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घंटी बढ़ाएगी संग्रहालय की शोभा
कालिका रावल/अमर उजाला, पिथौरागढ़
Updated Mon, 21 Sep 2015 10:49 PM IST
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हाट कालिका (गंगोलीहाट का महाकाली मंदिर) के दरबार में मौजूद रावलपिंडी (पाकिस्तान) से लाई गई मां की शक्ति और कुमाऊं रेजीमेंट के वीर जवानों की भक्ति से जुड़ी ऐतिहासिक घंटी के संरक्षण के लिए मंदिर कमेटी इसे संग्रहालय में रखने की योजना बना रही है। कुमाऊं रेजीमेंट हाट कालिका के दरबार में हर निर्माण कार्य में सहभागी रही है। द्वितीय विश्वयुद्ध की यादगार घंटी को रखने के लिए मंदिर कमेटी म्यूजियम बनाने को केआरसी के उच्चाधिकारियों से संपर्क करेगी।
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मंदिर कमेटी के अध्यक्ष देब सिंह रावल, संरक्षक नैन सिंह रावल, सचिव पंकज पंत, दीप पंत, सूबेदार मोहन सिंह रावल, शंकर सिंह रावल, भगवत सिंह रावल, षष्टी रावल ने कहा कि इस घंटी का संरक्षण पुजारी समुदाय पुरातन समय से करते आ रहा है। संग्रहालय बनाने के संबंध में कुमाऊं रेजीमेंटल सेंटर रानीखेत से संपर्क किया जाएगा। भव्य म्यूजियम में ऐतिहासिक घंटी को रखा जाएगा।
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बताया कि भारी वजनी घंटी को इन दिनों सुरक्षित स्थान पर रखा गया है, उसकी मामूली मरम्मत होनी है। घंटी द्वितीय विश्व युद्ध की समाप्ति के बाद रावलपिंडी से दिसंबर 1945 में कुमाऊं रेजीमेंट के जवानों, अधिकारियों ने मंदिर में अर्पित की थी। घंटी में सैनिक छावनी रावलपिंडी, अधिकारी, जवानों के नाम खुदे हैं।
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घंटी शोधार्थियों के लिए अच्छा विषय
पुजारी समुदाय के रिटायर्ड परियोजनाधिकारी कल्याण सिंह रावल, शिक्षाविद किशन सिंह रावल कहते हैं कि ऐतिहासिक घंटी शोधार्थियों के लिए भी अच्छा विषय है, इस पर विस्तृत शोध किया जा सकता है।