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कोरोना : केएमवीएन को 50 करोड़ का नुकसान
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दिनेश अवस्थी (संवाद ) पिथौरागढ़। कोरोना वायरस के चलते कुमाऊं मंडल विकास निगम (केएमवीएन) को करीब 50 करोड़ रुपये सालाना नुकसान होने का अंदेशा है। पर्यटन और अन्य गतिविधियां ठप होने से निगम को कर्मचारियों को वेतन देने के भी लाले पड़ने लगे हैं। केएमवीएन में करीब 1200 स्थाई-अस्थाई कार्मिक काम करते हैं। निगम पर्यटक सुविधाओं के साथ ही केव गार्डन, रोपवे, पार्किंग, कैलाश मानसरोवर, आदि कैलाश यात्रा, ट्रैकिंग, माउंटनेयरिंग का कार्य करता है। देश-विदेश के पर्यटकों को कुमाऊं की आकर्षक वादियों में लाने के लिए निगम के दिल्ली मुंबई और कई बड़े महानगरों में टूर कार्यालय हैं। इस वर्ष कोरोना से सभी पर्यटन, ट्रैकिंग और अन्य गतिविधियां पूरी तरह ठप पड़ी हैं। केएमवीएन के जीएम अशोक जोशी का कहना है कि कोरोना ने पर्यटन सीजन को पूरी तरह खत्म कर दिया है। इससे निगम को करीब 50 करोड़ रुपये सालाना नुकसान का अंदेशा है। कर्मचारियों के वेतन में प्रतिमाह निगम के तीन करोड़ रुपये खर्च होते हैं। अब वेतन मद के लिए ही सालाना 36 करोड़ रुपये जुटाना आसान नहीं है। निगम की एक मात्र गैस सेवा चल रही है। इसी से फिलहाल वेतन की व्यवस्था की जा रही है। -
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-:: सरकार निगम को आर्थिक पैकेज दे ::- पिथौरागढ़। कुमाऊं मंडल विकास निगम कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष दिनेश गुरुरानी का कहना है कि केएमवीएन और जीएमवीएन दोनों निगमों को उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद में मर्ज कर देना चाहिए। सरकार निगम को आर्थिक पैकेज मुहैया कराए। साथ ही निगम को एफएल-टू और खनन का कार्य भी सौंपा जाना चाहिए।
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