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ब्रास बैंड के प्रदर्शन ने मन मोहा
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़
Updated Tue, 24 Oct 2017 10:14 PM IST
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कुमाऊं राइफल्स के शताब्दी समारोह के समापन पर ब्रास बैंड का प्रदर्शन करते जवान
- फोटो : अमर उजाला
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तीन कुमाऊं रेजीमेंट के शताब्दी वर्ष समारोह का ब्रास बैंडों के प्रदर्शन के साथ समापन हो गया है। तीन कुमाऊं राइफल्स, कुमाऊं रेजीमेंटल सेंटर, जाट रेजीमेंटल सेंटर, 17 कुमाऊं रेजीमेंट, 8 कुमाऊं रेजीमेंट, कुमाऊं स्काउट्स, 28 पंजाब रेजीमेंट ब्रास बैंड ने पारंपरिक धुनों से सभी का मन मोह लिया।
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कर्नल ऑफ द कुमाऊं रेजीमेंट, नागा और कुमाऊं स्काउट्स लेफ्टीनेंट जनरल भूपेंद्र सिंह शहरावत (सेना मेडल) की मौजूदगी में हुए ब्रासबैंड के प्रदर्शन के दौरान सूबेदार नरेश थापा के नेतृत्व में ‘यो छ हमरि देव भूमि’ की धुन के साथ कुमाऊं रेंजीमेंटल सेंटर और जाट रेजीमेंटल सेंटर के ब्रास बैंड ने मैदान में प्रवेश किया।
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कदम-कदम बढ़ाए जा, खुशी के गीत गाए जा, सारे जहां से अच्छा हिंदोस्तां हमारा समेत कई धुनें प्रस्तुति की गई। शहीदों को समर्पित धुन रिट्रीट बजाई गई। हवलदार नवीन चंद्र के नेतृत्व में पाइप और ड्रम बैंड के सदस्यों ने आकर्षक धुनों से मंत्रमुग्ध किया। 100 पाइपर्स क्विक मार्च, स्काई बोट सौंग, स्लो मार्च, सेनानी क्विक मार्च, स्ट्राचपे मार्च, रील मार्च, कठपालिया मार्चस स्लो मार्च, ब्लेसिंग ऑफ गॉड, अल्मोड़ा मार्च की मधुर धुन बजाई।
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सोमवार को देर रात तक चले समापन कार्यक्रम में बताया गया कि कुमाऊं राइफल्स के पाइप और ब्रैंड की स्थापना तत्कालीन कमान अधिकारी कुमाऊं राइफल्स लेफ्टीनेंट कर्नल ए लाथम ने वर्ष 1924 में की थी। कुमाऊं रेजीमेंटल सेंटर के पाइप और ड्रम बैंड की स्थापना 21 मार्च 1923 को हुई। इस दौरान शताब्दी वर्ष के तहत हुए कार्यक्रमों की जानकारी दी गई। समारोह में सेवारत, सेवानिवृत्त अधिकारी, जवान और उनके परिजन मौजूद थे।