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आपरेशन स्माइल ने अब तक 14 बच्चे बरामद किए
Updated Tue, 14 Nov 2017 12:04 AM IST
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पिथौरागढ़। जिला पुलिस की ऑपरेशन स्माइल टीम इस वर्ष 14 बच्चों को बरामद कर चुकी है। फिलहाल किसी बच्चे के लापता होने संबंधी रिपोर्ट किसी थाने में दर्ज नहीं है। किसी थाने में बच्चे के लापता होने संबंधी रिपोर्ट दर्ज होेने पर ऑपरेशन स्माइल की टीम तत्काल उसकी तलाश शुरू करती है। पुलिस का दावा है कि इस साल दर्ज सभी मामलों में कामयाबी मिल चुकी है। इस समय कोई बच्चा जिले से लापता नहीं है। बरामद किए गए बच्चों में तीन बच्चे नेपाल के दार्चुला जिले के भी हैं। उनको कार्ड संस्था को सौंपा गया है। ऑपरेशन स्माइल यूनिट के प्रभारी बृजमोहन बहुगुणा ने बताया कि लापता बच्चों को बरामद करने में कई तरह की कठिनाई का सामना करना पड़ता है। भागकर जाने वाले बच्चों को लोग अपने घरों में रख देते हैं। वह उनसे घर का काम कराते हैं। सीओ शेखर सुयाल का कहना है कि बच्चे पारिवारिक तनाव, कुसंगत में पड़ जाने के कारण भी घर से भाग जाते हैं।
सैकड़ों बच्चों को पढ़ने के लिए प्रेरित किया
पिथौरागढ़। पिथौरागढ़ की घनश्याम ओली चाइल्ड वेलफेयर सोसायटी ने जरूरतमंद बच्चों की पढ़ाई, परवरिश की दिशा में बड़ा काम किया है। 2012 से सक्रिय इस संस्था का पंजीकरण 2015 में हुआ। सोसायटी ने चार बच्चों को स्थायी रूप से अपने पास रखा है। इन बच्चों के आवास, भोजन की व्यवस्था सोसायटी करती है। स्कूल छोड़ चुके 1271 बच्चों को फिर से पढ़ने के लिए प्रेरित किया है। इन बच्चों को वड्डा, रई, पिथौरागढ़ शहर के स्कूलों में भर्ती किया गया है। सोसायटी के अध्यक्ष अजय चंद्र ओली ने बताया कि अधिकतर बच्चे दूसरे जिलों के हैं। उनके माता, पिता काम की तलाश में यहां पहुंचे तो उन्होंने बच्चों की पढ़ाई का ध्यान नहीं दिया। इनमें नेपाल, बिहार के बच्चे ज्यादा हैं। वह कहते हैं कि किसी भी बच्चे को अपना बचपन समाप्त करना अच्छा नहीं लगता। वह खेलना, पढ़ना चाहता है लेकिन परिवार के हालात उनको ऐसा करने से रोक देते हैं। उन्होंने कहा कि सभी बच्चों को प्रवेश दिलाने, कापी, किताब, कपड़ों की व्यवस्था सोसायटी ने की है।
बाल श्रम का कोई मामला पकड़ में नहीं
पिथौरागढ़। जिले में बाल श्रम का कोई मामला पकड़ में नहीं आया है। प्रशासन समय-समय पर बाल श्रम रोकने के लिए छापे मारता है। एसडीएम एसके पांडे का कहना है कि कानून की डर से लोग बाल श्रमिकों को काम पर नहीं रखते। पकड़े जाने पर ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाती है। उन्होंने कहा कि बालश्रम रोकने के लिए लगातार अभियान जारी रहेगा।
सैकड़ों बच्चों को पढ़ने के लिए प्रेरित किया
पिथौरागढ़। पिथौरागढ़ की घनश्याम ओली चाइल्ड वेलफेयर सोसायटी ने जरूरतमंद बच्चों की पढ़ाई, परवरिश की दिशा में बड़ा काम किया है। 2012 से सक्रिय इस संस्था का पंजीकरण 2015 में हुआ। सोसायटी ने चार बच्चों को स्थायी रूप से अपने पास रखा है। इन बच्चों के आवास, भोजन की व्यवस्था सोसायटी करती है। स्कूल छोड़ चुके 1271 बच्चों को फिर से पढ़ने के लिए प्रेरित किया है। इन बच्चों को वड्डा, रई, पिथौरागढ़ शहर के स्कूलों में भर्ती किया गया है। सोसायटी के अध्यक्ष अजय चंद्र ओली ने बताया कि अधिकतर बच्चे दूसरे जिलों के हैं। उनके माता, पिता काम की तलाश में यहां पहुंचे तो उन्होंने बच्चों की पढ़ाई का ध्यान नहीं दिया। इनमें नेपाल, बिहार के बच्चे ज्यादा हैं। वह कहते हैं कि किसी भी बच्चे को अपना बचपन समाप्त करना अच्छा नहीं लगता। वह खेलना, पढ़ना चाहता है लेकिन परिवार के हालात उनको ऐसा करने से रोक देते हैं। उन्होंने कहा कि सभी बच्चों को प्रवेश दिलाने, कापी, किताब, कपड़ों की व्यवस्था सोसायटी ने की है।
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बाल श्रम का कोई मामला पकड़ में नहीं
पिथौरागढ़। जिले में बाल श्रम का कोई मामला पकड़ में नहीं आया है। प्रशासन समय-समय पर बाल श्रम रोकने के लिए छापे मारता है। एसडीएम एसके पांडे का कहना है कि कानून की डर से लोग बाल श्रमिकों को काम पर नहीं रखते। पकड़े जाने पर ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाती है। उन्होंने कहा कि बालश्रम रोकने के लिए लगातार अभियान जारी रहेगा।
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