{"_id":"6ac68e71f301015a09033fdd","slug":"car-turns-into-a-fireball-on-the-jauljibi-munsiyari-road-pithoragarh-news-c-230-1-alm1001-147653-2026-10-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Pithoragarh News: जौलजीबी-मुनस्यारी सड़क पर कार बनी आग का गोला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Pithoragarh News: जौलजीबी-मुनस्यारी सड़क पर कार बनी आग का गोला
Wed, 07 Oct 2026 11:54 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Wed, 07 Oct 2026 11:54 PM IST
विज्ञापन
बंगापानी (पिथौरागढ़)। जौलजीबी-मुनस्यारी सड़क पर बंगापानी के पास चलती कार आग का गोला बन गई। ढाई घंटे तक बीच सड़क पर कार धू-धूकर जलती रही। फायर सर्विस के पहुंचने तक कार पूरी तरह जल गई। संयोग से कार का मालिक और चालक समय रहते बाहर निकल गए जिससे उनकी जान बच गई। कार में आग लगने से दोनों तरफ जाम लग गया इससे यात्री और अन्य वाहन काफी देर तक फंसे रहे।
जानकारी के मुताबिक, सेरा सिर्तोला निवासी राजेंद्र सिंह बुधवार सुबह गांव के ही चालक प्रेम सिंह के साथ अपनी स्विफ्ट डिजायर कार से बंगापानी बाजार के लिए निकले। जौलजीबी-मुनस्यारी सड़क पर बंगापानी के रतपतिया छीड़ के पास कार के डैसबोर्ड से धुंआ निकलने लगा। चालक प्रेम सिंह ने अनहोनी की आशंका भांपते हुए कार को बीच सड़क पर रोक दिया।
प्रेम सिंह और कार स्वामी राजेंद्र सिंह जैसे ही कार से बाहर निकले उसमें भीषण आग लग गई। कुछ ही देर में कार आग का गोला बन गई और उससे लपटें उठने लगीं। आसपास आग बुझाने के कोई साधन मौजूद नहीं थे तो दोनों कार को अपनी नजरों के सामने जलता देखने के लिए मजबूर हुए।
विज्ञापन
फायर सर्विस की टीम के पहुंचने से पहले की जलकर खाक हुई कार
आगजनी की घटनाओं को रोकने के दावे तो खूब हो रहे हैं लेकिन बंगापानी में कार में आग लगने की घटना सामने आते ही इनकी हकीकत सामने आई। सुबह नौ बजे के करीब कार में आग लग गई। वाहन स्वामी ने घटना की सूचना फायर सर्विस को दी। फायर सर्विस की टीम को धारचूला से 58 किलोमीटर दूर बंगापानी पहुंचने में ढाई घंटे लग गए। जब टीम करीब साढ़े 11:30 बजे घटनास्थल पर पहुंची तो तब तक बहुत देर हो चुकी थी। धारचूला से लेकर मुनस्यारी, थल, डीडीहाट क्षेत्र में आगजनी की घटनाओं को रोकने के लिए धारचूला और डीडीहाट में फायर यूनिट स्थापित हैं। यदि किसी भी क्षेत्र में आगजनी की घटनाएं सामने आईं तो टीम को मौके पर पहुंचने में लंबा सफर तय करना पड़ता है। इसमें लंबा वक्त भी लगता है। ऐसे में समय पर आग पर काबू पाकर नुकसान को बचाना किसी चुनौती से कम नहीं है।
ढाई घंटे तक लगा जाम, फंसे रहे सैकड़ों वाहन और यात्री
जौलजीबी-मुनस्यारी सड़क पर्यटन नगरी मुनस्यारी को जोड़ती है। वर्तमान में आदि कैलाश यात्रा संचालित है। आदि कैलाश यात्रा के बाद यात्री पर्यटन नगरी मुनस्यारी की प्राकृतिक सुंदरता का आनंद लेने के लिए बड़ी संख्या में जा रहे हैं। बंगापानी में कार में आग लगने से सड़क पर जाम लग गया। ढाई घंटे तक सड़क के दोनों तरफ बड़ी संख्या में वाहन और यात्री फंसे रहे। जब कार की आग शांत हुई तो वाहनों की आवाजाही शुरू हुई और तब जाकर यात्री गंतव्य को रवाना हुए।
सूचना मिलते ही टीम को मौके के लिए भेज दिया गया था, हालांकि 58 किलोमीटर की दूरी और रास्ते के सफर के कारण टीम को पहुंचने में समय लगा। आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है। - केदार पांगती, प्रभारी अग्निशमन अधिकारी, धारचूला यूनिट
विज्ञापन
जानकारी के मुताबिक, सेरा सिर्तोला निवासी राजेंद्र सिंह बुधवार सुबह गांव के ही चालक प्रेम सिंह के साथ अपनी स्विफ्ट डिजायर कार से बंगापानी बाजार के लिए निकले। जौलजीबी-मुनस्यारी सड़क पर बंगापानी के रतपतिया छीड़ के पास कार के डैसबोर्ड से धुंआ निकलने लगा। चालक प्रेम सिंह ने अनहोनी की आशंका भांपते हुए कार को बीच सड़क पर रोक दिया।
विज्ञापन
प्रेम सिंह और कार स्वामी राजेंद्र सिंह जैसे ही कार से बाहर निकले उसमें भीषण आग लग गई। कुछ ही देर में कार आग का गोला बन गई और उससे लपटें उठने लगीं। आसपास आग बुझाने के कोई साधन मौजूद नहीं थे तो दोनों कार को अपनी नजरों के सामने जलता देखने के लिए मजबूर हुए।
विज्ञापन
फायर सर्विस की टीम के पहुंचने से पहले की जलकर खाक हुई कार
आगजनी की घटनाओं को रोकने के दावे तो खूब हो रहे हैं लेकिन बंगापानी में कार में आग लगने की घटना सामने आते ही इनकी हकीकत सामने आई। सुबह नौ बजे के करीब कार में आग लग गई। वाहन स्वामी ने घटना की सूचना फायर सर्विस को दी। फायर सर्विस की टीम को धारचूला से 58 किलोमीटर दूर बंगापानी पहुंचने में ढाई घंटे लग गए। जब टीम करीब साढ़े 11:30 बजे घटनास्थल पर पहुंची तो तब तक बहुत देर हो चुकी थी। धारचूला से लेकर मुनस्यारी, थल, डीडीहाट क्षेत्र में आगजनी की घटनाओं को रोकने के लिए धारचूला और डीडीहाट में फायर यूनिट स्थापित हैं। यदि किसी भी क्षेत्र में आगजनी की घटनाएं सामने आईं तो टीम को मौके पर पहुंचने में लंबा सफर तय करना पड़ता है। इसमें लंबा वक्त भी लगता है। ऐसे में समय पर आग पर काबू पाकर नुकसान को बचाना किसी चुनौती से कम नहीं है।
ढाई घंटे तक लगा जाम, फंसे रहे सैकड़ों वाहन और यात्री
जौलजीबी-मुनस्यारी सड़क पर्यटन नगरी मुनस्यारी को जोड़ती है। वर्तमान में आदि कैलाश यात्रा संचालित है। आदि कैलाश यात्रा के बाद यात्री पर्यटन नगरी मुनस्यारी की प्राकृतिक सुंदरता का आनंद लेने के लिए बड़ी संख्या में जा रहे हैं। बंगापानी में कार में आग लगने से सड़क पर जाम लग गया। ढाई घंटे तक सड़क के दोनों तरफ बड़ी संख्या में वाहन और यात्री फंसे रहे। जब कार की आग शांत हुई तो वाहनों की आवाजाही शुरू हुई और तब जाकर यात्री गंतव्य को रवाना हुए।
सूचना मिलते ही टीम को मौके के लिए भेज दिया गया था, हालांकि 58 किलोमीटर की दूरी और रास्ते के सफर के कारण टीम को पहुंचने में समय लगा। आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है। - केदार पांगती, प्रभारी अग्निशमन अधिकारी, धारचूला यूनिट