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Pithoragarh News: इग्नू में शुरू हुआ बैचलर ऑफ रूरल स्टडीज कोर्स शुरू
Mon, 20 Jul 2026 10:38 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Mon, 20 Jul 2026 10:38 PM IST
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चंपावत। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) ने छात्र-छात्राओं के लिए बैचलर ऑफ रूरल स्टडीज नया पाठ्यक्रम शुरू किया है। इस पाठ्यक्रम में इच्छुक छात्र-छात्राएं 31 जुलाई तक प्रवेश ले सकेंगे। इन पाठ्यक्रमों का उद्देश्य बदलती वैश्विक एवं राष्ट्रीय आवश्यकताओं के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण एवं रोजगारोन्मुख शिक्षा उपलब्ध कराना है।
इग्नू के माध्यम से छात्र-छात्राएं घर बैठे ग्रामीण अर्थव्यवस्था की पढ़ाई करते हैं। इग्नू अध्ययन केंद्र चंपावत के समन्वयक डॉ. भवान सिंह ने बताया कि यह पाठ्यक्रम छात्र-छात्राओं को ग्रामीण विकास, पंचायती राज, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन, ग्रामीण आजीविका, सामुदायिक विकास समेत अन्य विषयों की व्यापक समझ विकसित करेगा।
पाठ्यक्रम ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत युवाओं, स्वयंसेवी संस्थाओं, विकास परियोजनाओं, ग्रामीण प्रशासन और विकास के क्षेत्र में कॅरिअर बनाने के इच्छुक विद्यार्थियों के लिए विशेष रूप से उपयोगी है। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में प्रवेश के लिए न्यूनतम योग्यता 12वीं निर्धारित की गई है। पाठ्यक्रम हिंदी और अंग्रेजी दोनों माध्यमों में उपलब्ध है। इसकी न्यूनतम अवधि तीन वर्ष और अधिकतम अवधि छह वर्ष है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के अनुरूप यह कार्यक्रम तीन वर्षीय स्नातक (120 क्रेडिट) और चार वर्षीय स्नातक (160 क्रेडिट) की संरचना पर आधारित है।
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इग्नू के माध्यम से छात्र-छात्राएं घर बैठे ग्रामीण अर्थव्यवस्था की पढ़ाई करते हैं। इग्नू अध्ययन केंद्र चंपावत के समन्वयक डॉ. भवान सिंह ने बताया कि यह पाठ्यक्रम छात्र-छात्राओं को ग्रामीण विकास, पंचायती राज, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन, ग्रामीण आजीविका, सामुदायिक विकास समेत अन्य विषयों की व्यापक समझ विकसित करेगा।
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पाठ्यक्रम ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत युवाओं, स्वयंसेवी संस्थाओं, विकास परियोजनाओं, ग्रामीण प्रशासन और विकास के क्षेत्र में कॅरिअर बनाने के इच्छुक विद्यार्थियों के लिए विशेष रूप से उपयोगी है। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में प्रवेश के लिए न्यूनतम योग्यता 12वीं निर्धारित की गई है। पाठ्यक्रम हिंदी और अंग्रेजी दोनों माध्यमों में उपलब्ध है। इसकी न्यूनतम अवधि तीन वर्ष और अधिकतम अवधि छह वर्ष है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के अनुरूप यह कार्यक्रम तीन वर्षीय स्नातक (120 क्रेडिट) और चार वर्षीय स्नातक (160 क्रेडिट) की संरचना पर आधारित है।
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