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कई वर्षों से नहीं हुई पेयजल टैंकों की सफाई
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़
Updated Thu, 15 Mar 2018 10:16 PM IST
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पिथौरागढ़ नगरपालिका स्थित पेयजल टैंक
- फोटो : अमर उजाला
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नगर के पेयजल टैंकों की कई वर्षों से सफाई नहीं हुई। नगरवासी गंदे और दुर्गंधयुक्त आपूर्ति की लगातार शिकायत कर रहे हैं। सीवरयुक्त पानी की आपूर्ति के बाद इन टैंकों में गंदगी जमा होने की आशंका है। लोगों में गंदे पानी की आपूर्ति के बाद आक्रोश के बावजूद विभागीय अधिकारी हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं।
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नगर एवं इससे सटे ग्रामीण इलाकों में जल संस्थान ठुलीगाड़ और घाट पंपिंग योजना के जरिये पेयजल आपूर्ति की जाती है। पिछले माह ठुलीगाड़ पेयजल योजना के स्रोत में सैन्य अस्पताल का सीवर मिल गया था। इसके बाद कई दिनों तक नगर में सीवरयुक्त पानी की आपूर्ति हुई। अब भी गंदा और दुर्गंधयुक्त पानी आने की शिकायतें थम नहीं रही हैं। नगर और ग्रामीण इलाकों में लोग आपूर्ति को लेकर मुखर हो रहे हैं। सीवर युक्त पानी की आपूर्ति के बाद पेयजल टैंकों के प्रदूषित होने की आशंका है। ठुलीगाड़ योजना के पानी में सिल्ट आने से टैंकों के तल पर कीचड़ जमा हो सकता है, लेकिन जल संस्थान ने अब तक प्रदूषित टैंकों की सफाई की जहमत नहीं उठाई है।
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इस बीच पेयजल योजना की पड़ताल में यह तथ्य सामने आया है कि पिछले कई सालों से पानी के टैंकों की सफाई नहीं हुई है। जल संस्थान चंडाक रोड पर लोविनि के पास बने टैंकों, मिशन स्कूल, हनुमान मंदिर, नगर पालिका आदि मुख्य टैंकों से आपूर्ति करता है। इसके अलावा नगर और ग्रामीण इलाकों में विभाग के दर्जन भर टैंक हैं। लापरवाही का आलम यह है कि योजनाओं के रखरखाव से लेकर शुद्ध पेयजल आपूर्ति के जिम्मेदार विभाग ने पिछले कई सालों से टैंकों के भीतर झांका तक नहीं। खुद पेयजल अधिकारियों और कर्मचारियों को याद नहीं कि आखिरी बार टैंकों की सफाई कब हुई थी।
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नालियों के बीच से गुजर रही पेयजल लाइनें
नगर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी संख्या में पेयजल लाइनें नालियों के नीचे और बीच से गुजर रही हैं। सालों पुरानी ये पेयजल लाइनें जगह-जगह क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं। गंदगी से गुजरती ये लाइनें बीमारियों को दावत दे रही हैं। क्षेत्रवासी लगातार लाइनों को बदलने की मांग उठा रहे हैं, लेकिन विभागीय अधिकारी किसी की नहीं सुनते। गंदे और दुर्गंधयुक्त पानी की आपूर्ति का एक कारण ऐसी पेयजल लाइनें भी हो सकती हैं।
ठुलीगाड़ योजना में गंदगी आने के बाद पानी के स्रोत और पंपिंग योजना की पूरी सफाई कराई थी। पेयजल टैंकों की नियमित सफाई की योजना तैयार की जाएगी। नालियों से गुजर रही एवं क्षतिग्रस्त लाइनों को जल्द बदला जाएगा। -विशाल सक्सेना, ईई, जल संस्थान