फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Pithoragarh News ›   Drug addicts turned work books into trash in pithoragarh

Pithoragarh: शिक्षा विभाग को नहीं दिखती नशेड़ियों की यह अराजकता, काम की किताबों को बना दिया रद्दी

Thu, 25 Jan 2024 04:24 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क,पिथौरागढ़
अमर उजाला नेटवर्क,पिथौरागढ़ Updated Thu, 25 Jan 2024 04:24 PM IST
सार

पिथौरागढ़ के केएनयू जीआईसी के पास रमसा के लिए आवंटित किया गया भवन नशेड़ियों का अड्डा बना गया है। यहां नशेड़ियों ने तोड़फोड़ करते हुए भवन के अंदर रखी किताबें और रजिस्टर फाड़कर फैला दिए हैं।

विज्ञापन
Drug addicts turned work books into trash in pithoragarh
- फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पिथौरागढ़ के केएनयू जीआईसी के पास रमसा के लिए आवंटित किया गया भवन नशेड़ियों का अड्डा बना गया है। यहां नशेड़ियों ने तोड़फोड़ करते हुए भवन के अंदर रखी किताबें और रजिस्टर फाड़कर फैला दिए हैं। नशेड़ियाें ने जिस तरह की अराजकता की है उसे देखते हुए अगर किसी नशेड़ी ने नशे में इस भवन को आग लगा दी तो पूरे भवन के जलकर नष्ट होने का खतरा बना हुआ है।

विज्ञापन


बुधवार को केएनयू जीआईसी के पास नशेड़ियों का अड्डा बने भवन की पड़ताल की गई। इस दौरान पता चला कि पहले यह भवन सीमांत इंजीनियरिंग कॉलेज के संचालन के लिए आवंटित किया गया था। बाद में शिक्षा विभाग ने रमसा कार्यालय खोलने के लिए चार कमरों का भवन वापस ले लिया था। इसके बाद इस भवन के जीर्णोद्धार करने में आठ लाख रुपये खर्च किए गए।
विज्ञापन


धन तो खर्च किया गया लेकिन इसमें रमसा का कार्यालय शुरू नहीं हो पाया। अराजक तत्वों ने भवन के दरवाजे, अलमारी, खिड़की सब तोड़ दिए हैं। भवन के अंदर सिगरेट, बीड़ी, तंबाकू और शराब की बोतलें बिखरी हुई हैं। इस भवन में चुनाव के दौरान निर्वाचन विभाग तीन बूथ भी बनाता है। बच्चों के लिए तो न सही लेकिन शायद इस भवन की सफाई आने वाले लोकसभा चुनाव को देखते हुए करा दी जाए।

विज्ञापन
विज्ञापन

बच्चों के लिए आई किताबें फाड़कर बिखेरीं
पिथौरागढ़ के केएनयू जीआईसी के इस भवन में सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों के लिए आई किताबें फाड़कर फेंकी गई हैं। इसके अलावा रजिस्टर सहित कई अन्य सामान भी बिखेर दिया गया है। इसके बाद भी शिक्षा विभाग का इस ओर कोई ध्यान नहीं है। 

विद्यालय में लगा सीसीटीवी भी चोरी
केएनयू जीआईसी में सुरक्षा की दृष्टि से छह सीसीटीवी लगाए गए थे। इनमें से एक सीसीटीवी को भी अराजक तत्वों ने चुरा लिया है। मुख्य स्थान पर लगा सीसीटीवी चोरी होने से अराजक तत्वों के हौसले और बुलंद होते जा रहे हैं। 

टपकती छत में बैठते हैं बच्चे
केएनयू जीआईसी की स्थापना वर्ष 1928-29में हुई थी। उसके बाद से यहां पर नए भवन का निर्माण नहीं किया गया। विद्यालय के अधिकतर कमरों की छत से बरसात के दौरान पानी टपकता है। जिन कमरों की स्थिति ठीक है उनमें अराजक तत्वों ने तोड़फोड़ कर कूड़ेदान बना दिया है। 
 

काम की किताबों को बना दिया रद्दी
विद्यालय भवन में बच्चों के लिए आई निशुल्क किताबों और रजिस्टरों को अराजक तत्वों ने रद्दी बना दिया है। यहां अंदर रखे गए फर्नीचर तोड़कर जलाया गया है। इसके बाद भी विद्यालय प्रबंधन और शिक्षा विभाग की नजर आज तक इन पर नहीं पड़ी।

निर्वाचन के लिए इसी भवन में बनाए जाते हैं तीन बूथ
पिथौरागढ़ केएनयू जीआईसी जो नशेड़ियों का अड्डा बना हुआ है। इसमें निर्वाचन के लिए तीन.बूथ बनाए जाते हैं। इसके बाद भी इसका कोई सुधलेवा नहीं है। 
 

विद्यालय भवन को ठीक करने के लिए ग्रामीण निर्माण विभाग आगणन बनाने के लिए पत्र लिखा गया है। वर्तमान में विद्यालय बंद चल रहा है जिसने इसकी ऐसी हालत की है उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- गोविंद सिंह पोखरिया, प्रधानाचार्य केएनयू जीआईसी पिथौरागढ।

विद्यालय के प्रधानाचार्य को भवन को ठीक करने के लिए प्रस्ताव बनाने के लिए कहा गया है। इस संबंध में प्रधानाचार्य से जानकारी ली जाएगी। - एके जुकरिया, सीईओ पिथौरागढ़।

इस मामले में जल्द पुलिस में एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। इस संबंध में शिक्षा विभाग से भी जानकारी ली जाएगी। सरकारी धन की बर्बादी बर्दाश्त नहीं की जाएगी, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
- रीना जोशी, डीएम पिथौरागढ़।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed