{"_id":"5ac65e414f1c1bf1618b5aea","slug":"161522949697-pithoragarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"खाई में गिरने से युवक की मौत,","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
खाई में गिरने से युवक की मौत,
Updated Thu, 05 Apr 2018 11:04 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
धारचूला (पिथौरागढ़)। जंगलचट्टी के जंगल में एक युवक की खाई में गिरने से मौत हो गई। यह युवक कीड़ा जड़ी के सीजन के लिए जंगल में राशन पहुंचाने गया था। भारी बारिश से बचने के दौरान युवक की खाई में गिरने की आशंका जताई जा रही है।
पुलिस ने बताया कि करन दानू (45) पुत्र नयन राम दानू निवासी चौंदास घाटी ग्राम कुरीला तीन अप्रैल को धारचूला से 35 किमी दूर जंगलचट्टी के जंगल में गया था। युवक के वापस नहीं आने पर जब उसकी खोजबीन की गई तो चार अप्रैल की शाम उसका शव गहरी खाई में मिला। तीन अप्रैल की रात जंगल में बेहद तेज बारिश भी हो रही थी। आशंका है कि बारिश से बचने के दौरान उसकी खाई में गिरने से मौत हो गई होगी।
धारचूला थानाध्यक्ष पीएस नेगी का कहना है कि पुलिस को सूचना मिलने से पहले शव का अंतिम संस्कार कर दिया। वहीं, क्षेत्रवासी सुमन वर्मा, संतोष दरियाल आदि ग्रामीणों ने पीड़ित परिजनों को आपदा कोष से मुआवजा देने की मांग की है।
विज्ञापन
पहले ही पहुंचा देते हैं राशन और अन्य सामान
स्थानीय निवासी उच्च हिमालयी क्षेत्रों में कीड़ा जड़ी निकालने जाते हैं। कीड़ा जड़ी निकालने का समय एक मई से 30 जून तक निर्धारित होता है। इस दौरान यह लोग बुग्यालों में ही रहते हैं। इसके लिए जंगलों की गुफाओं में पहले से ही राशन और अन्य सामान पहुंचा कर आते हैं। करन दानू भी गुफा में राशन और अन्य सामान रखने गया था।
विज्ञापन
पुलिस ने बताया कि करन दानू (45) पुत्र नयन राम दानू निवासी चौंदास घाटी ग्राम कुरीला तीन अप्रैल को धारचूला से 35 किमी दूर जंगलचट्टी के जंगल में गया था। युवक के वापस नहीं आने पर जब उसकी खोजबीन की गई तो चार अप्रैल की शाम उसका शव गहरी खाई में मिला। तीन अप्रैल की रात जंगल में बेहद तेज बारिश भी हो रही थी। आशंका है कि बारिश से बचने के दौरान उसकी खाई में गिरने से मौत हो गई होगी।
विज्ञापन
धारचूला थानाध्यक्ष पीएस नेगी का कहना है कि पुलिस को सूचना मिलने से पहले शव का अंतिम संस्कार कर दिया। वहीं, क्षेत्रवासी सुमन वर्मा, संतोष दरियाल आदि ग्रामीणों ने पीड़ित परिजनों को आपदा कोष से मुआवजा देने की मांग की है।
विज्ञापन
पहले ही पहुंचा देते हैं राशन और अन्य सामान
स्थानीय निवासी उच्च हिमालयी क्षेत्रों में कीड़ा जड़ी निकालने जाते हैं। कीड़ा जड़ी निकालने का समय एक मई से 30 जून तक निर्धारित होता है। इस दौरान यह लोग बुग्यालों में ही रहते हैं। इसके लिए जंगलों की गुफाओं में पहले से ही राशन और अन्य सामान पहुंचा कर आते हैं। करन दानू भी गुफा में राशन और अन्य सामान रखने गया था।