फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Pithoragarh News ›   Berinag engaged in hand-drying

बेड़ीनाग में भी सूखने लगे हैंडपंप

Sat, 16 Apr 2016 10:36 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बेड़ीनाग
ब्यूरो/अमर उजाला, बेड़ीनाग Updated Sat, 16 Apr 2016 10:36 PM IST
विज्ञापन
Berinag engaged in hand-drying
जल संकट - फोटो : अमर उजाला

बेड़ीनाग में लगाए गए सभी हैंडपंपों का जलस्तर कम हो गया है। भटीगांव में लगाया गया हैंडपंप सूख चुका है। नगर में अन्य स्थानों पर जितने भी हैंडपंप लगे हैं, उनमें काफी देर तक मशक्कत के बाद एक बाल्टी पानी मिल पा रहा है। लोग सुबह से शाम तक पानी का इंतजाम करने में जुटे रहते हैं। गोरघटिया पंपिंग पेयजल योजना से नाममात्र का पानी लिफ्ट होने से 15 हजार की आबादी इस समय घोर संकट में है।

विज्ञापन


प्रचंड गर्मी से प्राकृतिक स्रोत सूखने लगे हैं। अब तक हैंडपंपों से काम चला रहे लोगों को अब हैंडपंप भी राहत नहीं पहुंचा रहे हैं। बेड़ीनाग की भौगोलिक स्थिति इस प्रकार की है कि यहां पर आसपास कोई नदी नहीं बहती। नगर के लिए गोरघटिया पंपिंग योजना से पानी लिफ्ट किया जाता है, लेकिन यह योजना पांच साल पहले ही जवाब दे चुकी थी। बेड़ीनाग के लिए थल रामगंगा से लिफ्ट पेयजल योजना का प्रस्ताव अभी शासन स्तर पर अटका हुआ है।
विज्ञापन


बेड़ीनाग नगर से सटे ढनौली, सांगड़, भटीगांव, खितोली, ग्वीर, बना में भी पानी का गंभीर संकट है। लोग कोई बड़ा धार्मिक या सामाजिक आयोजन करने से भी कतरा रहे हैं। इस बीच जल संस्थान ने नगरीय इलाके में टैंकरों से पानी का वितरण तो शुरू कर दिया है, लेकिन गांवों तक टैंकरों से पानी का वितरण संभव नहीं है। जल संस्थान के अवर अभियंता गजेंद्र सिंह ने लोगों से अपील की है कि स्थिति से निपटने में सहयोग दें। 
विज्ञापन
विज्ञापन


बेड़ीनाग के लिए तत्काल नई योजना बने
बेड़ीनाग। भटीगांव निवासी जीवन चंद्र पंत का कहना है कि बेड़ीनाग के लिए तत्काल नई पेयजल योजना बनाई जाए। हैंडपंपों, प्राकृतिक स्रोतों के सहारे पेयजल की व्यवस्था कर पाना अब संभव नहीं है। बढ़ती आबादी के हिसाब से पानी का इंतजाम नहीं हो पा रहा है। वह कहते हैं कि जल्दी नई पेयजल योजना बनाई जाए।

घर के अन्य काम हो रहे प्रभावित
बेड़ीनाग। भटीगांव निवासी रश्मि पंत का कहना है कि पानी जुटाने के चक्कर में घर के अन्य जरूरी काम प्रभावित हो रहे हैं। वह कहती हैं कि पानी के लिए ऐसी आफत पहले कभी नहीं देखी। पता नहीं कब तक यह संकट बना रहेगा। जल्दी समाधान निकालने के लिए अधिकारियों और नेताओं को ध्यान देना चाहिए।

टुल्लू पंप लगाया तो दर्ज होगा मुकदमा
पिथौरागढ़। जल संस्थान ने जिला मुख्यालय में लगातार गंभीर हो रही पेयजल की समस्या को देखते हुए कुछ जरूरी कदम उठाए हैं। अब यदि कोई व्यक्ति टुल्लू पंप लगाते पकड़ा गया तो उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा। जल संस्थान के अधिशासी अभियंता आरके वर्मा ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति के घर को जाने वाली पानी की लाइन में लीकेज हो तो उसे वह खुद ही ठीक करेगा। पेयजल लाइन से छेड़छाड़, कनेक्शन की शिफ्टिंग जैसा कदम यदि विभाग की अनुमति के बिना किया गया तो कार्रवाई की जाएगी। पेयजल का उपयोग किसी भी दशा में भवन निर्माण, सिंचाई, गार्डनिंग, वाहन की धुलाई जैसे काम के लिए न किया जाए। जिलाधिकारी एचसी सेमवाल लगातार पेयजल सप्लाई की स्थिति का जायजा ले रहे हैं। उन्होंने कहा है कि किसी भी दशा में पेयजल का अपव्यय नहीं किया जाना चाहिए।


डीडीहाट में सामाजिक संगठन बांटने लगे पानी
डीडीहाट (पिथौरागढ़)। डीडीहाट नगर के लिए जिन नौ प्राकृतिक स्रोतों का पानी एकत्र कर लाया जाता है उनमें से चार स्रोत सूख गए हैं। शेष पांच स्रोतों का पानी 50 फीसदी तक कम हो गया है। नगर के हर मोहल्ले में पेयजल को लेकर मचे हाहाकार से निपटने के लिए अब सामाजिक संगठन आगे आ गए हैं। डीडीहाट यूथ सोसायटी के संरक्षक विजेंद्र मेहता के नेतृत्व में युवाओं ने शनिवार को गांधी चौक, नार्मल चौराहा, तहसील रोड में पानी बांटा। जल संस्थान के अधिशासी अभियंता बिलाल यूनुस ने कहा कि जनसहयोग से ही पेयजल संकट से निपटा जा सकता है। पानी का वितरण करने में डीडीहाट यूथ सोसायटी के अध्यक्ष संजू पंत, नरेंद्र बोरा, प्रकाश बोरा आदि सहयोग दे रहे हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed