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सोरघाटी के 22 गांवों में मची चैतोल की धूम
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, पिथौरागढ़।
Updated Mon, 10 Apr 2017 11:56 PM IST
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चेतोल की धूम
- फोटो : अमर उजाला
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पिथौरागढ़। सोरघाटी (पिथौरागढ़) के 22 गांवों में सोमवार से चैतोल की धूम शुरू हो गई है। देवलसमेत बाबा की छतरी 22 गांवों में घुमाई जाएगी। ऐसी मान्यता है कि देवलसमेत बाबा की 22 बहनें थी और उनका सोरघाटी के 22 गांवों में ससुराल है। देवलसमेत बाबा चैत्र के महीने में अपनी बहनों को भिटौली देने जाते हैं।
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यह मान्यता अतीतकाल से चली आ रही है। आज पहले दिन देवलसमेत बाबा की छतरी विण गांव से शुरू होकर देवलालगांव, मखोलीगांव, बस्ते, पंडा, देवकटिया, घुंसेरागांव, मड़, सिलौली, नैनीसैनी, कासनी तक गई। हर गांव में छतरी का पूजन हुआ। देवलसमेत बाबा को सोरघाटी के लोग इष्टदेवता के रूप में पूजते हैं। देवलसमेत बाबा का प्राचीन मंदिर सेरादेवल में है।
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चैतोल का मुख्य आयोजन मंगलवार को होगा। पहले छतरी को 11 अन्य गांवों में घुमाया जाएगा। उसके बाद विण से चैतोल का डोला उठेगा। यह डोला जाखनी, कुमौड़, सिल्थाम, बैंक रोड होते हुए शाम को घंटाकरण स्थित शिव मंदिर के पास पहुंचेगा। वहां पर लुंठ्यूड़ा गांव से आने वाले डोले से इसका मिलन होगा। मिलन के बाद डोले को विसर्जन के लिए विण स्थित तपस्यूड़ मंदिर ले जाया जाएगा।
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इस बार डोले में देवडांगर कुलदीप महर, दीवान सिंह महर और बब्बी लाला बैठेंगे। गांवों में देवलसमेत बाबा की छतरी को घुमाते समय माहौल भक्तिमय हो रहा है। लोग छतरियों पर पुष्पवर्षा और अक्षत चढ़ाते हैं। लोगों का विश्वास है कि देवलसमेत बाबा के आशीर्वाद से इन गांवों में किसी प्रकार की आपदा नहीं आती। चैतोल को लेकर इतना उत्साह है कि बाहर शहरों में नौकरी करने वाले कई लोग घरों में पहुंच गए हैं। इसके अलावा ससुराल से लड़कियां भी मायके आई हैं।
पिथौरागढ़। चैतोल पर्व के समय आस्था और रोमांच दोनों दिखता है। एक ओर गांवों में लोग भक्तिभाव में डूब जाते हैं तो दूसरी ओर डोला ले जाते समय जोश, उल्लास और रोमांच नजर आता है। चैतोल का मुख्य आकर्षण भी डोला यात्रा ही होती है। सोरघाटी के गांवों के साथ साथ नगर के लोग भी इस आयोजन की प्रतीक्षा में रहते हैं।
पिथौरागढ़। घंटाकरण के शिव मंदिर में मंगलवार की शाम होने वाले डोलों के मिलन कार्यक्रम को देखते हुए मंदिर की विशेष सजावट की गई है। मंदिर के पुजारी आनंद बल्लभ जोशी ने बताया कि वर्ष में एक बार होने वाले इस आयोजन के लिए खास तैयारी की गई है। दोनों डोले मंदिर की परिक्रमा करेंगे।