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Pithoragarh News: बाजार बंद रखकर बनबसा के व्यापारियों जताया विरोध
Sat, 07 Jun 2025 10:40 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Sat, 07 Jun 2025 10:40 PM IST
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बनबसा में रेलवे प्रशासन के खिलाफ सभा कर नाराजगी जताते लोग। संवाद
बनबसा (चंपावत)। रेलवे की भूमि किराये पर लेकर लंबे समय से कारोबार करने वाले स्थानीय व्यापारियों ने शनिवार को बाजार बंद रखकर रेलवे प्रशासन के खिलाफ विरोध जताया। उन्होंने कहा कि रेलवे नई नीति के तहत नीलामी व्यवस्था लागू कर रहा है जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पांच दुकानों की 10 जून को पीलीभीत में नीलामी की जानी है।
शनिवार को बनबसा के व्यापारियों ने नीलामी के विरोध में बाजार बंद रखकर रेलवे प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर जुलूस निकाला। बाद में हुई सभा में व्यापारियों ने कहा कि बनबसा में रेलवे भूमि पर करीब छह से सात दशकों से 117 छोटे-बड़े व्यापारी कारोबार कर अपना परिवार पाल रहे हैं। अब रेलवे की नई नीलामी प्रथा से उनके हितों पर कुठाराघात किया जा रहा है। रेलवे प्रशासन को ज्ञापन आदि भेजे गए लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। इस कारण उन्हें अब बाजार बंद करना पड़ रहा है।
सांसद प्रतिनिधि संजय जोशी ने बताया कि उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर अपर सचिव जगदीश कांडपाल के मंडल रेलवे प्रबंधक को संशोधित पत्र को भी रेलवे अधिकारियों ने देखने तक का प्रयास तक नहीं किया। सभा को व्यापार मंडल प्रदेश उपाध्यक्ष शंकर लाल वर्मा, व्यापार मंडल अध्यक्ष भरत भंडारी और पूर्व व्यापार मंडल अध्यक्ष परमजीत सिंह गांधी ने भी संबोधित किया। संचालन महामंत्री अभिषेक गोयल ने किया।
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रेलवे मंडल कोऑर्डिनेटर ने सुनी समस्या
बीते दिवस बनबसा के व्यापारियों का प्रतिनिधिमंडल सांसद प्रतिनिधि संजय जोशी के नेतृत्व में बरेली स्थित रेलवे के डीआरएम से मिलने गया। करीब पांच घंटे बैठने के बाद भी डीआरएम ने उनसे मिलने की जहमत नहीं उठाई। बाद में मंडल कोऑर्डिनेटर भारत भूषण ने व्यापारियों की बात सुनी। उन्होंने बताया कि नई व्यवस्था रेलवे बोर्ड का फैसला है, इसका उन्हें पालन कराना है। उन्होंने कहा कि व्यापारी अपनी समस्या रेलवे बोर्ड के समक्ष रख सकते हैं।
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फोन नहीं उठाने वाले अधिकारियों पर हो कार्रवाई
बीते दिवस बनबसा से बरेली पहुंचे व्यापारी रेलवे के बरेली स्थित डीआरएम से काफी नाराज हैं। उनका कहना है मिलने का समय तय होने पर भी व्यापारियों को पांच घंटे बैठाकर डीआरएम नहीं मिले। बाद में डीआरएम के प्रतिनिधि को व्यापारियों ने अपनी समस्याओं से अवगत कराया। व्यापारियों का कहना था कि छह सात दशकों से बनबसा में रेलवे भूमि पर कारोबार कर रहे व्यापारियों से मानकों के तहत बढ़ाकर किराया लिया जाए लेकिन उन्हें बेरोजगार न किया जाए। पत्रकारों ने भी आरोप लगाया है कि रेलवे अधिकारी उनका फोन भी नहीं उठाते हैं। पत्रकारों ने शासन-प्रशासन से फोन नहीं रिसीव करने वाले सभी विभागों के अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की।
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शनिवार को बनबसा के व्यापारियों ने नीलामी के विरोध में बाजार बंद रखकर रेलवे प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर जुलूस निकाला। बाद में हुई सभा में व्यापारियों ने कहा कि बनबसा में रेलवे भूमि पर करीब छह से सात दशकों से 117 छोटे-बड़े व्यापारी कारोबार कर अपना परिवार पाल रहे हैं। अब रेलवे की नई नीलामी प्रथा से उनके हितों पर कुठाराघात किया जा रहा है। रेलवे प्रशासन को ज्ञापन आदि भेजे गए लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। इस कारण उन्हें अब बाजार बंद करना पड़ रहा है।
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सांसद प्रतिनिधि संजय जोशी ने बताया कि उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर अपर सचिव जगदीश कांडपाल के मंडल रेलवे प्रबंधक को संशोधित पत्र को भी रेलवे अधिकारियों ने देखने तक का प्रयास तक नहीं किया। सभा को व्यापार मंडल प्रदेश उपाध्यक्ष शंकर लाल वर्मा, व्यापार मंडल अध्यक्ष भरत भंडारी और पूर्व व्यापार मंडल अध्यक्ष परमजीत सिंह गांधी ने भी संबोधित किया। संचालन महामंत्री अभिषेक गोयल ने किया।
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रेलवे मंडल कोऑर्डिनेटर ने सुनी समस्या
बीते दिवस बनबसा के व्यापारियों का प्रतिनिधिमंडल सांसद प्रतिनिधि संजय जोशी के नेतृत्व में बरेली स्थित रेलवे के डीआरएम से मिलने गया। करीब पांच घंटे बैठने के बाद भी डीआरएम ने उनसे मिलने की जहमत नहीं उठाई। बाद में मंडल कोऑर्डिनेटर भारत भूषण ने व्यापारियों की बात सुनी। उन्होंने बताया कि नई व्यवस्था रेलवे बोर्ड का फैसला है, इसका उन्हें पालन कराना है। उन्होंने कहा कि व्यापारी अपनी समस्या रेलवे बोर्ड के समक्ष रख सकते हैं।
फोन नहीं उठाने वाले अधिकारियों पर हो कार्रवाई
बीते दिवस बनबसा से बरेली पहुंचे व्यापारी रेलवे के बरेली स्थित डीआरएम से काफी नाराज हैं। उनका कहना है मिलने का समय तय होने पर भी व्यापारियों को पांच घंटे बैठाकर डीआरएम नहीं मिले। बाद में डीआरएम के प्रतिनिधि को व्यापारियों ने अपनी समस्याओं से अवगत कराया। व्यापारियों का कहना था कि छह सात दशकों से बनबसा में रेलवे भूमि पर कारोबार कर रहे व्यापारियों से मानकों के तहत बढ़ाकर किराया लिया जाए लेकिन उन्हें बेरोजगार न किया जाए। पत्रकारों ने भी आरोप लगाया है कि रेलवे अधिकारी उनका फोन भी नहीं उठाते हैं। पत्रकारों ने शासन-प्रशासन से फोन नहीं रिसीव करने वाले सभी विभागों के अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की।