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Thal: आठ साल बाद भी रामगंगा नदी में नहीं बन सका पुल, 25 किमी का अतिरिक्त फेरा लगा रहे ग्रामीण; बुजुर्ग परेशान

Wed, 05 Feb 2025 05:39 PM IST
हीरा मेहरा अमर उजाला नेटवर्क, पिथौरागढ़
अमर उजाला नेटवर्क, पिथौरागढ़ Published by: हीरा मेहरा Updated Wed, 05 Feb 2025 05:39 PM IST
सार

थल के पास चौसाला-नौलड़ा सड़क पर बन रहा लोहे का पुल विकास के सभी दावों को हवाई साबित कर रहा है। सड़क पर रामगंगा नदी में आठ साल बाद भी पुल धरातल पर नहीं उतर सका है। इससे क्षेत्र के लोग दिक्कतों का सामना कर रहे हैं।

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Bridge could not be built across Ramganga river even after eight years in thal
2016 में शुरू हुआ था पुल का निर्माण - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पिथौरागढ़ जिले के थल के पास चौसाला-नौलड़ा सड़क पर बन रहा लोहे का पुल विकास के सभी दावों को हवाई साबित कर रहा है। सड़क पर रामगंगा नदी में आठ साल बाद भी पुल धरातल पर नहीं उतर सका है। इससे क्षेत्र के लोग दिक्कतों का सामना कर रहे हैं।

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पुंगराऊ और तल्ला जोहार के 15 से अधिक गांवों को जोड़ने के लिए बनी चौसाला-नौलड़ा सड़क पर रामगंगा नदी में वर्ष 2016 में लोहे के पुल का निर्माण शुरू हुआ। आठ साल बाद भी पीएमजीएसवाई सिर्फ पुल की नींव ही डाल सका है। विभाग की इस लेटलतीफी के चलते क्षेत्र की तीन हजार से अधिक की आबादी परेशान है। लोगों को थल मुख्य बाजार पहुंचने के लिए लेजम सड़क से आवाजाही करनी पड़ रही है। इस सड़क से आवाजाही करने में लोग वाहनों में अतिरिक्त किराया देकर 25 किमी का अतिरिक्त फेरा लगा रहे हैं। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि गांवों के विकास के लिए इन्हें सड़क से जोड़ने के दावे किए जा रहे हैं। सड़क बनने से इसका लाभ मिलने की उम्मीद थी लेकिन पुल न बनने से दिक्कत हो रही है।

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बोले ग्रामीण-

ग्राम प्रधान निवासी रिगुनियां का कहना है कि आठ साल से पुल बन रहा है लेकिन इसका निर्माण कार्य कब खत्म होगा इसका पता नहीं है। पुल न बनने से हमें अतिरिक्त किराया चुकाकर और अतिरिक्त दूरी तय कर आवाजाही करनी पड़ रही है। -चंद्र सिंह महरा, पूर्व प्रधान, रिंगुनिया।

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विभाग की लापरवाही के चलते पुल अधर में लटका है। पुल न बनने से सड़क को लाभ नहीं मिल रहा है। विकास के सभी दावे फेल हैं। -मदन सिंह महरा, बल्याऊं।


कोट-पुल की नींव डाली जा चुकी है। मजदूर छुट्टी पर गए हैं। उनके वापस लौटते ही पुल निर्माण का कार्य शुरू होगा। पुल के गार्डर का ऑर्डर दे दिया है। -पूरन पानू, अवर अभियंता, पीएमजीएसवाई, थल।

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