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साइबर अपराधियों ने बैंक खाते से दो लाख निकाले
Updated Sun, 10 Sep 2017 10:36 PM IST
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धरमघर (पिथौरागढ़)। साइबर अपराधियों ने इस बार गांधी स्मारक निधि कौसानी में व्यवस्थापक के पद पर कार्यरत बेड़ीनाग तहसील के करालामहर निवासी जगदीश चंद्र पाठक को शिकार बनाया है। पाठक के खाते से एक से चार सितंबर के बीच दो लाख रुपये की निकासी कर ली गई है। अब खाते में एक भी पैसा नहीं बचा है। इससे वह भारी तनाव में आ गए हैं।
पाठक ने राजस्व पुलिस में लिखाई रिपोर्ट में कहा है कि 30 अगस्त की शाम उन्हें एक अज्ञात नंबर से फोन आया और फोन करने वाले ने खुद को बैंक का मैनेजर बताकर कहा कि आपके एटीएम का नंबर गलत है। इसे सुधारने के लिए अपना एटीएम नंबर और पासवर्ड बता दें। इस पर पाठक ने फोन करने वाले को अपने एटीएम कार्ड की सारी डिटेल दे दी। पाठक का बैंक खाता भारतीय स्टेट बैंक की पांखू शाखा में है।
शनिवार को जब उन्होंने बैंक में जाकर बैलेंस की जानकारी चाही तो खाते में एक भी पैसा शेष नहीं था। राजस्व उपनिरीक्षक वीरेंद्र बोरा ने बताया कि मामला दर्ज कर लिया गया है, लेकिन साइबर अपराधियों का पता लगा पाना कठिन है। क्योंकि ऐसा दूसरे प्रांतों के अपराधी ही करते हैं। इससे पहले भी जिले में बैंक खातों से पैसा निकालने की कई घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन पुलिस एक मामले का भी खुलासा नहीं कर पाई है। पाठक ने यह धनराशि जरूरी काम के लिए बचाकर रखी थी।
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बता दें कि रानीखेत के सुदूरवर्ती कुंवाली निवासी आभूषणों की दुकान चलाने वाले नवीन वर्मा पुत्र गोविंद लाल वर्मा के एसबीआई और आईडीबीआई बैंक स्थित खातों से भी 7 सितंबर को इसी तरह साइबर अपराधियों ने 2.10 लाख रुपये की धनराशि उड़ा ली गई थी।
अमर उजाला अलर्ट
अपने बैंक खाते और एटीएम की जानकारी किसी को न दें
बैंक की ओर से कभी भी ऐसी जानकारी नहीं मांगी जाती
एटीएम के पासवर्ड को गुप्त रखें और किसी को न बताएं
एटीएम कार्ड को संभालकर रखें और उसके कवर में पासवर्ड नंबर न लिखें
यदि कोई ऐसा फोन आता है तो उसकी जानकारी पुलिस को दें।
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पाठक ने राजस्व पुलिस में लिखाई रिपोर्ट में कहा है कि 30 अगस्त की शाम उन्हें एक अज्ञात नंबर से फोन आया और फोन करने वाले ने खुद को बैंक का मैनेजर बताकर कहा कि आपके एटीएम का नंबर गलत है। इसे सुधारने के लिए अपना एटीएम नंबर और पासवर्ड बता दें। इस पर पाठक ने फोन करने वाले को अपने एटीएम कार्ड की सारी डिटेल दे दी। पाठक का बैंक खाता भारतीय स्टेट बैंक की पांखू शाखा में है।
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शनिवार को जब उन्होंने बैंक में जाकर बैलेंस की जानकारी चाही तो खाते में एक भी पैसा शेष नहीं था। राजस्व उपनिरीक्षक वीरेंद्र बोरा ने बताया कि मामला दर्ज कर लिया गया है, लेकिन साइबर अपराधियों का पता लगा पाना कठिन है। क्योंकि ऐसा दूसरे प्रांतों के अपराधी ही करते हैं। इससे पहले भी जिले में बैंक खातों से पैसा निकालने की कई घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन पुलिस एक मामले का भी खुलासा नहीं कर पाई है। पाठक ने यह धनराशि जरूरी काम के लिए बचाकर रखी थी।
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बता दें कि रानीखेत के सुदूरवर्ती कुंवाली निवासी आभूषणों की दुकान चलाने वाले नवीन वर्मा पुत्र गोविंद लाल वर्मा के एसबीआई और आईडीबीआई बैंक स्थित खातों से भी 7 सितंबर को इसी तरह साइबर अपराधियों ने 2.10 लाख रुपये की धनराशि उड़ा ली गई थी।
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बैंक की ओर से कभी भी ऐसी जानकारी नहीं मांगी जाती
एटीएम के पासवर्ड को गुप्त रखें और किसी को न बताएं
एटीएम कार्ड को संभालकर रखें और उसके कवर में पासवर्ड नंबर न लिखें
यदि कोई ऐसा फोन आता है तो उसकी जानकारी पुलिस को दें।