{"_id":"5fdf94018ebc3e3c57149029","slug":"construction-of-indo-nepal-motor-bridge-to-be-built-in-the-border-dispute-with-nepal-pithoragarh-news-hld408106944","type":"story","status":"publish","title_hn":"नेपाल के साथ सीमा विवाद के फंसा छारछुम में बनने वाले भारत-नेपाल मोटर पुल का निर्माण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नेपाल के साथ सीमा विवाद के फंसा छारछुम में बनने वाले भारत-नेपाल मोटर पुल का निर्माण
विज्ञापन
धारचूला के मल्ला छार्छुम में इसी स्थान से प्रस्तावित है भारत-नेपाल मोटर पुल का निर्माण।
- फोटो : PITHORAGARH
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पिथौरागढ़। नेपाल से सीमा विवाद के बाद पिथौरागढ़ जिले के धारचूला विकासखंड के मल्ला छारछुम से भारत-नेपाल के बीच बनने वाले 110 मीटर लंबे मोटर पुल का निर्माण कार्य फंस गया है। पुल निर्माण के लिए उत्तराखंड और भारत सरकार की ओर से 14 करोड़ 56 लाख रुपये वर्ष 2016 में स्वीकृत हो चुके हैं, लेकिन पुल निर्माण एक इंच भी आगे नहीं बढ़ा। इसकी वजह नेपाल सरकार की ओर से पुल निर्माण में दिलचस्पी नहीं दिखाना है। लोनिवि अस्कोट ने पुल निर्माण के लिए अब नेपाल सरकार और दार्चुला प्रशासन को पत्र भेजा है। (संवाद)
50 वर्षों से उठ रही पुल की मांग
पिथौरागढ़। भारत और नेपाल के बीच मोटर पुल निर्माण की मांग दोनों देशों के सीमांतवासी पिछले 50 वर्षों से उठा रहे हैं। क्योंकि रोटी-बेटी के रिश्तों के साथ व्यापारिक गतिविधियां होने के कारण दोनों देशों के बीच आवागमन बना रहता है। सड़क सुविधा के लिए सीमांत के लोगों को 250 किमी दूर बनबसा जाना पड़ता है।
पुल निर्माण से फायदा
छारछुम में मोटर पुल बनने से भारतीय क्षेत्र का पिथौरागढ़-तवाघाट राजमार्ग और नेपाल का दाप क्षेत्र जुड़ेगा। इसके निर्माण से दोनों देशों के बीच आवागमन सुगम होगा। व्यापारिक गतिविधियों में भी तेजी आएगी।
विज्ञापन
अब मल्ला छारछुम में बनेगा मोटर पुल
पिथौरागढ़। तकनीकी दिक्कत के कारण भारत-नेपाल के बीच बनने वाले मोटर पुल का निर्माण छारछुम में नहीं मल्ला छारछुम में किया जाएगा। लोनिवि के अधिकारियों का कहना है कि पुल निर्माण के पहले नेपाल ने स्वीकृति दी थी पर अब नेपाल दिलचस्पी नहीं दिखा रहा है।
पुल निर्माण को लेकर नेपाल की ओर से कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई जा रही है। पुल के निर्माण के लिए नेपाल सरकार और दार्चुला जिला प्रशासन को पत्र भेजा गया है। पुल के बनने से सीमांत क्षेत्र की भारत-नेपाल की बड़ी आबादी को फायदा मिलेगा।
-आशुतोष कुमार, ईई लोनिवि अस्कोट।
विज्ञापन
50 वर्षों से उठ रही पुल की मांग
पिथौरागढ़। भारत और नेपाल के बीच मोटर पुल निर्माण की मांग दोनों देशों के सीमांतवासी पिछले 50 वर्षों से उठा रहे हैं। क्योंकि रोटी-बेटी के रिश्तों के साथ व्यापारिक गतिविधियां होने के कारण दोनों देशों के बीच आवागमन बना रहता है। सड़क सुविधा के लिए सीमांत के लोगों को 250 किमी दूर बनबसा जाना पड़ता है।
विज्ञापन
पुल निर्माण से फायदा
छारछुम में मोटर पुल बनने से भारतीय क्षेत्र का पिथौरागढ़-तवाघाट राजमार्ग और नेपाल का दाप क्षेत्र जुड़ेगा। इसके निर्माण से दोनों देशों के बीच आवागमन सुगम होगा। व्यापारिक गतिविधियों में भी तेजी आएगी।
विज्ञापन
अब मल्ला छारछुम में बनेगा मोटर पुल
पिथौरागढ़। तकनीकी दिक्कत के कारण भारत-नेपाल के बीच बनने वाले मोटर पुल का निर्माण छारछुम में नहीं मल्ला छारछुम में किया जाएगा। लोनिवि के अधिकारियों का कहना है कि पुल निर्माण के पहले नेपाल ने स्वीकृति दी थी पर अब नेपाल दिलचस्पी नहीं दिखा रहा है।
पुल निर्माण को लेकर नेपाल की ओर से कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई जा रही है। पुल के निर्माण के लिए नेपाल सरकार और दार्चुला जिला प्रशासन को पत्र भेजा गया है। पुल के बनने से सीमांत क्षेत्र की भारत-नेपाल की बड़ी आबादी को फायदा मिलेगा।
-आशुतोष कुमार, ईई लोनिवि अस्कोट।