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Pithoragarh News: मल्लिकार्जुन स्कूल के बच्चों ने बनाया चंद्रयान तीन का प्रज्ञान रोवर
Mon, 24 Jul 2023 10:50 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Mon, 24 Jul 2023 10:50 PM IST
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पिथौरागढ़ मल्लिकार्जुन स्कूल के बच्चों ने चंद्रयान तीन का प्रज्ञान रोवर बनाया है। संवाद
पिथौरागढ़। मल्लिकार्जुन स्कूल पिथौरागढ़ के बच्चों ने चंद्रयान-3 का प्रज्ञान रोवर के डिजाइन पर आधारित रोवर बनाया है। बच्चों ने रोवर एस्ट्रो पाठशाला की कार्यशाला में बनाना सीखा। बच्चे रोवर को दो चरणों में पूरा करेंगे। पहली कार्यशाला में बच्चों ने रोवर के स्ट्रक्चर को डिजाइन किया और उसमें मोटर्स और पहियों की असेंबली की है।
अगली वर्कशॉप में इसका सर्किट डिजाइन बनाया जाएगा। इसमें कैमरा और रोबोटिक हाथ से कनेक्ट करना सीखेंगे यह वाईफाई से कनेक्ट होकर मोबाइल से ऑपरेट होगा। रोवर किसी भी तरह से जमीन पर चल सकता है, ये गड्ढे, पहाड़ और सीढ़ियों पर भी चल सकता है। आने वाली एस्ट्रो पाठशाला की वर्कशॉप में छात्र सेटेलाइट मेकिंग एंड राकेट मेकिंग जैसी तकनीक बहुत ही सरल तरीके से सीखेंगे। मल्लिकार्जुन स्कूल के हरीश जोशी ने बताया कि एस्ट्रो पाठशाला एक स्टार्टअप कंपनी एस्ट्रोवर्स की ओर से विकसित अंतरिक्ष शिक्षा कार्यक्रम है। संवाद
इधर मल्लिकार्जुन स्कूल लोहाघाट में भी एस्ट्रो पाठशाला की कार्यशाला में छात्र- छात्राओं ने चंद्रयान-3 का प्रज्ञान रोवर के डिजायन पर आधारित रोवर तैयार किया। प्रधानाचार्य राहुल सिंह देव ने बताया कि पहली कार्यशाला में छात्रों ने रोवर के ढांचे को तैयार किया और उसमें मोटर और पहियों को जोड़ा गया। उन्होंने बताया कि अगली कार्यशाला में रोवर का सर्किट डिजाइन करेंगे और इसमें कैमरा और रोबोटिक हाथ से कनेक्ट करना सीखेंगे। जो वाईफाई से कनेक्ट होकर मोबाइल से संचालित होगा। उन्होंने बताया कि रोवर किसी भी तरह से जमीन पर चल सकता है। कार्यशाला में छात्र सेटेलाइट मेकिंग एंड राकेट मेकिंग जैसी तकनीक बहुत ही सरल तरीके से सीखेंगे। संवाद
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अगली वर्कशॉप में इसका सर्किट डिजाइन बनाया जाएगा। इसमें कैमरा और रोबोटिक हाथ से कनेक्ट करना सीखेंगे यह वाईफाई से कनेक्ट होकर मोबाइल से ऑपरेट होगा। रोवर किसी भी तरह से जमीन पर चल सकता है, ये गड्ढे, पहाड़ और सीढ़ियों पर भी चल सकता है। आने वाली एस्ट्रो पाठशाला की वर्कशॉप में छात्र सेटेलाइट मेकिंग एंड राकेट मेकिंग जैसी तकनीक बहुत ही सरल तरीके से सीखेंगे। मल्लिकार्जुन स्कूल के हरीश जोशी ने बताया कि एस्ट्रो पाठशाला एक स्टार्टअप कंपनी एस्ट्रोवर्स की ओर से विकसित अंतरिक्ष शिक्षा कार्यक्रम है। संवाद
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इधर मल्लिकार्जुन स्कूल लोहाघाट में भी एस्ट्रो पाठशाला की कार्यशाला में छात्र- छात्राओं ने चंद्रयान-3 का प्रज्ञान रोवर के डिजायन पर आधारित रोवर तैयार किया। प्रधानाचार्य राहुल सिंह देव ने बताया कि पहली कार्यशाला में छात्रों ने रोवर के ढांचे को तैयार किया और उसमें मोटर और पहियों को जोड़ा गया। उन्होंने बताया कि अगली कार्यशाला में रोवर का सर्किट डिजाइन करेंगे और इसमें कैमरा और रोबोटिक हाथ से कनेक्ट करना सीखेंगे। जो वाईफाई से कनेक्ट होकर मोबाइल से संचालित होगा। उन्होंने बताया कि रोवर किसी भी तरह से जमीन पर चल सकता है। कार्यशाला में छात्र सेटेलाइट मेकिंग एंड राकेट मेकिंग जैसी तकनीक बहुत ही सरल तरीके से सीखेंगे। संवाद
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