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Pithoragarh News: कुछ रास्तों पर सहमति, एक का इंतजार, अभी रहेगी आंदोलन में धार

Sat, 17 Feb 2024 10:38 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़ Updated Sat, 17 Feb 2024 10:38 PM IST
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Consensus on some paths, waiting for one, there will be momentum in the movement
पिथौरागढ़ के कासनी में सेरादेवल मंदिर और गोचर पनघटों को रास्ता खुलवाने की मांग को लेकर धरने में
पिथौरागढ़। सेरादेवल मंदिर के लिए जाने वाले रास्ते को खुलवाने की मांग को लेकर सातवें दिन भी आंदोलन जारी रहा। रास्ता खुलवाने के लिए सेना के अधिकारी, प्रशासन और आंदोलनकारियों की बैठक हुई। इसमें कुछ बिंदुओं को लेकर सहमति बनी। सेना के अधिकारियों ने भड़कटिया वाला रास्ता, चैतोल रास्ता, ठुलीगाड़ रास्ता और कामाख्या मंदिर के लिए जाने वाला रास्ता खोलने को लेकर सहमति दी है। आंदोलनकारियों का कहना है कि सेरादेवल जाने वाले मार्ग पर जब तक कोई सहमति नहीं बनती, आंदोलन जारी रखा जाएगा।
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कासनी में जाग उठा पहाड़ के बैनर तले चल रहा आंदोलन शनिवार को भी जारी रहा। रास्ते खुलवाने की मांग को लेकर आंदोलनकारियों ने नारे लगाकर प्रदर्शन किया। इस दौरान मंदिर के पुजारी चंद्रशेखर भट्ट, जाग उठा पहाड़ के संयोजक गोपू महर, भीम सिंह महर, मनोज कसन्याल, सुरेश कसन्याल, पूर्व सैनिक ललित धानिक, निर्मल नगरकोटी और प्रशासन से एसडीएम आशीष मिश्रा और ब्रिगेडियर समर प्रताप सिंह चौहान, कर्नल विरेंद्र सिंह के बीच बैठक हुई।
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आंदोलन के संयोजक गोपू महर ने बताया कि सेना के अधिकारियों ने भड़कटिया वाला रास्ता, चैतोल रास्ता, ठुलीगाड़ रास्ता और कामाख्या मंदिर के लिए जाने वाला रास्ता खोलने को लेकर सहमति दी है। उन्होंने बताया कि सामूहिक पूजा में मंदिर में जाने पर कोई रोकटोक नहीं करने और आम जनता को मंदिर में प्रवेश करने के लिए आईडी कार्ड दिखाने को लेकर सहमति दी है। उन्होंने बताया कि अभी कासनी से सेरादेवल मंदिर तक जाने वाले रास्ते को लेकर कोई भी निर्णय नहीं हुआ है। जल्द ही इसका भी हल निकाल लिया जाएगा। उनका कहना है कि जब तक अंतिम फैसला नहीं आ जाता है, आंदोलन जारी रखा जाएगा।
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डीएम से भी की मुलाकात
पिथौरागढ़। आंदोलनकारियों के प्रतिनिधिमंडल ने इस मामले को लेकर डीएम रीना जोशी से भी मुलाकात की। डीएम ने जल्द रास्ता खुलवाने का आश्वासन दिया। इस मौके पर रघुवीर बिष्ट, ललित धानिक, चंद्रशेखर भट्ट सहित कई लोग मौजूद रहे। संवाद

कोट
सेना के अधिकारियों के बीच सकारात्मक वार्ता हुई है। जमीन को बदलकर नए रास्ते बनाने को लेकर भी वार्ता की गई है। इसके अलावा बड़े धार्मिक कार्यक्रम के लिए पास बनाने और रोज मंदिर जाने वालों के लिए रेगुलर पास बनाने को लेकर भी चर्चा हुई है। - आशीष कुमार मिश्रा, एसडीएम सदर पिथौरागढ़।

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