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Pithoragarh News: बस कम, वह भी पुरानी, आरामदायक सफर कैसे हो तय

Tue, 17 Oct 2023 11:09 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़ Updated Tue, 17 Oct 2023 11:09 PM IST
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Bus less, that too old, how can a comfortable journey be fixed?
पिथौरागढ़। उत्तराखंड परिवहन निगम का पिथौरागढ़ डिपो बस की कमी से जूझ रहा है। मानक पूरे करने के कारण पहाड़ से रिटायर कर मैदान को भेजी गईं 10 बस के स्थान पर पिथौरागढ़ डिपो को नई बस नहीं मिली हैं। उत्तराखंड से लेकर उत्तर प्रदेश के शहरों के लिए पुरानी हो चुकी 43 बस ही संचालित की जा रही हैं। ऐसे में कई बार बस रास्ते में खराब हो जाती हैं और यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
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डिपो के पास वर्तमान में 62 बस हैं जिसमें 43 बस पुरानी हो चुकी हैं। उनके शीशे और सीट खराब हो चुके हैं। कुछ बस के शीशे भी टूटे हुए हैं जिस कारण अब सर्दियों में इन बस में सफर करना और दुष्कर होगा। इसके अलावा डिपो में 43 बस 2016 मॉडल की हैं जबकि 19 बस नए मॉडल की हैं।
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पुरानी हो चुकी बस के साथ ही नए मॉडल की बस भी अक्सर रास्ते में खराब हो जाती हैं। कभी गियर बॉक्स में समस्या, कभी ब्रेक फेल तो कभी कोई अन्य तकनीकी समस्या आए दिन आती रहती है। इसके चलते यात्रियों का सफर काफी मुश्किल भरा हो जाता है।
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इनसेट
धीरे-धीरे बेड़े से कम होती जा रहीं बस
पिथौरागढ़ रोडवेज डिपो के बेड़े में जुलाई 2021 तक 72 बस थीं। तीन लाख किलोमीटर से अधिक चल चुकी 10 बस को वर्ष 2022 में पहाड़ से रिटायर कर मैदान के लिए भेजा गया। इसके बाद इस साल की शुरुआत में दो और बस मैदानी क्षेत्र में भेज दी गईं। इसके बदले अभी तक एक भी नई बस डिपो को नहीं मिली है।
इनसेट
रोडवेज बस में सफर तकलीफ भरा
खस्ताहाल हो चुकी रोडवेज की बस में सफर करने में यात्रियों को कई बार परेशानियों से दो-चार होना पड़ता है। बरसात में कभी-कभी छत से सीट पर पानी आने लगता है। जाड़ों में खिड़की के शीशे ठीक से बंद नहीं होने या शीशे ढीले होने से सर्द हवा के कारण परेशानी का सामना करना पड़ता है।

कोट
हर एक बस को जांच और मरम्मत के बाद ही रूट पर संचालित किया जाता है। शासन से 10 पुरानी बस के बदले नई बस मिलनी हैं। उम्मीद है जल्द ही यह बस बेड़े में शामिल हो जाएंगी जिसके बाद यात्रियों को सहूलियत होगी। - रविशेखर कापड़ी, एआरएम पिथौरागढ़।

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