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खड़िया खनन के खिलाफ मुखर हुए बजेता के ग्रामीण
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नन के विरोध में कलक्ट्रेट में प्रदर्शन करते ग्रामीण। संवाद
- फोटो : PITHORAGARH
पिथौरागढ़। बांसबगड़ क्षेत्र के बजेता में प्रस्तावित खड़िया खनन के खिलाफ ग्रामीण मुखर हो गए हैं। ग्रामीणों ने खड़िया खनन से आबादी को खतरा बताते हुए कलक्ट्रेट में प्रदर्शन किया और जिलाधिकारी से स्थलीय निरीक्षण करने की मांग की।
बृहस्पतिवार को बांसबगड़ से पिथौरागढ़ पहुंचे बजेता के ग्रामीणों ने कहा कि गांव की 17.967 हेक्टेअर भूमि में खड़िया खनन प्रस्तावित है।खड़िया खनन के खिलाफ एक वर्ष पूर्व जिलाधिकारी कार्यालय में आपत्ति दर्ज कराई थी। 24 दिसंबर 2019 को मुनस्यारी के एसडीएम और खान अधिकारी ने केवल हुमलता तोक का निरीक्षण किया। जबकि कोलियाबगड़ तोक के अनुसूचित जाति के 15 परिवारों का निरीक्षण नहीं किया गया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि निरीक्षण के दौरान इस तोक का एक भी व्यक्ति मौके पर नहीं था इसके बावजूद रिपोर्ट में प्रभावित परिवार को उपस्थित बताया गया।
ग्रामीणों ने कहा कि प्रस्तावित खनन स्थल ढलान में है। यदि इसमें खनन होता है तो जमीन खिसकने का खतरा होगा। रोपासेड़ तोक में स्कूल भी खनन क्षेत्र के ऊपर है। कहा कि खनन होने पर गांव के रास्ते, पेयजल स्रोत, चरागाह आदि को नुकसान पहुंचेगा। ग्रामीणों ने डीएम को ज्ञापन सौंपकर प्रस्तावित खनन स्थल का निरीक्षण करने की मांग की। ज्ञापन में इंद्र सिंह, केदार राम, आनंद राम, राजेंद्र कुमार, लछम राम, मोहन राम सहित तमाम ग्रामीणों के हस्ताक्षर हैं।
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बृहस्पतिवार को बांसबगड़ से पिथौरागढ़ पहुंचे बजेता के ग्रामीणों ने कहा कि गांव की 17.967 हेक्टेअर भूमि में खड़िया खनन प्रस्तावित है।खड़िया खनन के खिलाफ एक वर्ष पूर्व जिलाधिकारी कार्यालय में आपत्ति दर्ज कराई थी। 24 दिसंबर 2019 को मुनस्यारी के एसडीएम और खान अधिकारी ने केवल हुमलता तोक का निरीक्षण किया। जबकि कोलियाबगड़ तोक के अनुसूचित जाति के 15 परिवारों का निरीक्षण नहीं किया गया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि निरीक्षण के दौरान इस तोक का एक भी व्यक्ति मौके पर नहीं था इसके बावजूद रिपोर्ट में प्रभावित परिवार को उपस्थित बताया गया।
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ग्रामीणों ने कहा कि प्रस्तावित खनन स्थल ढलान में है। यदि इसमें खनन होता है तो जमीन खिसकने का खतरा होगा। रोपासेड़ तोक में स्कूल भी खनन क्षेत्र के ऊपर है। कहा कि खनन होने पर गांव के रास्ते, पेयजल स्रोत, चरागाह आदि को नुकसान पहुंचेगा। ग्रामीणों ने डीएम को ज्ञापन सौंपकर प्रस्तावित खनन स्थल का निरीक्षण करने की मांग की। ज्ञापन में इंद्र सिंह, केदार राम, आनंद राम, राजेंद्र कुमार, लछम राम, मोहन राम सहित तमाम ग्रामीणों के हस्ताक्षर हैं।
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