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काली-गोरी के संगम पर ऐतिहासिक मेला एवं विकास प्रदर्शनी शुरू

Wed, 14 Nov 2018 10:42 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, जौलजीबी/धारचूला
ब्यूरो/अमर उजाला, जौलजीबी/धारचूला Updated Wed, 14 Nov 2018 10:42 PM IST
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At the confluence of Kali-Gori, the historical fair and development exhibit started
ऐतिहासिक जौलजीबी मेले का शुभारंभ करते केंद्रीय मंत्री अजय टम्टा - फोटो : अमर उजाला

काली-गोरी नदी के संगम पर ऐतिहासिक जौलजीबी मेला एवं विकास प्रदर्शनी शुरू हो गई है। बुधवार को इस ऐतिहासिक और व्यापारिक महत्व के मेले का उद्घाटन केंद्रीय कपड़ा राज्यमंत्री अजय टम्टा ने किया। 109 वर्षों से हो रहे इस ऐतिहासिक मेले के उद्घाटन अवसर पर विवेकानंद इंटर कॉलेज धारचूला के छात्रों ने बैंड और कुमाऊं स्काउट के जवानों ने सूबेदार उमाकांत द्विवेदी के नेतृत्व में पाइप बैंड से अतिथियों का स्वागत किया। इस अवसर पर स्कूली बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम भी पेश किए।

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मुख्य अतिथि ने मेला परिसर में विभिन्न विभागों, संस्थानों की ओर से लगाए गए स्टालों का निरीक्षण किया। इसके बाद मंच पर बाल दिवस के अवसर पर पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धा सुमन अर्पित किए। केंद्रीय कपड़ा राज्यमंत्री ने कहा कि मेले को और अधिक बेहतर स्वरूप देने के लिए पूरा सहयोग दिया जाएगा। डीएम सी रविशंकर ने कहा कि सभी के सहयोग से इस ऐतिहासिक मेले को आयोजित किया जा रहा है। पूर्व ब्लॉक प्रमुख बीडी जोशी ने जौलजीबी मेले के इतिहास के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। क्षेत्र प्रमुख धारचूला राधा बिष्ट ने अतिथियों का स्वागत किया। पाल राजा के वंशज कुंवर भानुराज सिंह पाल ने कहा कि भविष्य में अगर पंचेश्वर बांध के कारण मेला स्थल डूब क्षेत्र में आता है तो मेले को अन्यत्र स्थान पर कराने के लिए वह सरकार के सहयोग से भूमि का चयन करने में अपना पूर्ण सहयोग देंगे।
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इस दौरान राबाइंका धारचूला की छात्राओं ने सरस्वती वंदना एवं स्वागत गीत प्रस्तुत किए। इससे पहले अनवाल समुदाय की महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में मुख्य अतिथि एवं अन्य अतिथियों का माल्यार्पण कर स्वागत किया। डीएम एवं अन्य अधिकारियों द्वारा मुख्य अतिथि व मित्र राष्ट्र नेपाल से आए अधिकारियों को स्मृति चिन्ह भेंट किया। उद्घाटन अवसर पर नेपाल के जिला दार्चुला के सशस्त्र सेना के एसपी भीम बहादुर चंद, डीएसपी लवराज अधिकारी, मेलाधिकारी राजकुमार पांडेय, रुकुम सिंह बिष्ट, सामाजिक कार्यकर्ता लीला बनंग्याल, शकुंतला दताल, प्रधान दूती कमला चंद, क्षेत्र पंचायत सदस्य जानकी बुरफाल, धन सिंह धामी, महेंद्र बुदियाल, हरीश गुंज्याल, दौलत पाल मौजूद रहे। मेले का संचालन लक्ष्मण सिंह बिष्ट ने किया।
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मेले में नहीं आए क्षेत्रीय विधायक धामी
जौलजीबी। ऐतिहासिक जौलजीबी मेले के उद्घाटन अवसर पर क्षेत्रीय विधायक हरीश धामी नहीं आए। विधायक धामी का कहना था कि मेले के उद्घाटन पर स्थानीय विधायक की अध्यक्षता होती है, जबकि उन्हें विशिष्ट अतिथि बनाया गया। विधायक धामी ने इस पर गहरी नाराजगी जताई।

मुख्यमंत्री पर लगाया अनदेखी का आरोप
जौलजीबी। ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष डूंगर सिंह दानू ने कहा कि मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत जिला मुख्यालय पिथौरागढ़ आने के बावजूद जौलजीबी नहीं आए। उन्होंने इसे उपेक्षा करार दिया। कहा कि पिछले वर्ष मेले में सीएम की ओर से पांच लाख रुपये देने की घोषणा की गई थी, जो अब तक नहीं मिली है।

इस साल नेपाल में भी होगा मेला
जौलजीबी। इस साल जौलजीबी मेले के अवसर पर काली नदी पार नेपाल में भी तीन दिनी मेला लगेगा। मेला 17 नवंबर से शुरू होगा। नेपाल प्रशासन मेले की तैयारियां कर रहा है।


मेला स्थल पर दुकानें लगनी शुरू
जौलजीबी। जौलजीबी मेले में व्यापारियों के पहुंचने का क्रम शुरू हो गया है। मेला स्थल पर लगभग तीन सौ अस्थायी दुकानें बनाई गई हैं। इन दुकानों में ऊनी कपड़ों के अलावा नेपाल से आने वाला घी, शहद, और हुमली-जुमली के घोड़े बिक्री के लिए पहुंचते हैं। धारचूला और मुनस्यारी के व्यापारियों के अलावा मैदानी क्षेत्रों में भी बड़ी संख्या में व्यापारी पहुंचे हैं।

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