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गलाती, रमतोली में समस्याओं का अंबार
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़
Updated Sat, 20 Oct 2018 11:00 PM IST
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धारचूला के गलाती में प्रदर्शन करते ग्रामीण
- फोटो : अमर उजाला
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धारचूला विकासखंड का दूरस्थ गांव गलाती, रमतोली कई समस्याओं ने जूझ रहा है। गलाती इंटर कॉलेज में प्रवक्ताओं की कमी के चलते अभिभावक अपने बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने उनकी सुध नहीं ली तो वह धारचूला को पानी की आपूर्ति बाधित कर देंगे। उन्होंने लोकसभा चुनाव के बहिष्कार की भी चेतावनी दी है।
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ग्रामीण स्कूल में प्रवक्ताओं की कमी, बदहाल संचार सेवा, एएनएम की नियमित तैनाती, गांव को आने वाले सात पैदल पुल दुरुस्त करने, रमतोली, चामी, देकिनधार, चौपाला में पानी की परेशानी दूर करने की मांग लंबे समय से उठा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जनप्रतिनिधि जीतने के बाद गांव की समस्या के समाधान के लिए कुछ नहीं करते हैं। उपेक्षा से परेशान होकर वह आगामी लोकसभा चुनाव का भी बहिष्कार करेंगे। गलाती इंटर कॉलेज में करीब 150 छात्राएं और इतने ही छात्र पढ़ते हैं। विद्यालय में हिंदी, भूगोल, अंग्रेजी, नागरिक शास्त्र, कला के प्रवक्ता नहीं हैं।
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जूनियर हाईस्कूल के शिक्षक ही शिक्षण कार्य कराते हैं। सरपंच प्रेम सिंह धामी, मान सिंह बिष्ट, जय छिपलाकेदार समिति के हरीश टम्टा, भगवान सिंह, राम सिंह, राजू बिष्ट, राम सिंह, धरम सिंह ने बताया कि प्राइमरी स्कूल की हालत खस्ता है। गर्भवती महिलाओं को चार किमी दूर डोली पर सड़क तक पहुंचाना पड़ता है। उन्होंने चेताया कि यदि उनकी समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो वह गलाती से धारचूला को जाने वाले पानी की आपूर्ति को बाधित कर देंगे।
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शौचालय बदहाल होने से छात्राएं परेशान
पिथौरागढ़। गलाती इंटर कॉलेज में शौचालय तो बना है, लेकिन इसका दरवाजा टूटा है। गंदगी रास्ते पर बहती है। इसके चलते छात्राओं को दिक्कत होती है। जय छिपलाकेदार समिति के अध्यक्ष हरीश टम्टा कहते हैं कि विद्यालय में स्वच्छता अभियान की पोल खुल रही है।
जनजाति गांव तोमिक, बोना, गोल्फा में संचार सुविधा नहीं
पिथौरागढ़। मुनस्यारी विकास खंड के सीमांत ज्येष्ठरा जनजाति गांव तोमिक, बोना, गोल्फा संचार सुविधा के लिए तरस रहे हैं। सीमांत ज्येष्ठरा (बरपटिया) जनजाति उत्थान समिति ने केंद्रीय कपड़ा राज्यमंत्री अजय टम्टा को ज्ञापन भेजकर गांव में मोबाइल टावर लगाने की मांग की है। समिति अध्यक्ष त्रिलोक सिंह इमलाल, प्रेम सिंह तोमक्याल ने कहा कि मुनस्यारी से 35 किमी दूर जनजाति गांव तोमिक, गोल्फा और बोना हैं, लेकिन यह गांव संचार सेवा से वंचित हैं। कहा कि गांवों की आबादी दो हजार से अधिक है। तीनों सीमांत गांव बहुमूल्य जड़ी-बूटी, जीवनदायिनी औषधियां और प्राकृतिक संसाधनों से परिपूर्ण हैं। इन गांवों में आलू, राजमा, सेब, धान आदि पर्याप्त मात्रा में होता है। बावजूद इसके इन गांवों की उपेक्षा की जा रही है। उन्होंने तीन गांवों के लिए ग्राम सभा तोमिक में मोबाइल टावर लगाने की मांग की है। ब्यूरो