र में फर्जी प्रमाण पत्रों और अन्य दस्तावेजों के साथ पकड़े गए हाथरस निवासी दोनों युवकों को सभी शैक्षिक प्रमाण पत्र और अन्य जाली दस्तावेज महज 15-15 हजार रुपये में उपलब्ध कराए गए थे। पकड़े गए युवकों के अनुसार रोहतास नामक कंप्यूटर संचालक ने उन्हें जाली प्रमाण पत्र उपलब्ध कराए थे। युवकों के इस खुलासे के बाद पुलिस सेना में भर्ती कराने वाले गिरोहों के संबंध में भी पूछताछ कर रही है।
सैन्य भर्ती क्षेत्र में पकड़ेे गए हाथरस के युवकों अशोक कुमार और अजीत कुमार ने बताया कि वह दोनों सेना में भर्ती होना चाहते थे। इसके लिए एक दिन हाथरस निवासी रोहतास नामक युवक ने उन्हें पिथौरागढ़ में होने वाली सेना भर्ती रैली में शामिल होने के लिए 15-15 हजार रुपये में सभी जरूरी प्रमाण पत्र और दस्तावेज उपलब्ध कराने की बात कही। इसके बाद उन्हें पिथौरागढ़ इंटर कॉलेज के नाम से हाईस्कूल, इंटर के शैक्षिक प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, पिथौरागढ़ जनपद का स्थायी निवासी होने का प्रमाण पत्र और आधार कार्ड बनाकर दिए।
युवकों के अनुसार कंप्यूटर संचालक ने स्वयं भी पिथौरागढ़ आने की बात कही, लेकिन वह यहां नहीं आया। जब वह भर्ती रैली में पहुंचे तो पकड़े गए। युवकों से फर्जी दस्तावेज मिलने के बाद पुलिस और खुफिया एजेंसियां सक्रिय हो गई हैं। पुलिस को सेना में भर्ती कराने वाले गिरोहों के सक्रिय होने का अंदेशा भी है। इस आधार पर भी पकड़े गए युवकों से पूछताछ की जा रही है।
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सैन्य भर्ती क्षेत्र में पकड़ेे गए हाथरस के युवकों अशोक कुमार और अजीत कुमार ने बताया कि वह दोनों सेना में भर्ती होना चाहते थे। इसके लिए एक दिन हाथरस निवासी रोहतास नामक युवक ने उन्हें पिथौरागढ़ में होने वाली सेना भर्ती रैली में शामिल होने के लिए 15-15 हजार रुपये में सभी जरूरी प्रमाण पत्र और दस्तावेज उपलब्ध कराने की बात कही। इसके बाद उन्हें पिथौरागढ़ इंटर कॉलेज के नाम से हाईस्कूल, इंटर के शैक्षिक प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, पिथौरागढ़ जनपद का स्थायी निवासी होने का प्रमाण पत्र और आधार कार्ड बनाकर दिए।
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युवकों के अनुसार कंप्यूटर संचालक ने स्वयं भी पिथौरागढ़ आने की बात कही, लेकिन वह यहां नहीं आया। जब वह भर्ती रैली में पहुंचे तो पकड़े गए। युवकों से फर्जी दस्तावेज मिलने के बाद पुलिस और खुफिया एजेंसियां सक्रिय हो गई हैं। पुलिस को सेना में भर्ती कराने वाले गिरोहों के सक्रिय होने का अंदेशा भी है। इस आधार पर भी पकड़े गए युवकों से पूछताछ की जा रही है।
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