फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Pithoragarh News ›   Construction of slow bridges

धीमी गति से हो रहा पुलों का निर्माण

Thu, 22 Mar 2018 10:47 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, झूलाघाट
ब्यूरो/अमर उजाला, झूलाघाट Updated Thu, 22 Mar 2018 10:47 PM IST
विज्ञापन
Construction of slow bridges
पिथौरागढ़-झूलाघाट सड़क में ठूलीगाड़ में बन रहा पुल - फोटो : अमर उजाला

नेपाल सीमा पर बसे अंतिम बाजार झूलाघाट को जोड़ने वाली सड़क पर पांच पुलों का निर्माण कार्य बेहद धीमी गति से हो रहा है। इन पुलों के लिए वर्ष 2016 के अंत में राज्य वित्त से 2.5 करोड़ की धनराशि स्वीकृत हुई। पुलों का निर्माण अगस्त 2018 तक पूरा करना है, लेकिन मजेदार बात यह है कि एक पुल का तो अभी निर्माण कार्य शुरू भी नहीं हुआ है। वहीं, अधिकारियों का दावा है कि तय समय पर सभी पुलों का निर्माण पूरा कर लिया जाएगा।

विज्ञापन


झूलाघाट-पिथौरागढ़ मार्ग पर ठूलीगाड़, वड्डा के पास मसानीगाड़, मूनाकोट और हुड़कना के पास दो पुल बनने थे। जनवरी 2017 में लोनिवि के पिथौरागढ़ प्रांतीय खंड की देखरेख में पुलों के निर्माण का कार्य शुरू हुआ। इन पुलों को अगस्त 2018 तक बनाने का लक्ष्य था। केवल पांच माह का समय बचा है। वर्तमान तक ठूलीगाड़ के पुल पर लिंटर नहीं पड़ा हैं। हुड़कना के पास बनने वाले दो पुलों में से एक का काम शुरू नहीं हुआ हैं। दूसरे पुल पर लिंटर तो पड़ गया है, लेकिन पुल के दोनों ओर रेलिंग लगाने समेत कई काम अभी अधूरे हैं। वड्डा बाजार के बाद मसानीगाड़ के पुल पर सिर्फ नींव ही खुद पाई है। इसी तरह मूनाकोट के पुल पर लिंटर पड़ गया है, लेकिन काफी काम शेष हैं।
विज्ञापन


वहीं, लोनिवि के सहायक अभियंता एचएस बथियाल कहते हैं कि पुलों का निर्माण समय पर करा लिया जाएगा। ठुलीगाड़ के पुल का लिंटर इस महीने पड़ जाएगा। वड्डा के पास मसानीगाड़ के पुल का काम शुरू कराया जा रहा है। बरसात से पहले पुल बन जाएंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन


पुलों में इतना हुआ है काम
-ठूलीगाड़ पुल -65 लाख में से 58 लाख रुपये खर्च
-हुड़कना पुल -90 लाख रुपये में से 81 लाख खर्च
-मसानीगाड़ पुल का काम शुरू नहीं- बजट 65 लाख
-मूनाकोट और हुड़कना के दूसरे पुल की लागत 15-15 लाख

दो-लेन के पुल बनने से होगी सहूलियत
झूलाघाट-पिथौरागढ़ मार्ग पर निर्माणाधीन पुलों के बनने से यातायात में दबाव कम होगा। पुल बनने से सड़क दो-लेन की हो जाएगी। इससे वड्डा, अड़किनी, जाखपंत, मूनाकोट, बड़ालू, गौरीहाट, मजिरकांडा, झूलाघाट और नेपाल के लोगों को समय की बचत होगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed