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बिण ब्लॉक में नहीं पहुंचे अधिकारी, बीडीसी बैठक रद्द
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बिण ब्लाक में प्रस्तावित बीडीसी बैठक अधिकारियों के नहीं पहुंचने पर बैठक को रद्द करना पड़ा।
- फोटो : PITHORAGARH
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पिथौरागढ़। विकासखंड बिण में प्रस्तावित बीडीसी बैठक में अधिकारियों के न पहुंचने पर बैठक नहीं हो पाई। इससे नाराज ग्राम प्रधानों और क्षेत्र पंचायत सदस्यों ने नाराजगी जताई। उनका कहना है कि बैठक की सूचना पहले देने के बाद भी अधिकारियों के बैठक में न पहुंचना गंभीर लापरवाही है।
बिण ब्लॉक में बृहस्पतिवार को बैठक प्रस्तावित थी। ब्लॉक प्रमुख लक्ष्मी गोस्वामी ने कहा कि बैठक में शामिल होकर विकासखंड की सभी ग्राम पंचायतों से ग्राम प्रधान और क्षेत्र पंचायत सदस्य तय समय पर पहुंचे, लेकिन कई विभागों से अधिकारी बैठक में नहीं पहुंचे। इस कारण बैठक स्थगित करनी पड़ी।
उन्होंने कहा कि जिला स्तर के अधिकारियों को तीन महीने पहले सूचना दे दी गई थी, लेकिन बैठक में अधिकारी नहीं पहुंचे। उनका कहना है कि पहले हुई बैठक में भी ऐसे ही अधिकारियों ने लापरवाही की। उन्होंने कहा कि अधिकारी खुद आने के बजाय प्रतिनिधियों को ही भेजते हैं। ऐसे में जरूरी कार्यवाही पूरी न होने के कारण ग्राम पंचायतों के खातों से 15वें वित्त की राशि खर्च नहीं हो सकी है।
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सांसद प्रदीप टम्टा के प्रतिनिधि संतोष गोस्वामी ने बताया कि बीडीसी बैठक का रोस्टर राज्य सरकार तय करती है। बैठक के 90 दिन पहले तिथि तय होती है। संबंधित अधिकारियों को निर्देश होते हैं कि उस दिन दूसरे कार्यक्रम न लगाए जाएं। इसके बावजूद बीडीसी जैसी अहम बैठक में अधिकारियों का न पहुंचना निंदनीय है।
सांसद प्रतिनिधि अजय टम्टा के प्रतिनिधि गणेश भंडारी का कहना है कि जब जिला मुख्यालय से जुड़े ब्लॉक में अधिकारी नहीं आएंगे तो दूरस्थ गांवों तक विकास की किरण कैसे पहुंचेगी।
देर तक इंतजार के बावजूद अधिकारियों के न आने से नाराज पंचायत प्रतिनिधियों को लौटना पड़ा। क्षेत्र पंचायत सदस्य रेनू देवी, भागीरथी देवी, ग्राम प्रधान किशन सिंह धामी, प्रधान संगठन की अध्यक्ष जानकी देवी, विमला देवी, इंदु देवी ने नाराजगी जताई।
जल जीवन मिशन संबंधी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग बृहस्पतिवार को ही थी। इसके बाद मुख्यमंत्री की घोषणाओं की समीक्षा थी। इस वजह से शायद अधिकारी बैठक में शामिल नहीं हो पाए होंगे। बीडीसी बैठक में क्षेत्र के विकास के लिए योजनाएं बनती हैं, इसलिए सभी अधिकारियों को इनमें शामिल होने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।
- आनंद स्वरूप, डीएम पिथौरागढ़।
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बिण ब्लॉक में बृहस्पतिवार को बैठक प्रस्तावित थी। ब्लॉक प्रमुख लक्ष्मी गोस्वामी ने कहा कि बैठक में शामिल होकर विकासखंड की सभी ग्राम पंचायतों से ग्राम प्रधान और क्षेत्र पंचायत सदस्य तय समय पर पहुंचे, लेकिन कई विभागों से अधिकारी बैठक में नहीं पहुंचे। इस कारण बैठक स्थगित करनी पड़ी।
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उन्होंने कहा कि जिला स्तर के अधिकारियों को तीन महीने पहले सूचना दे दी गई थी, लेकिन बैठक में अधिकारी नहीं पहुंचे। उनका कहना है कि पहले हुई बैठक में भी ऐसे ही अधिकारियों ने लापरवाही की। उन्होंने कहा कि अधिकारी खुद आने के बजाय प्रतिनिधियों को ही भेजते हैं। ऐसे में जरूरी कार्यवाही पूरी न होने के कारण ग्राम पंचायतों के खातों से 15वें वित्त की राशि खर्च नहीं हो सकी है।
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सांसद प्रदीप टम्टा के प्रतिनिधि संतोष गोस्वामी ने बताया कि बीडीसी बैठक का रोस्टर राज्य सरकार तय करती है। बैठक के 90 दिन पहले तिथि तय होती है। संबंधित अधिकारियों को निर्देश होते हैं कि उस दिन दूसरे कार्यक्रम न लगाए जाएं। इसके बावजूद बीडीसी जैसी अहम बैठक में अधिकारियों का न पहुंचना निंदनीय है।
सांसद प्रतिनिधि अजय टम्टा के प्रतिनिधि गणेश भंडारी का कहना है कि जब जिला मुख्यालय से जुड़े ब्लॉक में अधिकारी नहीं आएंगे तो दूरस्थ गांवों तक विकास की किरण कैसे पहुंचेगी।
देर तक इंतजार के बावजूद अधिकारियों के न आने से नाराज पंचायत प्रतिनिधियों को लौटना पड़ा। क्षेत्र पंचायत सदस्य रेनू देवी, भागीरथी देवी, ग्राम प्रधान किशन सिंह धामी, प्रधान संगठन की अध्यक्ष जानकी देवी, विमला देवी, इंदु देवी ने नाराजगी जताई।
जल जीवन मिशन संबंधी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग बृहस्पतिवार को ही थी। इसके बाद मुख्यमंत्री की घोषणाओं की समीक्षा थी। इस वजह से शायद अधिकारी बैठक में शामिल नहीं हो पाए होंगे। बीडीसी बैठक में क्षेत्र के विकास के लिए योजनाएं बनती हैं, इसलिए सभी अधिकारियों को इनमें शामिल होने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।
- आनंद स्वरूप, डीएम पिथौरागढ़।