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सुवालेख में सड़क बंद होने से रात भर तड़पती रही बेड़ीनाग की प्रसव पीड़िता

Amarujala Local Bureau अमर उजाला लोकल ब्यूरो
Updated Sat, 13 Jun 2020 01:22 PM IST
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Badinag's delivery victim was suffering throughout the night due to road closure in Suvlekh
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़। बेड़ीनाग निवासी प्रसव पीड़िता सुवालेख में सड़क बंद होने सेे रात भर तड़पती रही। 108 कर्मियों और प्रसव पीड़िता के पति ने आपदा प्रबंधन विभाग से कोई सहायता नहीं मिलने के बाद सुबह 5ः30 बजे सड़क खोलकर महिला को करीब सात बजे जिला महिला अस्पताल पहुंचाया। यहां महिला ने स्वस्थ्य लड़के को जन्म दिया है। आपदा प्रबंधन की ओर मदद नहीं मिलने पर महिला के पति ने नाराजगी प्रकट की है।
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बेड़ीनाग की प्रसव पिड़िता विमला पत्नी सूरज को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बेड़ीनाग से तबीयत खराब होने के बाद जिला अस्पताल रेफर किया गया था। जिसे 108 एंबुलेंस के माध्यम से बुंगाछीना तक लाया गया। यहां से कनालीछीना 108 एंबुलेंस से पिथौरागढ़ हायर सेंटर पहुंचाने के लिए पहुंची। लेकिन मूसलाधार बारिश के कारण थल- पिथौरागढ़ सड़क जगह-जगह बंद हो गई। किसी तरह 108 कर्मियों ने सड़क को खोलकर महिला को दो बजे रात सुवालेख तक पहुंचाया। यहां पर सड़क के बंद होने के बाद प्रसव पिड़िता को शिफ्ट करने के लिए मूनाकोट से 108एंबुलेंस बुलाई गई। लेकिन शिलिंग के पास मलबा आने के कारण वो वहां से आगे नहीं बढ़ पाई। जब 5:30 बजे तक कोई सहायता नहीं मिल पाई तो महिला के पति सूरज एंबुलेंस कर्मी प्रकाश राम और मदन कुमार ने मिलकर रोड में गिरे पेड़ों को काटना शुरू किया। उन्होंने ढाई घंटे की कड़ी मशक्त के बाद सड़क को खोलकर महिला को अस्पताल पहुंचाया। यहां महिला ने स्वस्थ्य लड़के को जन्म दिया है। दोनों की तबियत सहीं बताई जा रही है। महिला के पति ने 108 कर्मियों का आभार प्रकट किया है।
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--:::डीडीहाट से मरीज लाकर आ रही एंबुलेंस कनालीछीना में फंसी ::: पिथौरागढ़। डीडीहाट से एक अन्य मरीज को लेकर आ रही है एंबुलेंस पीपली चौक में मलबा आने से कई देर फंसी रही। 108 कर्मियों ने किसी की सहायता न मिलते देख गिरते हुए मलबे के बीच खतरा मोल लेते हुए मरीज को मूनाकोट की एंबुलेंस में शिफ्ट कर जिला अस्पताल भिजवाया। एंबुलेंस में मौजूद मरीज के नाक से लगातार ब्लिडिंग हो रही थी।
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