फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Pithoragarh News ›   Accused of fraudulently getting Khadia mining approved

धोखाधड़ी से खड़िया खनन स्वीकृत कराने का आरोप

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Thu, 18 Nov 2021 11:33 PM IST
विज्ञापन
Accused of fraudulently getting Khadia mining approved
खड़िया खनन का विरोध करते राया बजेता और कोलिया बगड़ के लोग। - फोटो : PITHORAGARH
नाचनी(पिथौरागढ़)। मुनस्यारी तहसील के राया बजेता और कोलिया बगड़ के ग्रामीणों ने गुपचुप तरीके से तीन ग्रामीणों और कंपनी पर खड़िया स्वीकृत कराने का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि जब गांव के चारों ओर खड़िया खनन के लिए पिलर (सीमांकन) होने लगा तब सूचना के अधिकार माध्यम से सूचना मांगी गई तो पता चला कि 10 बांड पेपरों में फर्जी हस्ताक्षर कर धोखाधड़ी करके खड़िया खनन की अनुमति ली है। ग्रामीणों ने सीएम को पत्र भेजकर खनन रुकवाने की मांग की है।
विज्ञापन

पट्टाधारक के खुदाई के लिए मशीनें पहुंचाने के बाद ग्रामीणों ने बजेता में प्रदर्शन कर विरोध जताया। उनका कहना है कि पूर्व में धोखाधड़ी की शिकायत डीएम, एसडीएम और खान अधिकारी से निष्पक्ष जांच की मांग की गई थी। आरोप है कि खान अधिकारी और तहसीलदार पर बिना स्थलीय निरीक्षण कर झूठी रिपोर्ट पट्टे धारक के पक्ष में दे दी। चार नवंबर को नाचनी थाने में धोखाधड़ी की शिकायत करने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई।
विज्ञापन

ग्रामीणों का कहना है कि ढलान में खनन होने के कारण 17 अनुसूचित जाति और सामान्य वर्ग के 20 परिवारों पर खतरा हो सकता है। गांव के तीन परिवार पट्टेधारक के साथ मिलकर ऐसा कर रहे हैं। उनका कहना है कि खनन क्षेत्र में गड्ढे खोदे जा रहे हैं, जिससे लोग दहशत में हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

‘लोक सुनवाई में स्थायी निवासियों को नहीं बुलाया’
ग्रामीणों का कहना है कि 12 जनवरी 2020 को एसडीएम की अध्यक्षता में बांसबगड़ में लोक सुनवाई का आयोजन किया गया था। इसमें तराई भाबर के लोगों को बुलाया गया, जो 40 वर्षों से स्थायी रूप से तराई भाबर में निवास करते हैं, जबकि प्रभावित परिवारों को नहीं बुलाया गया। उन्होंने इसे स्थायी नागरिकों के साथ धोखा बताया। उन्होंने डीएम से क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण कर मामले की जांच कराने की मांग की है। इस मौके पर पुष्कर सिंह, प्रह्लाद सिंह, भीम सिंह, रधुली देवी सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे।
जब ये सब हुआ होगा उस समय मेरे पास जिम्मेदारी नहीं थी। जांच रिपोर्ट देखने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। -
प्रदीप कुमार, जिला खान अधिकारी
खननकर्ता का आवेदन आया था। हमने चिन्हीकरण की कार्रवाई की है। इसको प्रशासन और शासन स्वीकृत कराता है। - एके सिंह, तहसीलदार
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed