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अमरोहा से जिला प्रशासन को सूचना दिए बगैर पिथौरागढ़ पहुंचा दिए भारतीय और नेपाली नागरिक
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पिथौरागढ़ महाविद्यालय शिविर में रूके नेपाली नागरिक। संवाद न्यूज एजेंसी
- फोटो : PITHORAGARH
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पिथौरागढ़/ झूलाघाट। जिला प्रशासन को सूचना दिए बगैर अमरोहा से 8 नेपाली नागरिकों समेत एक यात्री बस को पिथौरागढ़ भेज दिया गया। सीमा पर गेट न खुलने से सभी नेपाली नागरिकों को झूलाघाट से वापस पिथौरागढ़ भेजा गया है।
अमरोहा से बगैर सूचना दिए कई बसों में नेपाली और अन्य यात्रियों को पिथौरागढ़ भेज दिया गया। इनमें से एक बस का पता प्रशासन को लग गया। हालांकि सभी बाहर से आए लोगों को एंचोली में चेकिंग के बाद जिले में प्रवेश करने दिया जा रहा है।
जिला प्रशासन ने सोमवार दोपहर को इन नेपाली नागरिकों को नेपाल जाने के लिए झूलाघाट भेजा था, पर झूलाघाट गेट नहीं खुलने के कारण उन्हें वापस डिग्री कॉलेज भेज दिया गया है। इन नेपाली मजदूरों का कहना है कि वे अमरोहा से 36 हजार रुपये में प्राइवेट बस बुक कराकर यहां पहुंचे थे। बस में आठ नेपाली और 11 भारतीय नागरिक थे। उन्हें बनबसा में उतरना था, लेकिन स्थानीय प्रशासन ने उन्हें वहां नहीं उतरने दिया। इस कारण वे पिथौरागढ़ पहुंच गए हैं। एसडीएम तुषार सैनी का कहना है कि ऐसी कितनी बसें बिना सूचना के पिथौरागढ़ पहुंचीं हैं, इसका पता लगाया जा रहा है। ये सभी लोग अमरोहा में एक कंपनी में मार्केटिंग की ट्रेनिंग ले रहे थे।
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घर से महज कुछ दूरी से लौटाए नेपाली नागरिक
झूलाघाट। नेपाल के आठ नागरिकों को घर के करीब पहुंचने के बावजूद पिथौरागढ़ लौटना पड़ा। नेपाल में लॉकडाउन होने के कारण नेपाल ने देश की सभी सीमाएं सील की हैं। जिस कारण ये नेपाली नागरिक अपने वतन नहीं लौट पाए। इन नेपाली मजदूरों का कहना है कि अमरोहा से पास के लिए ऑनलाइन रजिट्रेशन कराया था। जिसमें कई नेपाली नागरिकों का पता गलत दर्ज हो गया था। थाना प्रभारी महेश चंद्र ने बताया कि इन नेपाली नागरिकों ने अपना पता गोठलापानी, बैतड़ी और बझांग जिला बताया। नेपाली लोगों के साथ बस में सवार झूलाघाट का एक युवक भी आया, जिसे पुलिस ने होम क्वारंटीन कर दिया है। इसके अलावा जो अन्य लोग बस में सवार होकर आए थे उन्हें अपने-अपने क्षेत्र में होम क्वारंटीन कर दिया गया है।
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अमरोहा से बगैर सूचना दिए कई बसों में नेपाली और अन्य यात्रियों को पिथौरागढ़ भेज दिया गया। इनमें से एक बस का पता प्रशासन को लग गया। हालांकि सभी बाहर से आए लोगों को एंचोली में चेकिंग के बाद जिले में प्रवेश करने दिया जा रहा है।
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जिला प्रशासन ने सोमवार दोपहर को इन नेपाली नागरिकों को नेपाल जाने के लिए झूलाघाट भेजा था, पर झूलाघाट गेट नहीं खुलने के कारण उन्हें वापस डिग्री कॉलेज भेज दिया गया है। इन नेपाली मजदूरों का कहना है कि वे अमरोहा से 36 हजार रुपये में प्राइवेट बस बुक कराकर यहां पहुंचे थे। बस में आठ नेपाली और 11 भारतीय नागरिक थे। उन्हें बनबसा में उतरना था, लेकिन स्थानीय प्रशासन ने उन्हें वहां नहीं उतरने दिया। इस कारण वे पिथौरागढ़ पहुंच गए हैं। एसडीएम तुषार सैनी का कहना है कि ऐसी कितनी बसें बिना सूचना के पिथौरागढ़ पहुंचीं हैं, इसका पता लगाया जा रहा है। ये सभी लोग अमरोहा में एक कंपनी में मार्केटिंग की ट्रेनिंग ले रहे थे।
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घर से महज कुछ दूरी से लौटाए नेपाली नागरिक
झूलाघाट। नेपाल के आठ नागरिकों को घर के करीब पहुंचने के बावजूद पिथौरागढ़ लौटना पड़ा। नेपाल में लॉकडाउन होने के कारण नेपाल ने देश की सभी सीमाएं सील की हैं। जिस कारण ये नेपाली नागरिक अपने वतन नहीं लौट पाए। इन नेपाली मजदूरों का कहना है कि अमरोहा से पास के लिए ऑनलाइन रजिट्रेशन कराया था। जिसमें कई नेपाली नागरिकों का पता गलत दर्ज हो गया था। थाना प्रभारी महेश चंद्र ने बताया कि इन नेपाली नागरिकों ने अपना पता गोठलापानी, बैतड़ी और बझांग जिला बताया। नेपाली लोगों के साथ बस में सवार झूलाघाट का एक युवक भी आया, जिसे पुलिस ने होम क्वारंटीन कर दिया है। इसके अलावा जो अन्य लोग बस में सवार होकर आए थे उन्हें अपने-अपने क्षेत्र में होम क्वारंटीन कर दिया गया है।