फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Pithoragarh News ›   Civic aminities

पिथौरागढ़ महाविद्यालय को कैंपस बनाने का विरोध

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Mon, 18 Apr 2022 11:47 PM IST
विज्ञापन
Civic aminities
पिथौरागढ़ महाविद्यालय में विरोध प्रदर्शन करते छात्र। संवाद न्यूज एजेंसी - फोटो : PITHORAGARH
पिथौरागढ़। एलएसएम महाविद्यालय को एसएस जीना विश्वविद्यालय परिसर बनाए जाने पर छात्रों ने सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी छात्रों ने कैंपस अन्यत्र बनाने की मांग उठाई। कहा कि बनी बनाई व्यवस्था के स्वरूप को बिगाड़ने नहीं दिया जाएगा।
विज्ञापन

सोमवार को पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष नितिन मारकाना के नेतृत्व में छात्रों ने महाविद्यालय परिसर में एकत्र होकर नारे लगाए। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय को ही कैंपस बनाने से छात्रों के लिए उच्च शिक्षा का सपना महंगा हो जाएगा। सरकार सिर्फ कॉलेज का नाम बदलकर उसे कैंपस का दर्जा देकर सीमांत के युवाओं के साथ अन्याय कर रही है। वर्तमान में सात हजार से अधिक छात्र पढ़ाई कर रहे हैं। पूर्ण कैंपस बनने के बाद छात्र संख्या दो हजार से भी कम हो जाएगी। पढ़ाई के लिए छात्रों को अधिक फीस देनी होगी। ऐसे में सभी छात्रों के लिए पढ़ाई कर पाना संभव नहीं होगा।
विज्ञापन

छात्र विक्रम खोलिया ने कहा कि सरकार के कैंपस बनाए जाने का स्वागत करते हैं लेकिन महाविद्यालय में कैंपस के लिए व्यवस्थाएं नहीं है। सरकार ने भी विरोध के बावजूद पिथौरागढ़ महाविद्यालय को कैंपस बनाकर गलत किया गया है। ये सीमांत के सभी युवाओं के साथ अन्याय है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने महाविद्यालय से पढ़ाई की और राजनीतिक पदों पर विराजमान हैं वे सीमांत के लोगों की समस्याएं जानते हैं। इसके बावजूद वे भी इस व्यवस्था का विरोध नहीं कर रहे हैं। प्रदर्शन में अभय कुमार, साहिल रावल, अभिषेक खोलिया, नीरज चुफाल, शैलेंद्र शाह, हिमांशु चौहान, प्रकाश मेहता, अंकित कुमार, भरत जिमिवाल, जयदीप देऊपा, महेश चुफाल, सुनील पानू आदि शामिल रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

अन्य जगह बनाया जाए कैंपस
पिथौरागढ़। पूर्व छात्र संघ के पदाधिकारियों ने पिथौरागढ़ महाविद्यालय में कैंपस परिसर बनाए जाने का विरोध किया है। उन्होंने कहा कि वे पूर्व से इसका विरोध करते आ रहे हैं। सरकार को इसके लिए नई जमीन तलाशनी चाहिए। सरकार सिर्फ अपने हित को देख रही है लेकिन कैंपस बनने के बाद नुकसान आम जनता और युवाओं का होगा।
पिथौरागढ़ महाविद्यालय की स्थापना से लेकर अब तक लाखों युवाओं ने पढ़ाई कर जीवन में ऊंचा मुकाम हासिल किया। कैंपस बनने के बाद यहां के युवाओं प्रवेश मिलना मुश्किल हो जाएगा। किसी छात्र का अंक प्रतिशत कम हुआ तो उसके लिए कैंपस में प्रवेश लेना एक सपना रह जाएगा। कैंपस अन्य जगह बनेगा तो लोगों को रोजगार भी मिलेगा।

भगवान रावत, पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष, पिथौरागढ़ महाविद्यालय।
सरकार महाविद्यालय के अस्तित्व को मिटाने पर आमादा है। सरकार को महाविद्यालय को छोड़कर अन्य स्थान पर जगह तलाशकर कैंपस बनाने की कार्यवाही करनी चाहिए। 500 करोड़ से अधिक लागत के स्ट्रक्चर पर सिर्फ थोड़ा धन खर्च कर उस पर कैंपस का बोर्ड लगाना किस तरह का विकास है। कैंपस बनाने के लिए इतनी जल्दबाजी क्यों।
हिमांशु ओझा, पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष, पिथौरागढ़ महाविद्यालय।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed