फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Pithoragarh News ›   Asking for money from other districts are driving to work

अन्य जिलों से पैसा मांगकर काम चला रहे

Thu, 05 Jan 2017 10:33 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़ Updated Thu, 05 Jan 2017 10:33 PM IST
विज्ञापन
Asking for money from other districts are driving to work
पिथौरागढ़ स्टेट बैंक में उमड़ी लोगों की भीड़ - फोटो : अमर उजाला

नोटबंदी के 50 दिन पूरे होने के बाद बैंकों की लाइन ज्यादा बढ़ने लगी है। बैंकों को आसपास के जिलों से पैसा मांगकर काम चलाना पड़ रहा है। कैश की किल्लत के कारण अब बैंकों से सिर्फ दस हजार रुपए तक ही भुगतान मिल पा रहा है। चेस्ट ब्रांच अपनी अधीनस्थ शाखाओं को कैश दे पाने की स्थिति में नहीं है। बृहस्पतिवार को बैंकों में भारी भीड़ रही। स्टेट बैंक ने बृहस्पतिवार को बागेश्वर से 60 लाख रुपए मंगाए हैं। इसी राशि से काम चलाया जा रहा है।

विज्ञापन


बैंक के अधिकारियों ने बताया कि रिजर्व बैंक को लगातार कैश के लिए ईमेल के जरिए आग्रह किया जा रहा है। अब तक कैश भेजने के लिए कोई संदेश नहीं आया है। यदि रिजर्व बैंक से कैश नहीं मिलता तो स्थिति और ज्यादा खराब होने वाली है। महीने का प्रथम सप्ताह होने के कारण बृहस्पतिवार को भी बैंकों में पैसा निकालने के लिए भारी संख्या में लोग पहुंचे थे। बैंकों से निकासी की राशि कम होने से लोगों की दिक्कत बढ़ने लगी है।
विज्ञापन


बैंक प्रबंधक प्रवीण गर्ब्याल ने बताया कि कैश की कमी से ज्यादा भुगतान कर पाना संभव नहीं है। अब बैंक के कर्मचारी भी ज्यादा दबाव में आने लगे हैं। बताया गया कि पिथौरागढ़ स्टेट बैंक को खुद के लिए एवं चेस्ट ब्रांच के लिए हर महीने कम से कम दो अरब रुपए की नकदी की जरूरत होती है। नोटबंदी के बाद अब तक एक अरब रुपए भी बैंक को नहीं मिल पाए हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन


छुट्टियों में घूमने का कार्यक्रम रद्द किया
पिथौरागढ़। जनवरी में पहाड़ के स्कूलों में छुट्टी हो जाती है। अधिकांश लोगों ने शीतकालीन छुट्टियों में बाहर घूमने का प्रोग्राम तय किया था, लेकिन बैंकों से पैसा न मिलने के कारण कई परिवारों ने बाहर घूमने का कार्यक्रम रद्द कर दिया है। बृहस्पतिवार को बैंक में 24 हजार रुपए का भुगतान पाने के लिए पहुंचे परिवारों में भारी गुस्सा देखा गया। उनको अधिकतम दस हजार रुपए ही भुगतान में मिले। इतनी कम राशि से घूमने का कार्यक्रम संभव नहीं हो पाएगा। लोगों ने कहा कि 50 दिन बाद कठिनाई दूर होने का वादा पूरी तरह झूठा निकला है।

कैंटीन कैशलेस होंगी तो बैंकों का संकट बढ़ेगा
पिथौरागढ़। नोटबंदी के बाद शुरुआत से ही सबसे अच्छी चल रही एसबीआई की कासनी शाखा में भी 15 जनवरी के बाद सेना की कैंटीनों का पैसा जमा नहीं हो पाएगा। कासनी शाखा के असिस्टेंट मैनेजर हिमांशु जोशी ने बताया कि केंद्र सरकार ने कैंटीनों में भी कैशलेस करने के आदेश दे दिए हैं। छावनी क्षेत्र की कई कैंटीनों ने एसबीआई की कासनी शाखा में स्वाइप मशीनें लगाने के आवेदन देने शुरू कर दिए हैं।


ग्रामीण अंचलों में स्थिति बेहद खराब
धारचूला/डीडीहाट। धारचूला और डीडीहाट के बैंकों में स्थिति बेहद खराब हो गई है। धारचूला में कैश की कमी से लोगों को भुगतान नहीं मिल पा रहा है। डीडीहाट में एक-दो दिन के लिए ही कैश बचा है। यदि सोमवार तक कैश नहीं आता तो लोगों को भुगतान मिलना बंद हो जाएगा। धारचूला में पिछले एक हफ्ते से लोग कैश के लिए परेशान हैं। धारचूला के एटीएम भी बंद चल रहे हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed