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Pithoragarh News: बच्चों और बुजुर्गों को जकड़ रहा कोल्ड डायरिया

Wed, 04 Feb 2026 10:24 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़ Updated Wed, 04 Feb 2026 10:24 PM IST
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Cold diarrhea is affecting children and the elderly
पिथौरागढ़ जिला अस्पताल में बच्चों की जांच करते बाल रोग विशेषज्ञ। संवाद
पिथौरागढ़। सीमांत जिले में पड़ने वाली कड़ाके की ठंड बच्चों और बुजुर्गों की सेहत खराब कर रही है। ठंड के मौसम में बच्चे और बुजुर्ग कोल्ड डायरिया की जकड़ में हैं। अंदाजा लगाया जा सकता है कि जिला अस्पताल में हर रोज 15 से अधिक मरीज कोल्ड डायरिया से जूझते हुए इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। इनमें बच्चों की संख्या में अधिक है।
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जिला अस्पताल प्रबंधन के मुताबिक, बीते कुछ दिनों से कोल्ड डायरिया के मरीज बढ़े हैं। अस्पताल में रोजाना औसतन 520 तक ओपीडी पहुंच रही है। इनमें 15 से अधिक मरीज कोल्ड डायरिया के मिल रहे हैं। आठ से 10 बच्चे कोल्ड डायरिया से जूझते हुए इलाज के लिए पहुंच रहे हैं।
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विशेषज्ञ चिकित्सकों के मुताबिक ठंड की अधिकता के चलते बच्चे दस्त, पेट में जलन, ऐंठन, आंतों में सूजन, वायरल से ग्रसित हो रहे हैं। कई बच्चों की तबीयत अधिक बिगड़ने पर उन्हें भर्ती भी करना पड़ रहा है। ऐसे में बच्चों के स्वास्थ्य के प्रति अभिभावकों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
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बीमार हो रहे बच्चे, इलाज के लिए जिले में सिर्फ एक बाल रोग विशेषज्ञ
सीमांत जिले के बच्चों का स्वास्थ्य भगवान भरोसे है। बीमार बच्चों के इलाज के लिए पूरे जिले में सिर्फ एक बाल रोग विशेषज्ञ है। सेवा विस्तार के जरिये जिला अस्पताल में बाल रोग विशेषज्ञ की तैनाती है यानी पूरे जिले में एक भी स्थायी बाल रोग विशेषज्ञ नहीं है। एकमात्र बाल रोग विशेषज्ञ को ओपीडी के साथ ही जिला अस्पताल में भर्ती बीमार बच्चों के साथ ही नवजातों की जांच और इलाज करना पड़ रहा है। जिला अस्पताल में हर रोज जिले के विभिन्न हिस्सों से 60 से अधिक बच्चे इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। बाल रोग विशेषज्ञ पर दो अस्पतालों की जिम्मेदारी होने से बीमार बच्चों को इलाज के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है।
कोल्ड डायरिया के लक्षण
दस्त, नाक बहना, खांसी और गले में खराश के साथ पेट में दर्द या ऐंठन, बुखार और शरीर में दर्द, तेजी से वजन घटना और कमजोरी कोल्ड डायरिया के प्रमुख लक्षण हैं।
बचाव
दस्त में ओआरएस का घोल जरूरी है। भोजन से पहले अच्छी तरह से हाथ धोने चाहिए। गर्म और ताजा भोजन करने के साथ ही दूषित भोजन से बचाव। लक्षण दिखते ही चिकित्सक की सलाह जरूरी है।

कोट
ठंड की अधिक होने से बच्चे वायरल के साथ ही कोल्ड डायरिया से भी ग्रसित हो रहे हैं। अभिभावकों को बच्चों के स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहना जरूरी है। हर बीमार बच्चे का बेहतर इलाज किया जा रहा है। - डॉ. जेएस नबियाल, बाल रोग विशेषज्ञ, जिला अस्पताल, पिथौरागढ़
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