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Pithoragarh News: बर्फबारी से लकदक हुआ आदि कैलाश क्षेत्र
Sat, 16 Dec 2023 10:34 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Sat, 16 Dec 2023 10:34 PM IST
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पिथौरागढ़ के आदि कैलाश में हुआ ताजा हिमपात। संवाद
पिथौरागढ़। सीमांत जिले के मुनस्यारी और धारचूला का उच्च हिमालयी क्षेत्र बर्फबारी से लकदक है। उच्च हिमालयी क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों से रुक-रुक कर हिमपात हो रहा है। इससे निचले इलाकों में ठंड काफी बढ़ गई है।
इस साल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अक्तूबर में आदि कैलाश के दर्शन के लिए पहुंचे थे। इसके बाद आदि कैलाश और ओम पर्वत जाने वाले यात्रियों की संख्या में काफी इजाफा हुआ। इस वर्ष 13,000 से अधिक यात्रियों ने आदि कैलाश और ओम पर्वत की यात्रा की। अब क्षेत्र में लगातार बर्फबारी हो रही है और अब वहां सिर्फ सेना, आईटीबीपी के जवान सीमा की सुरक्षा में मुस्तैद हैं।
आदि कैलाश में भी बर्फ की सफेद चादर बिछ गई है। 15,100 फुट की ऊंचाई पर स्थित पार्वती सरोवर और गौरी कुंड भी बर्फ से जम चुके हैं। ज्योलिंगकांग में सेना के अधिकारी और जवानों ने शिव-पार्वती मंदिर में स्थित भगवान भाेलेनाथ के गण नंदी महाराज को ठंड से बचाने के लिए कंबल ओढ़ाया। सूत्रों के अनुसार कड़ाके की ठंड के चलते उच्च हिमालयी क्षेत्र में तैनात सुरक्षा एजेंसियों को भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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शून्य से नीचे तापमान जाने से जमने लगा पानी
भारी मात्रा में गिर रहे पाले के कारण वाहनों का संचालन जोखिम भरा हुआ
संवाद न्यूज एजेंसी
चंपावत/लोहाघाट। क्षेत्र में पड़ रही कड़ाके की ठंड से लोगों बेहाल हैं। पौष मास शुरू होने के साथ ही तापमान में भारी गिरावट शुरू हो गई है। क्षेत्र में पड़ रही शुष्क ठंड से लोग वायरल की चपेट में आ रहे हैं। शुक्रवार की रात तापमान शून्य से नीचे चला गया जिससे पाला गिरने के साथ पानी तक जम गया। भारी मात्रा में गिर रहे पाले के कारण वाहनों का संचालन जोखिम भरा हो गया है। विभिन्न मार्गों पर पाला प्रभावित क्षेत्रों में अभी तक संबंधित कार्यदायी एजेंसियों की ओर से चूने और नमक का छिड़काव नहीं किया जा रहा है।
लोहाघाट के अद्वैत आश्रम मायावती से मिले आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2019 से 2021 तक 15 दिसंबर का अधिकतम तापमान 14 डिग्री और न्यूनतम तापमान माइनस दो डिग्री रहा है। इसी दिन इस वर्ष का तापमान अधिकतम 13 डिग्री और न्यूनतम माइनस दो डिग्री रिकॉर्ड किया गया है।
90 वर्षीय बुजुर्ग जयदत्त ओली, 86 वर्षीय भवानी दत्त राय, 85 वर्षीय कै. अमर सिंह बोहरा, 85 वर्षीय गोविंदी देवी का कहना है कि इस वर्ष ठंड ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। उन्होंने जीवन में दिसंबर महीने में ऐसा जाड़ा कभी नहीं देखा। सुबह नौ बजे तक और शाम पांच बजे बाद से कड़ाके की ठंड पड़नी शुरू हो जाती है। लोग ठंड से बचने के लिए अंगीठी, हीटर, अलाव का सहारा ले रहे हैं। प्रशासन की ओर से लोगों को ठंड से बचाने के लिए अलाव जलाए जा रहे हैं।
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इस साल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अक्तूबर में आदि कैलाश के दर्शन के लिए पहुंचे थे। इसके बाद आदि कैलाश और ओम पर्वत जाने वाले यात्रियों की संख्या में काफी इजाफा हुआ। इस वर्ष 13,000 से अधिक यात्रियों ने आदि कैलाश और ओम पर्वत की यात्रा की। अब क्षेत्र में लगातार बर्फबारी हो रही है और अब वहां सिर्फ सेना, आईटीबीपी के जवान सीमा की सुरक्षा में मुस्तैद हैं।
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आदि कैलाश में भी बर्फ की सफेद चादर बिछ गई है। 15,100 फुट की ऊंचाई पर स्थित पार्वती सरोवर और गौरी कुंड भी बर्फ से जम चुके हैं। ज्योलिंगकांग में सेना के अधिकारी और जवानों ने शिव-पार्वती मंदिर में स्थित भगवान भाेलेनाथ के गण नंदी महाराज को ठंड से बचाने के लिए कंबल ओढ़ाया। सूत्रों के अनुसार कड़ाके की ठंड के चलते उच्च हिमालयी क्षेत्र में तैनात सुरक्षा एजेंसियों को भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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शून्य से नीचे तापमान जाने से जमने लगा पानी
भारी मात्रा में गिर रहे पाले के कारण वाहनों का संचालन जोखिम भरा हुआ
संवाद न्यूज एजेंसी
चंपावत/लोहाघाट। क्षेत्र में पड़ रही कड़ाके की ठंड से लोगों बेहाल हैं। पौष मास शुरू होने के साथ ही तापमान में भारी गिरावट शुरू हो गई है। क्षेत्र में पड़ रही शुष्क ठंड से लोग वायरल की चपेट में आ रहे हैं। शुक्रवार की रात तापमान शून्य से नीचे चला गया जिससे पाला गिरने के साथ पानी तक जम गया। भारी मात्रा में गिर रहे पाले के कारण वाहनों का संचालन जोखिम भरा हो गया है। विभिन्न मार्गों पर पाला प्रभावित क्षेत्रों में अभी तक संबंधित कार्यदायी एजेंसियों की ओर से चूने और नमक का छिड़काव नहीं किया जा रहा है।
लोहाघाट के अद्वैत आश्रम मायावती से मिले आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2019 से 2021 तक 15 दिसंबर का अधिकतम तापमान 14 डिग्री और न्यूनतम तापमान माइनस दो डिग्री रहा है। इसी दिन इस वर्ष का तापमान अधिकतम 13 डिग्री और न्यूनतम माइनस दो डिग्री रिकॉर्ड किया गया है।
90 वर्षीय बुजुर्ग जयदत्त ओली, 86 वर्षीय भवानी दत्त राय, 85 वर्षीय कै. अमर सिंह बोहरा, 85 वर्षीय गोविंदी देवी का कहना है कि इस वर्ष ठंड ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। उन्होंने जीवन में दिसंबर महीने में ऐसा जाड़ा कभी नहीं देखा। सुबह नौ बजे तक और शाम पांच बजे बाद से कड़ाके की ठंड पड़नी शुरू हो जाती है। लोग ठंड से बचने के लिए अंगीठी, हीटर, अलाव का सहारा ले रहे हैं। प्रशासन की ओर से लोगों को ठंड से बचाने के लिए अलाव जलाए जा रहे हैं।