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घाटीबगड़ पेयजल योजना की होगी जांच
Updated Mon, 05 Mar 2018 11:04 PM IST
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fraud shimla
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पिथौरागढ़। युवक मंगल दल के पदाधिकारियों ने सोमवार को डीएम सी रविशंकर से मुलाकात की। उन्होंने बलुवाकोट ग्राम पंचायत के घाटीबगड़ पेयजल योजना में अनियमितता का मामला उठाया। योजना में ग्रामवासियों के स्थान पर नेपाली मजदूरों से काम कराने, मस्टर रोल में फर्जी तरीके से गांव वालों को मजदूर दिखाने, फर्जी उपसमिति गठित करने का आरोप लगाया है। डीएम ने 15 दिन के भीतर योजना की जांच कराने की बात कही है।
युवक मंगल दल के अध्यक्ष प्रेम सिंह, सामाजिक कार्यकर्ता दीपक ग्वाल के नेतृत्व में सोमवार को डीएम को सौंपे ज्ञापन में कहा है कि पेयजल योजना के निर्माण के लिए फर्जी उप समिति का गठन किया गया है। एक ही व्यक्ति को मूल्यांकन, क्रय समिति का सदस्य बना दिया गया है, जो नियमों के खिलाफ है। एक व्यक्ति एक ही समिति का सदस्य हो सकता है। आरोप लगाया है कि पेयजल योजना को भूमिगत नहीं किया गया है, खुले में पाइप छोड़ दिए गए हैं। इन लोगों का आरोप है कि योजना का काम नेपाली मजदूरों से कराया गया है, जबकि गांव के लोगों के फर्जी मस्टर रोल लगाए गए हैं। मस्टर रोल में मजदूर दिखाए गए कई लोग बाहर नौकरी करते हैं। इस बात की पुष्टि सूचना के अधिकार अधिनियम (आरटीआई) के तहत मिली जानकारी से भी हुई है। इन लोगों ने योजना से जुड़े दस्तावेज डीएम को सौंपे। ज्ञापन में 20 से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हैं। डीएम ने 15 दिन के भीतर योजना की जांच कराने का आश्वासन इन लोगों को दिया है।
गांव के लोगों ने डीएम के सामने अनियमितता का मामला उठाया
गांव वालों को फर्जी तरीके से मजदूर दिखाने का आरोप
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युवक मंगल दल के अध्यक्ष प्रेम सिंह, सामाजिक कार्यकर्ता दीपक ग्वाल के नेतृत्व में सोमवार को डीएम को सौंपे ज्ञापन में कहा है कि पेयजल योजना के निर्माण के लिए फर्जी उप समिति का गठन किया गया है। एक ही व्यक्ति को मूल्यांकन, क्रय समिति का सदस्य बना दिया गया है, जो नियमों के खिलाफ है। एक व्यक्ति एक ही समिति का सदस्य हो सकता है। आरोप लगाया है कि पेयजल योजना को भूमिगत नहीं किया गया है, खुले में पाइप छोड़ दिए गए हैं। इन लोगों का आरोप है कि योजना का काम नेपाली मजदूरों से कराया गया है, जबकि गांव के लोगों के फर्जी मस्टर रोल लगाए गए हैं। मस्टर रोल में मजदूर दिखाए गए कई लोग बाहर नौकरी करते हैं। इस बात की पुष्टि सूचना के अधिकार अधिनियम (आरटीआई) के तहत मिली जानकारी से भी हुई है। इन लोगों ने योजना से जुड़े दस्तावेज डीएम को सौंपे। ज्ञापन में 20 से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हैं। डीएम ने 15 दिन के भीतर योजना की जांच कराने का आश्वासन इन लोगों को दिया है।
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गांव के लोगों ने डीएम के सामने अनियमितता का मामला उठाया
गांव वालों को फर्जी तरीके से मजदूर दिखाने का आरोप