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Hindi News ›   Uttarakhand ›   Pithoragarh News ›   Benap land to tenant names would be recommended

बेनाप भूमि काश्तकार के नाम करने की होगी संस्तुति

Mon, 11 Jan 2016 09:54 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला,पिथौरागढ़
ब्यूरो/अमर उजाला,पिथौरागढ़ Updated Mon, 11 Jan 2016 09:54 PM IST
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उत्तराखंड विधि और परिसीमन आयोग जल्द ही सरकार को भूमि सुधार कानून में संसोधन की संस्तुति करेगा। आयोग सालों से काश्तकारों के कब्जे वाली भूमि को काश्तकारों के नाम करने समेत कई संस्तुतियां सरकार को करने जा रहा है।

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आयोग के उपाध्यक्ष दर्जा राज्यमंत्री रमेश कापड़ी ने यहां पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री हरीश रावत उत्तर प्रदेश के समय से चले आ रहे भूमि प्रबंधन कानून में संसोधन के लिए गंभीरता से काम कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने तीन महीने की अवधि के लिए विधि अध्ययन समिति का गठन कर भूमि कानूनों की समीक्षा कराई। उसके बाद समिति को उत्तराखंड विधि और परिसीमन आयोग में तब्दील कर दिया गया। आयोग को भू कानून, अधिनियमों में संसोधन पर रिपोर्ट सरकार को सौंपनी है। जो भू कानून प्रभावी नहीं है, सरकार उनको समाप्त करने की मंशा रखती है। भूमि सुधार कानून पहाड़ से पलायन रोकने में भी कारगर साबित होगा।
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आयोग के उपाध्यक्ष कापड़ी ने कहा कि सदियों से काश्तकारों के कब्जे में बेनाप भूमि है, जिस पर उनका मालिकाना हक नहीं है। कहा कि जनवरी अंतिम सप्ताह अथवा फरवरी प्रथम सप्ताह आयोग सरकार को रिपोर्ट सौंपेगा। जिसमें बेनाप भूमि कब्जेदारों के नाम करने की संस्तुति की जाएगी। कहा अनुसूचित जाति, जनजाति के लोग आपस में ही जमीन की खरीद फरोक्त कर सकते हैं। इस समाज के लोग सवर्णों से खरीदी गई जमीन को भी बेच नहीं सकते। सवर्णों से खरीदी गई जमीन को बेचने का अधिकार दिलाने की भी संस्तुति की जाएगी।
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