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कोरोना संक्रमित का अंतिम संस्कार करने गई टीम पर ग्रामीणों ने किया पथराव

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Mon, 24 May 2021 11:07 PM IST
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Ateck by Villagers
पिथौरागढ़। तीतरी और स्यालतड़ में कोरोना संक्रमित मृतक का अंतिम संस्कार नहीं करने दिया गया। करने गई स्वास्थ्य विभाग और राजस्व विभाग की टीम पर ग्रामीणों ने पथराव कर दिया।
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इस दौरान ग्रामीण उनके गांव के निकटवर्ती घाट पर कोरोना संक्रमितों का अंतिम संस्कार न करने की चेतावनी देते रहे। तहसीलदार कनालीछीना ने प्रभारी निरीक्षक अस्कोट को पथराव करने वालों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए हैं।
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कनालीछीना विकासखंड के ख्वांकोट गांव में कुछ दिन पूर्व 44 लोग कोरोना संक्रमित मिले थे। सभी लोगों को प्रशासन ने घर में पृथकवास पर रहने को कहा था। इनमें शामिल 97 वर्षीय एक बुजुर्ग की मौत हो गई।
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इस बीच शव को लेकर प्रोटोकॉल का पालन कर स्वास्थ्य विभाग, राजस्व विभाग और परिजन तीतरी और स्यालतड़ पहुंचे। पीपीई किट पहनकर आई टीम को स्थानीय ग्रामीणों ने देख लिया।
इसके विरोध में एकत्र ग्रामीण लाठी, डंडे लेकर घाट पर पहुंच गए और कोरोना संक्रमित का शव हटाने की मांग कर हंगामा करने लगे। इस दौरान टीम पर पथराव भी किया गया।
गनीमत रही कि टीम में शामिल किसी को भी चोट नहीं आई। ग्रामीणों के बढ़ते आक्रोश को देखते हुए टीम ने शव को वहां से दूसरे घाट पर ले जाकर अंतिम संस्कार किया।
इससे पूर्व शवदाह के लिए पहुंची टीम और मृतक परिजनों ने ग्रामीणों से शवदाह करने देने की मार्मिक अपील कि लेकिन ग्रामीण नहीं माने।
इस दौरान प्रशासन की टीम में शामिल राजस्व उपनिरीक्षक और होमगार्ड ने ग्रामीणों को काबू किया। संकट काल में घाट पर शवदाह न करने देने की इस घटना की जिलेभर के लोगों ने निंदा की है।
नेपाल के लोग भी उतरे विरोध में
पिथौरागढ़। नेपाल के लोगों ने भी काली नदी के किनारे कोरोना संक्रमितों का शव जलाने का विरोध किया है। उन्होंने भी शव को नदी किनारे न जलाने की मांग कर भारतीय प्रशासन के खिलाफ नारे लगाए। उनका कहना है कि कोरोना संक्रमितों के शव उनके गांव के नजदीकी घाट पर जलाना निंदनीय है। इससे उनके क्षेत्र के लोग भी संक्रमित हो सकते हैं। (संवाद)
संक्रमित मृतक का अंतिम संस्कार करने गई टीम में मैं खुद भी शामिल थी। ग्रामीणों का इस तरह का व्यवहार निंदनीय है। घटनास्थल रेगुलर पुलिस के कार्यक्षेत्र में आता है। इसलिए टीम के खिलाफ गलत व्यवहार करने वाले ग्रामीणों के विरुद्ध आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज करने के निर्देश अस्कोट पुलिस को दिए गए हैं। लोगों से अपील है कि इस तरह के मामलों को भयावह न बनाएं, कोरोना के खिलाफ जंग में प्रशासन और सरकार की मदद करें।

- मनीषा बिष्ट, नायब तहसीलदार कनालीछीना।
घटना के समय मैं वीआईपी ड्यूटी पर तैनात था। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस टीम को मौके पर भेजा गया। अभी घटना की तहरीर नहीं मिली है। फिर भी अपने स्तर से मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
-मोहन चंद्र पांडे, प्रभारी निरीक्षक, कोतवाली अस्कोट।
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