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धर्मेंद्र के पास ढेपुवा और ग्वालियर रियासत के सिक्कों का संकलन

Wed, 30 Aug 2017 10:48 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, डीडीहाट
ब्यूरो/अमर उजाला, डीडीहाट Updated Wed, 30 Aug 2017 10:48 PM IST
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Collection of coins of Dhapuwa and Gwalior principals near Dharmendra
डीडीहाट में पुराने सिक्कों के साथ धर्मेंद्र टोलिया - फोटो : अमर उजाला

पुराने समय में पहाड़ के लोग प्रचलित सिक्कों को ढेपुवा नाम से जानते थे। पहले एक आना, एक पैसा, दो पैसा, पांच पैसा, दस पैसा भी प्रचलन में था। धीरे-धीरे यह सिक्के प्रचलन से गायब हो गए, लेकिन नगर के तहसील वार्ड निवासी धर्मेंद्र टोलिया ने इन सिक्कों का संकलन कर रखा है। यही नहीं उनके संकलन में ग्वालियर रियासत के समय प्रचलित सिक्के भी हैं। पिछले साल प्रचलन से बंद हो चुके एक हजार और पांच सौ के नोट को भी उन्होंने लोगों को याद दिलाने के लिए संजोकर रखा है। धर्मेंद्र के पास 80 देशों के सिक्के और 40 देशों के नोट मौजूद हैं।

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यहां रामलीला मैदान में नंदा महोत्सव की प्रदर्शनी के दौरान जब उन्होंने इन सिक्कों को रखा तो लोग जिज्ञासावश इन मुद्राओं को देखने के लिए उमड़ पड़े। धर्मेंद्र ने बताया कि उनके जितने भी साथी विदेश यात्रा पर गए, सभी से वहां के सिक्के और नोट लाने का आग्रह किया। पुरानी प्रचलित मुद्रा को संकलित करने में उनको काफी मशक्कत करनी पड़ी। उनके संकलन में 1818 में प्रचलित विक्टोरिया का सिक्का भी है। यह सिक्का चांदी का होता है।
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उन्होंने बताया कि हर देश की मुद्राएं कुछ अंतराल के बाद बदलती रहती हैं, प्रचलन से बाहर हो चुकी मुद्रा फिर इतिहास बन जाती है। धर्मेंद्र वर्तमान में विण विकासखंड के राजकीय इंटर कॉलेज ढुंगातोली में लैब सहायक के पद पर कार्यरत हैं। वह कहते हैं कि आगे भी करेंसी का संग्रह करते रहेंगे।

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