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बस्तड़ी के लोगों के साथ खड़े हुए डीडीहाट वासी
ब्यूरो/अमर उजाला, डीडीहाट
Updated Thu, 28 Jul 2016 10:04 PM IST
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बस्तड़ी
- फोटो : अमर उजाला
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आपदा से बर्बाद बस्तड़ी को फिर से बसाने की मुहिम में डीडीहाट नगर के लोगों ने भी पूरा साथ देने का फैसला लिया है। डीडीहाट के लोगों का कहना है कि बस्तड़ी का संदेश आपदा से त्रस्त होने वाले पूरे प्रदेश में जाना चाहिए कि संकट आने पर भी धैर्य न छोड़ा जाए और हालातों पर शोक मनाने के बजाए नए सिरे से जीवन जीने का संकल्प लिया जाए।
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बस्तड़ी ने आपदा की बड़ी चोट सहन की है, लेकिन इसी बस्तड़ी से एक आवाज यह भी उठी है कि इसे फिर से बसाना है और यह जरूर बसेगा। बस्तड़ी के लोगों को नया बस्तड़ी बसाने में कष्ट जरूर होगा। उनके पास संसाधनों की कमी हो सकती है लेकिन जिस तरह से आसपास के नगरों, कस्बों और गांवों के लोग बस्तड़ी वालों का मनोबल बढ़ा रहे हैं, उससे लगता है कि जल्द यह मुहिम कामयाब होगी और बस्तड़ी के हर आपदा पीड़ित के पास अपना घर होगा। डीडीहाट के कई लोगों ने कहा कि वह बस्तड़ी को बसाने में सहयोग देंगे और उनको जिस तरह की मदद की जरूरत होगी, उपलब्ध कराई जाएगी।
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हर स्तर की मदद देने को तैयार
शिक्षाविद् डीएस पांगती का कहना है कि बस्तड़ी के लोगों ने फिर से बसने का जो विचार दिया है, उससे पूरे देश के सामने नया संदेश गया है। आमतौर पर आपदाओं के बाद लोग इलाके को छोड़ देते हैं। जीवनभर पुनर्वास की लड़ाई लड़ते हैं। अपनी संस्कृति और समाज से बेगाने को हो जाते हैं, लेकिन बस्तड़ी के लोगों ने इन मिथक को तोड़ने का प्रयास किया है। हम बस्तड़ी को मदद देने के लिए तैयार हैं।
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हर प्रधान को मदद के लिए कहेंगे
ग्राम प्रधान संगठन के अध्यक्ष नरेंद्र देउपा का कहना है कि विकासखंड के सभी प्रधानों के सामने यह प्रस्ताव रखा जाएगा कि बस्तड़ी के लोगों को फिर से बसने में मदद करें। वह कहते हैं कि मजबूत इच्छाशक्ति के बल पर कुछ भी हासिल किया जा सकता है। बस्तड़ी के लोगों ने जमीन का चयन कर लिया है। सरकार को चाहिए कि वह तत्काल मकान बनाने के लिए पैसा दे। ताकि नया बस्तड़ी फिर से सामने आ जाए और लोगों की निराशा समाप्त हो।
हर कानूनी मदद दी जाएगी
पैरालीगल वालियंटियर महेश पंत का कहना है कि नया बस्तड़ी बसाने में यदि जमीन के कागजात तैयार करने में कोई दिक्कत आती है तो वह पूरी कानूनी मदद देंगे। उन्होंने बस्तड़ी के लोगों से अपील की कि वह किसी भी समय मदद ले सकते हैं। वह कहते हैं कि बस्तड़ी को अब फिर से बसना ही होगा। यह बड़ा संदेश होगा कि आपदा से लोग विचलित नहीं होते, वरन संगठित होकर आगे बढ़ते हैं।
डीडीहाट के लोग पूरा साथ देंगे
समाजसेवी चामू सिंह भैंसोड़ा का कहना है कि बस्तड़ी की मुहिम में डीडीहाट के लोग पूरा साथ देंगे। उनको जिस तरह की जरूरत होगी उसे पूरा किया जाएगा। वह कहते हैं कि आपदा के बाद पलायन का फैसला नहीं लेना चाहिए। इससे तो पहाड़ खाली हो जाएंगे। बस्तड़ी वालों ने जो संदेश दिया है वह सराहनीय और साहसिक है। अन्य स्थानों के लोग भी इसमें जरूर सहयोग करेंगे।