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Pithoragarh News: सीमांत में आज से मचेगी चैतोल की धूम
Tue, 04 Apr 2023 11:29 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Tue, 04 Apr 2023 11:29 PM IST
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पिथौरागढ़। सीमांत जिले में आज और कल चैतोल का पर्व हर्षोल्लास से मनाया जाएगा। इस मौके पर छात और देवडोले गांवों में घुमाए जाएंगे। सोरघाटी में देवलसमेत देवता अपनी 22 बहनों को भिटौली देने जाएंगे। साथ ही लोगों को सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देंगे।
जाखपंत गांव में खंडेनाथ स्वामी अपनी बहन मां भगवती को भिटौली देते हैं। इस पर्व पर बाहर रहने वाले लोग भी गांव आकर देवताओं के दर्शन करते हैं। द्वादशी के दिन गांव से लगभग पांच किमी चढ़ाई कर असुर देवता की पूजा की जाती है। कहा जाता है कि अंग्रेजों के समय से लगान स्वरूप प्रत्येक वर्ष ग्रामीणों की ओर से सामुदायिक पूजा की जाती है।
बुधवार को चतुर्दशी के दिन खंडेनाथ मंदिर में तीन गांव जाखपंत, सिरकुच और मजिरकांडा के लोग एकत्र होकर पूजा-अर्चना कर देवछत्र तैयार करते हैं। देवडांगर अवतरित होकर छत्र घुमाने की अनुमति देते हैं। देवछत्र गांव के प्रत्येक घर में ले जाया जाता है। बृहस्पतिवार को देवछत्र को खंडेनाथ स्वामी के मंदिर में ले जाकर विसर्जन किया जाता है। सामाजिक कार्यकर्ता हरीश चंद्र पंत ने बताया कि गांव के बुजुर्ग इसमें विशेष सहयोग करते हैं। सीमांत के दर्जनों गांवों में दो दिन चैतोल की धूम रहेगी।
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जाखपंत गांव में खंडेनाथ स्वामी अपनी बहन मां भगवती को भिटौली देते हैं। इस पर्व पर बाहर रहने वाले लोग भी गांव आकर देवताओं के दर्शन करते हैं। द्वादशी के दिन गांव से लगभग पांच किमी चढ़ाई कर असुर देवता की पूजा की जाती है। कहा जाता है कि अंग्रेजों के समय से लगान स्वरूप प्रत्येक वर्ष ग्रामीणों की ओर से सामुदायिक पूजा की जाती है।
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बुधवार को चतुर्दशी के दिन खंडेनाथ मंदिर में तीन गांव जाखपंत, सिरकुच और मजिरकांडा के लोग एकत्र होकर पूजा-अर्चना कर देवछत्र तैयार करते हैं। देवडांगर अवतरित होकर छत्र घुमाने की अनुमति देते हैं। देवछत्र गांव के प्रत्येक घर में ले जाया जाता है। बृहस्पतिवार को देवछत्र को खंडेनाथ स्वामी के मंदिर में ले जाकर विसर्जन किया जाता है। सामाजिक कार्यकर्ता हरीश चंद्र पंत ने बताया कि गांव के बुजुर्ग इसमें विशेष सहयोग करते हैं। सीमांत के दर्जनों गांवों में दो दिन चैतोल की धूम रहेगी।
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