फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Pithoragarh News ›   Built in files nine years ago, opened this time, so narrow that it is difficult to drive a taxi.

Pithoragarh News: नौ वर्ष पहले फाइलों में बनी, इस बार खुली, संकरी इतनी कि टैक्सी चलाना मुश्किल

Tue, 18 Nov 2025 11:17 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़ Updated Tue, 18 Nov 2025 11:17 PM IST
विज्ञापन
Built in files nine years ago, opened this time, so narrow that it is difficult to drive a taxi.
बंगापानी में बदहाल दारमा सड़क। संवाद
बंगापानी (पिथौरागढ़)। नौ वर्ष पहले दारमा और मदरमा गांवों को सड़क मार्ग से जोड़ दिया गया। 5.50 करोड़ रुपये खर्च होने के बाद यह विकास फाइलों में फला-फूला लेकिन आम लोगों के हिस्से नहीं आया। पुल के पास गड्ढा, लगातार मलबा गिरना और महीनों तक अवरुद्ध मार्ग रहना इसकी पहचान बन गया। इस बार अधिकारियों की मेहरबानी से सड़क खुली तो इतनी संकरी रह गई कि टैक्सी चलाना मुश्किल है। लोग पैदल सफर करने को मजबूर हैं।
विज्ञापन

बंगापानी तहसील के दूरस्थ गांव दारमा के लिए चार और मदरमा के लिए 1.50 करोड़ रुपये से वर्ष 2016 में बनी ये सड़कें शुरुआत से मुसीबतों से घिरी रहीं। इस साल अक्तूबर में अधिकारियों को इसकी याद आई। सड़कों के गड्ढे भरे गए। मलबा हटाकर रास्ता खोला गया। करोड़ों रुपये खर्च कर बनी इन सड़कों पर जगह-जगह संकरे मोड़ हैं। इतने टूटे-फूटे रास्ते हैं कि वाहनों की आवाजाही लगभग नामुमकिन बनी हुई है।
विज्ञापन


बड़े वाहन इन पर नहीं जा सकते। छोटे वाहनों को कई बार आगे-पीछे करके किसी तरह निकाला जा रहा है जिससे दुर्घटना का खतरा हर मोड़ पर मंडरा रहा है। ड्राइवर इन मार्गों पर वाहन चलाने से कतराने लगे हैं। टैक्सी मालिक इन सड़कों पर वाहनों का संचालन करने से हाथ पीछे खींच रहे हैं। ऐसे में ग्रामीणों को पैदल सफर करने के लिए विवश हैं। प्रधान अनिल दुबरिया, पूर्व प्रधान चंद्र सिंह धामी, पूर्व बीडीसी सदस्य विजय कुमार आदि ने जल्द सड़क ठीक न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

मरीज डोली में...बराती पैदल

बीमारों और गर्भवतियों को अस्पताल ले जाने में भी डोली ही सहारा बनी हुई है। गांवों में शादी-ब्याह का दौर चल रहा है, लेकिन सड़क की बदहाली ने खुशी में भी मुश्किलें बढ़ा दी हैं। दूल्हा–दुल्हन और बराती पैदल ही रास्ता तय कर रहे हैं।

बोले लोग

करोड़ों रुपये खर्च होने का लाभ हमें आज तक नहीं मिल पाया है। सिर्फ सड़क काटकर खानापूर्ति कर दी है। इस रास्ते में खतरा अधिक होने से चालक वाहनों का संचालन नहीं कर रहे हैं।

- चतुर सिंह धामी, मदरमा
हमारे गांवों तक बनी सड़कों से गुजरना खतरनाक लगता है। टैक्सी का संचालन मुश्किल हो रहा है और हम पैदल चलने के लिए मजबूर हैं। दोनों सड़कों को ठीक करना चाहिए। - जसपाल सिंह, दारमा
कोट
दारमा और मदरमा की सड़क को पूरा ठीक करने में समय लगेगा। जहां-जहां दिक्कत है वहां सड़क दुरुस्त कराई जाएगी। -सुमित जोशी, जेई, लोनिवि, डीडीहाट
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed