{"_id":"614b73628ebc3efb95209cdb","slug":"cctv-fail-in-pithauragarh-pithoragarh-news-hld4389103148","type":"story","status":"publish","title_hn":"पुलिस की तीसरी आंख में मोतियाबिंद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पुलिस की तीसरी आंख में मोतियाबिंद
विज्ञापन
पिथौरागढ़ पुलिस कार्यालय में स्थापित सीसीटीवी कंट्रोल रूम।
- फोटो : PITHORAGARH
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पिथौरागढ़। कहते हैं कि कानून अंधा होता है। ऐसे में तीसरी आंख कही जाने वाले सीसीटीवी कैमरे कई मामलों को सुलझाने में मददगार साबित होते हैं। लेकिन रखरखाव के अभाव इन आंखों का दिखना बंद हो गया है।
वर्ष 2015 में नगर में लगाए गए सीसीटीवी कैमरों में आधे से अधिक खराब चल रह हैं। बावजूद इसके इन्हें ठीक करने के लिए कोई प्रभावी कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। जब से सीसीटीवी कैमरे खराब हुए हैं तब से इन घटनाओं कि नियंत्रण में दिक्कत हो रही है। साथ ही नगर में अराजकता की घटनाएं भी बढ़ी हैं।
पूर्व विधायक मयूख महर ने विधायक निधि से नगर के मुख्य तिराहे, चौराहों और भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर 39 से अधिक सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए थे। वर्तमान में नगर क्षेत्र में लगाए सिर्फ 20 सीसीटीवी कैमरे ही काम कर रहे हैं। 19 सीसीटीवी कैमरे लंबे समय से खराब हैं।
विज्ञापन
कुछ समय पूर्व तक तो सिर्फ तीन ही कैमरे काम कर रहे थे, हालांकि पालिका के सहयोग से 17 सीसीटीवी कैमरों को ठीक कर दिया गया था। सीसीटीवी कैमरों के खराब होने से पुलिस को अपराध नियंत्रण में दिक्कत हो रही है। इन कैमरों की मदद से पुलिस जाम, मारपीट, स्नेचिंग, छेड़खानी आदि की घटनाओं में कार्रवाई कर चुकी है।
लाइट जाते ही बंद हो जाते हैं सीसीटीवी कैमरे
पिथौरागढ़। नगर में जो 20 सीसीटीवी कैमरे काम कर रहे हैं। वह लाइट जाने के बाद बंद हो जाते हैं। पूर्व में कैमरे बंद ना हो इसके लिए इनवर्टर लगाए गए थे, लेकिन वर्तमान में सारे इनवर्टर खराब हो चुके हैं। ऐसे में लाइट जाते ही कैमरे काम करना बंद कर देते हैं।
सीसीटीवी कैमरे खराब होने से अराजकतत्वों के हौसले बुलंद
केस-1
रात के वक्त वाहनों से तेल चुराने और साउंड सिस्टम चुराने की घटनाएं आम हो गई हैं। दो माह पूर्व कुमौड़ और टनकपुर रोड में सड़क किनारे खड़े वाहनों से तेल चोरी के चार से पांच और वाहनों के दरवाजे का लॉक तोड़कर साउंड सिस्टम चुराने के तीन मामले सामने आए थे। चोरी करने वालों की पहचान नहीं होने के कारण पुलिस अपराधियों तक नहीं पहुंच पाई। अगर सीसीटीवी कैमरे सहीं होते तो अपराधियों की पहचान आसानी से हो पाती।
केस-2
जिला महिला अस्पताल के पास कुछ मनचलों ने एक सप्ताह पूर्व राह चलती महिला के साथ छेड़खानी कर दी थी। हालांकि स्थानीय व्यापारियों और वहां से गुजर रहे लोगों ने मनचलों को पकड़ कर उनकी धुनाई लगा दी थी। इसके बाद उनको पुलिस को सौंपा गया था। अगर सीसीटीवी कैमरे ठीक होते तो इस तरह की घटनाएं नहीं होती।
केस-3
छह माह पूर्व पुरानी बाजार में एक अराजकतत्व महिला का पर्स छीनकर भाग गया था। महिला ने इस मामले की शिकायत पुलिस से की थी पर अराजकतत्व की पहचान न होने के कारण पुलिस उसे नहीं पकड़ पाई। सीसीटीवी कैमरे ठीक होने पर अराजकतत्वों उसकी आसानी से पहचान हो सकती थी।
नगर में 19 सीसीटीवी कैमरे खराब चल रहे हैं। सीसीटीवी कैमरों को ठीक करने और नए कैमरे स्थापित करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। इसके लिए कमेटी का गठन किया जाना है, जिसमें लोनिवि, पुलिस और प्रशासन से अधिकारी मौजूद रहेंगे। जो पुराने कैमरों को ठीक करने में आ रहे खर्चे और नई लोकेशन में कैमरे स्थापित करने आदि को लेकर कार्य करेंगे। इसके लिए प्रशासन स्तर पर कार्रवाई चल रही है। - प्रदीप कुमार, निरीक्षक पुलिस कंट्रोल रूम पिथौरागढ़।
विज्ञापन
वर्ष 2015 में नगर में लगाए गए सीसीटीवी कैमरों में आधे से अधिक खराब चल रह हैं। बावजूद इसके इन्हें ठीक करने के लिए कोई प्रभावी कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। जब से सीसीटीवी कैमरे खराब हुए हैं तब से इन घटनाओं कि नियंत्रण में दिक्कत हो रही है। साथ ही नगर में अराजकता की घटनाएं भी बढ़ी हैं।
विज्ञापन
पूर्व विधायक मयूख महर ने विधायक निधि से नगर के मुख्य तिराहे, चौराहों और भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर 39 से अधिक सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए थे। वर्तमान में नगर क्षेत्र में लगाए सिर्फ 20 सीसीटीवी कैमरे ही काम कर रहे हैं। 19 सीसीटीवी कैमरे लंबे समय से खराब हैं।
विज्ञापन
कुछ समय पूर्व तक तो सिर्फ तीन ही कैमरे काम कर रहे थे, हालांकि पालिका के सहयोग से 17 सीसीटीवी कैमरों को ठीक कर दिया गया था। सीसीटीवी कैमरों के खराब होने से पुलिस को अपराध नियंत्रण में दिक्कत हो रही है। इन कैमरों की मदद से पुलिस जाम, मारपीट, स्नेचिंग, छेड़खानी आदि की घटनाओं में कार्रवाई कर चुकी है।
लाइट जाते ही बंद हो जाते हैं सीसीटीवी कैमरे
पिथौरागढ़। नगर में जो 20 सीसीटीवी कैमरे काम कर रहे हैं। वह लाइट जाने के बाद बंद हो जाते हैं। पूर्व में कैमरे बंद ना हो इसके लिए इनवर्टर लगाए गए थे, लेकिन वर्तमान में सारे इनवर्टर खराब हो चुके हैं। ऐसे में लाइट जाते ही कैमरे काम करना बंद कर देते हैं।
सीसीटीवी कैमरे खराब होने से अराजकतत्वों के हौसले बुलंद
केस-1
रात के वक्त वाहनों से तेल चुराने और साउंड सिस्टम चुराने की घटनाएं आम हो गई हैं। दो माह पूर्व कुमौड़ और टनकपुर रोड में सड़क किनारे खड़े वाहनों से तेल चोरी के चार से पांच और वाहनों के दरवाजे का लॉक तोड़कर साउंड सिस्टम चुराने के तीन मामले सामने आए थे। चोरी करने वालों की पहचान नहीं होने के कारण पुलिस अपराधियों तक नहीं पहुंच पाई। अगर सीसीटीवी कैमरे सहीं होते तो अपराधियों की पहचान आसानी से हो पाती।
केस-2
जिला महिला अस्पताल के पास कुछ मनचलों ने एक सप्ताह पूर्व राह चलती महिला के साथ छेड़खानी कर दी थी। हालांकि स्थानीय व्यापारियों और वहां से गुजर रहे लोगों ने मनचलों को पकड़ कर उनकी धुनाई लगा दी थी। इसके बाद उनको पुलिस को सौंपा गया था। अगर सीसीटीवी कैमरे ठीक होते तो इस तरह की घटनाएं नहीं होती।
केस-3
छह माह पूर्व पुरानी बाजार में एक अराजकतत्व महिला का पर्स छीनकर भाग गया था। महिला ने इस मामले की शिकायत पुलिस से की थी पर अराजकतत्व की पहचान न होने के कारण पुलिस उसे नहीं पकड़ पाई। सीसीटीवी कैमरे ठीक होने पर अराजकतत्वों उसकी आसानी से पहचान हो सकती थी।
नगर में 19 सीसीटीवी कैमरे खराब चल रहे हैं। सीसीटीवी कैमरों को ठीक करने और नए कैमरे स्थापित करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। इसके लिए कमेटी का गठन किया जाना है, जिसमें लोनिवि, पुलिस और प्रशासन से अधिकारी मौजूद रहेंगे। जो पुराने कैमरों को ठीक करने में आ रहे खर्चे और नई लोकेशन में कैमरे स्थापित करने आदि को लेकर कार्य करेंगे। इसके लिए प्रशासन स्तर पर कार्रवाई चल रही है। - प्रदीप कुमार, निरीक्षक पुलिस कंट्रोल रूम पिथौरागढ़।