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सराहनीय पहल : सरकारी स्कूलों पर हो भरोसा, इसलिए अपने बच्चे का सरकारी स्कूल में कराया दाखिला
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अपने पुत्र के साथ जीआईसी देवलथल के प्रधानाचार्य।
- फोटो : PITHORAGARH
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थल (पिथौरागढ़)। जहां एक ओर लोगों का सरकारी स्कूलों से मोह भंग होता जा रहा है, वहीं जीआईसी देवलथल के प्रधानाचार्य ने अपने बच्चे को निजी स्कूल से निकालकर जीआईसी देवलथल में प्रवेश दिलाकर सराहनीय कदम उठाया है। उनका कहना है कि लोग सरकारी स्कूलों पर भरोसा जता सकें, इसलिए उन्होंने अपने खुद के बच्चे को सरकारी स्कूल में दाखिला दिलाया है। उनका कहना है कि उनके स्कूल में निजी स्कूलों से अधिक योग्य शिक्षक हैं।
देवलथल में अटल उत्कृष्ट जीआईसी के प्रधानाचार्य कुंदन सिंह धामी ने अपने पुत्र हिमांश सिंह धामी को जीआईसी देवलथल में छठी कक्षा में प्रवेश दिलाया है। उनकी पत्नी हेमा धामी भी इसी इंटर कालेज में अंग्रेजी विषय पढ़ातीं हैं। प्रधानाचार्य ने बताया कि उनके विद्यालय में निजी स्कूलों से अधिक योग्य शिक्षक हैं। उन्होंने कहा कि सभी शिक्षकों को सरकारी विद्यालयों में बच्चों को दाखिला दिलाकर सरकारी स्कूलों पर भरोसा जताना चाहिए।
धामी ने बताया कि जीआईसी देवलथल मे हिंदी और अंग्रेजी दोनों माध्यम से शिक्षण कार्य कराने का प्रयास किया जा रहा है। इससे शिक्षकों पर अतिरिक्त भार तो पड़ रहा है लेकिन बच्चों के भविष्य को लेकर यह करना जरूरी है। स्कूल में बच्चों को ऑडियो, वीडियो के माध्यम से भी पढ़ाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विद्यालय का इतिहास पहले से अच्छा रहा है। विद्यालय ने राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर नाम रोशन किया है।
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देवलथल में अटल उत्कृष्ट जीआईसी के प्रधानाचार्य कुंदन सिंह धामी ने अपने पुत्र हिमांश सिंह धामी को जीआईसी देवलथल में छठी कक्षा में प्रवेश दिलाया है। उनकी पत्नी हेमा धामी भी इसी इंटर कालेज में अंग्रेजी विषय पढ़ातीं हैं। प्रधानाचार्य ने बताया कि उनके विद्यालय में निजी स्कूलों से अधिक योग्य शिक्षक हैं। उन्होंने कहा कि सभी शिक्षकों को सरकारी विद्यालयों में बच्चों को दाखिला दिलाकर सरकारी स्कूलों पर भरोसा जताना चाहिए।
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धामी ने बताया कि जीआईसी देवलथल मे हिंदी और अंग्रेजी दोनों माध्यम से शिक्षण कार्य कराने का प्रयास किया जा रहा है। इससे शिक्षकों पर अतिरिक्त भार तो पड़ रहा है लेकिन बच्चों के भविष्य को लेकर यह करना जरूरी है। स्कूल में बच्चों को ऑडियो, वीडियो के माध्यम से भी पढ़ाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विद्यालय का इतिहास पहले से अच्छा रहा है। विद्यालय ने राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर नाम रोशन किया है।
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