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बेड़ीनाग में सभी हैंडपंप सूखे

Thu, 28 Apr 2016 10:35 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बेड़ीनाग
ब्यूरो/अमर उजाला, बेड़ीनाग Updated Thu, 28 Apr 2016 10:35 PM IST
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Bedhinag all hand pumps dry
हैंडपंप सूखे - फोटो : अमर उजाला

नगर के आसपास जल संस्थान एवं लोगों ने निजी तौर पर जितने भी हैंडपंप लगाए थे, वह इस बार समय से पहले ही सूख गए हैं। बारिश न होने से भूजल का स्तर कम हो गया है। अब 40 फीट की गहराई वाले हैंडपंप से भी पानी नहीं निकल रहा है। पिछले साल तक हैंडपंप मई में भी लोगों की प्यास बुझाते थे। इस बार यह पहला मौका है जब हैंडपंपों का पानी अप्रैल में ही सूख गया है।

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नगर क्षेत्र में जल संस्थान के एक दर्जन हैंडपंप हैं, जिस समय हैंडपंप लगाए गए उस समय जमीन की नमी का आकलन किया गया, जहां पर भूमिगत पानी उपलब्ध था वहां पर इन हैंडपंपों को लगाया गया। बताया गया कि नगर क्षेत्र के कुछ हैंडपंप तो पहले से ही खराब चल रहे हैं, लेकिन जिनमें थोड़ा बहुत पानी आता था वह इस बार सूख गए हैं। जमीन में नमी का स्तर समाप्त हो गया है, यदि जल्दी बारिश नहीं हुई तो स्थिति और गंभीर होने वाली है।
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लोगों का कहना है कि पेयजल संकट के समय राहत देने वाले हैंडपंप इस बार खुद ही आफत से घिर गए हैं। सूखे की स्थिति इतनी भयावह है कि अब सिर्फ प्राकृतिक स्रोतों में ही पानी रह गया है। सरकारी पेयजल योजनाएं लगभग ठप हो गई हैं। जिले में बेड़ीनाग ही एकमात्र ऐसा इलाका है जहां पर पेयजल का सबसे गंभीर संकट बना रहता है।
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गलत नियोजन के कारण बढ़ा संकट
बेड़ीनाग निवासी अंकिता शर्मा का कहना है कि पानी का संकट गलत नियोजन के कारण ज्यादा बढ़ा है, यदि पेयजल योजनाओं से लगातार पानी मिलता रहता तो शायद इतनी गंभीर स्थिति नहीं आती। वैसे गर्मियों में लोग पानी के संकट को झेलने के लिए मानसिक तौर पर तैयार रहते हैं लेकिन इतनी हाहाकार की उम्मीद नहीं रहती।


टैंकरों के सहारे कब तक चलेगी व्यवस्था
बेड़ीनाग निवासी बलवंत राठौर का कहना है कि लोग जल संस्थान के टैंकरों के सहारे कब तक पानी का इंतजाम करेंगे। यह सोचने वाली बात है। टैंकर से पानी बांटने का सिस्टम भी सही नहीं रहता। लोगों के लिए पेयजल की स्थायी व्यवस्था होनी चाहिए। इससे कम से कम लोग घर में आने वाले पानी से व्यवस्था कर सकें।

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