{"_id":"697cea9fb8b8e3303a09a1b8","slug":"anger-over-poor-health-services-in-gangolihat-warning-of-agitation-pithoragarh-news-c-230-1-pth1005-137635-2026-01-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Pithoragarh News: गंगोलीहाट में स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली से रोष, आंदोलन की चेतावनी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Pithoragarh News: गंगोलीहाट में स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली से रोष, आंदोलन की चेतावनी
Fri, 30 Jan 2026 11:00 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Fri, 30 Jan 2026 11:00 PM IST
विज्ञापन
गंगोलीहाट में एसडीएम को ज्ञापन देते कांग्रेस नेता। संवाद
गंगोलीहाट (पिथौरागढ़)। सीएचसी में बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्थाओं से आक्रोशित कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने एसडीएम यशवीर सिंह के माध्यम से डीएम और सीएमओ को ज्ञापन भेजा। सभी ने जल्द स्वास्थ्य व्यवस्थाएं ठीक न होने पर दो फरवरी से आंदोलन की चेतावनी दी है।
कांग्रेस अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ के प्रदेश उपाध्यक्ष मनोज टम्टा के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने डीएम और सीएमओ को ज्ञापन भेजते हुए कहा कि सीएचसी में एक भी विशेषज्ञ चिकित्सक नहीं है। सीएचसी में नौ चिकित्सक, एक फार्मासिस्ट, तीन नर्स, तीन वार्ड बॉय, एक लैब तकनीशियन, एक चौकीदार, दो सफाई कर्मी, एक धोबी, एक कुक और एक चालक सहित 23 पद सृजित हैं। अब तक यहां रेडियोलॉजिस्ट, फिजिशियन, बाल रोग, महिला रोग विशेषज्ञ, सर्जन, पैथोलॉजिस्ट की नियुक्ति ही नहीं हुई। सामान्य चिकित्सकों के भरोसे ही क्षेत्र की 40 हजार से अधिक की आबादी को इलाज मिल रहा है।
रेडियोलॉजिस्ट न होने से अल्ट्रासाउंड मशीन जंग खा रही है। विशेषज्ञों की कमी से यह अस्पताल सिर्फ रेफर सेंटर बनकर रह गया है। ऐसे में क्षेत्र के लोग बेहतर इलाज के लिए अन्य अस्पतालों पर निर्भर हैं। चेतावनी देते हुए कहा जल्द यहां विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती नहीं हुई तो दो फरवरी से आंदोलन शुरू कर दिया जाएगा। ज्ञापन देने वालों में पूर्व ब्लाक अध्यक्ष हयात सिंह बोरा, परमानंद पंडा आदि शामिल रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
कांग्रेस अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ के प्रदेश उपाध्यक्ष मनोज टम्टा के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने डीएम और सीएमओ को ज्ञापन भेजते हुए कहा कि सीएचसी में एक भी विशेषज्ञ चिकित्सक नहीं है। सीएचसी में नौ चिकित्सक, एक फार्मासिस्ट, तीन नर्स, तीन वार्ड बॉय, एक लैब तकनीशियन, एक चौकीदार, दो सफाई कर्मी, एक धोबी, एक कुक और एक चालक सहित 23 पद सृजित हैं। अब तक यहां रेडियोलॉजिस्ट, फिजिशियन, बाल रोग, महिला रोग विशेषज्ञ, सर्जन, पैथोलॉजिस्ट की नियुक्ति ही नहीं हुई। सामान्य चिकित्सकों के भरोसे ही क्षेत्र की 40 हजार से अधिक की आबादी को इलाज मिल रहा है।
विज्ञापन
रेडियोलॉजिस्ट न होने से अल्ट्रासाउंड मशीन जंग खा रही है। विशेषज्ञों की कमी से यह अस्पताल सिर्फ रेफर सेंटर बनकर रह गया है। ऐसे में क्षेत्र के लोग बेहतर इलाज के लिए अन्य अस्पतालों पर निर्भर हैं। चेतावनी देते हुए कहा जल्द यहां विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती नहीं हुई तो दो फरवरी से आंदोलन शुरू कर दिया जाएगा। ज्ञापन देने वालों में पूर्व ब्लाक अध्यक्ष हयात सिंह बोरा, परमानंद पंडा आदि शामिल रहे।
विज्ञापन