Pithoragarh News: चीन सीमा पर पर्यटन कारोबार को लगेंगे पंख, सेना ने बनाया होम स्टे; आय से गांव में होगा विकास
भारतीय सेना ने चीन और नेपाल की सीमा पर स्थित कालापानी में पहला होम स्टे बनाकर इसे गर्ब्यांग के ग्रामीणों को समर्पित किया है। ग्रामीण इसका संचालन करेंगे और इससे होने वाली आय से गांव का विकास होगा।
विस्तार
अब चीन सीमा पर पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देकर सीमा पर बसे ग्रामीणों को स्वरोजगार से जोड़ने की सेना ने भी पहल की है। भारतीय सेना ने चीन और नेपाल की सीमा पर स्थित कालापानी में पहला होम स्टे बनाकर इसे गर्ब्यांग के ग्रामीणों को समर्पित किया है। ग्रामीण इसका संचालन करेंगे और इससे होने वाली आय से गांव का विकास होगा।
चीन सीमा पर पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए कई सरकारी योजनाएं संचालित हैं। अब सेना भी इसके लिए आगे आई है। सद्भावना परियोजना के तहत भारतीय सेना ने अपने संसाधनों से चीन और नेपाल सीमा पर स्थित धारचूला के कालापानी में पहला टैंट आधारित होम स्टे बनाया है।
पंचशूल ब्रिगेड के कमांडर ब्रिगेडियर एसपीएस चौहान ने इसका शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि होम स्टे का संचालन गर्ब्यांग गांव के ग्रामीण करेंगे। यह पूरी तरह उनके अधिकार क्षेत्र में रहेगा। होम स्टे में रहने वाले पर्यटकों की सुविधा का पूरा ध्यान रखा गया है। सीमांत जनपद में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के साथ ही यहां के लोगों को स्वरोजगार से जोड़ना योजना का मुख्य उद्देश्य है। इसमें सेना भी अपनी भागीदारी निभा रही है। उन्होंने कहा कि कहा कि जब लोग आत्मनिर्भर बनेंगे तभी देश सशक्त बनेगा। शुभारंभ पर गर्ब्यांग गांव के सरपंच बृजेश गर्ब्याल भी उपस्थित रहे।
पलायन रोकना भी उद्देश्य
ब्रिगेडियर एसपीएस चौहान ने कहा कि गर्ब्यांग गांव में सेना कम्यूनिटी हॉल का भी निर्माण कर रही है। इसके संचालन की भी जिम्मेदारी ग्रामीणों को दी जाएगी। यहां ग्रामीण कई कार्यक्रम कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि सेना की इस पहल का उद्देश्य सीमावर्ती क्षेत्रों में पर्यटन गतिविधियों का विकास करने के साथ ही पलायन को रोकना भी है। सेना सीमावर्ती गांवों में बिजलीकरण, हाइब्रिड सोलर प्लांट की स्थापना भी कर रही है।