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नेपाल की चमेलिया नदी में भूस्खलन से कृत्रिम झील: भारत में मच सकती है तबाही, काली नदी के रास्ते पानी का खतरा

Fri, 04 Sep 2026 10:22 PM IST
Heera अमर उजाला नेटवर्क, पिथौरागढ़
अमर उजाला नेटवर्क, पिथौरागढ़ Published by: Heera Updated Fri, 04 Sep 2026 10:22 PM IST
सार

नेपाल की चमेलिया नदी में भूस्खलन के कारण पानी का प्रवाह अवरुद्ध हो गया है, जिससे एक विशाल कृत्रिम झील बन गई है। इस झील के टूटने पर इसका पानी काली नदी में मिलकर भारत के सीमावर्ती क्षेत्रों में बाढ़ ला सकता है, जिससे तबाही का खतरा पैदा हो गया है।

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Accumulation of water in Nepal Chamelia River poses threat to Indian territories
नेपाल के दार्चुला में अपिहिमाल, भट्टाड़ में हुआ भूस्खलन। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

नेपाल की चमेलिया नदी में पानी जमा होने से भारतीय क्षेत्रों के लिए भी खतरा पैदा हो गया है। भट्टाड़ के पास पहाड़ी से भूस्खलन होने से चमेलिया का प्रवाह रुक गया है और यहां कृत्रिम झील बन गई है। यदि झील टूटी तो इसका पानी अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बहने वाली काली में मिलकर भारतीय क्षेत्रों में भी तबाही मचा सकता है।

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बता दें कि, यही चमेलिया नदी भारतीय क्षेत्र गेठीगाड़ा के सिमपानी और नेपाल के सेरा में काली नदी में मिलती है। यही काली नदी झूलाघाट, पंचेश्वर होते हुए टनकपुर पहुंचती है। अपि हिमाल गांव पालिका के वार्ड अध्यक्ष भगत सिंह ठेकरे बोहरा ने बताया कि नेपाल के दार्चुला के अपि हिमाल गांव पालिका, वार्ड नंबर एक, भट्टाड़ नामक स्थान पर पहाड़ी का बड़ा हिस्सा टूटकर चमेलिया नदी में गिर गया है। इससे चमेलिया नदी का प्रवाह थमने से यहां कृत्रिम झील बनने लगी है। ऐसे में साफ है कि यदि चमेलिया में झील का दायरा बढ़ा और यह टूटी तो इसका पानी रसुवा की तरह काली नदी से सटे नेपाल के साथ ही भारतीय क्षेत्रों में बड़ी तबाही का कारण बन सकता है। वहीं दार्चुला के सीडीओ वर्त राज पौडेल ने बताया कि भट्टाड़ में भूस्खलन होने से चमेलिया नदी का बहाव आंशिक रूप से रुक गया है। हालांकि नदी के आधे हिस्से से पानी बह रहा है। फिलहाल इससे कोई खतरा नहीं है। वहीं चर्चा है कि जिला प्रशासन दार्चुला ने चमेलिया नदी के किनारे रह रहे अपने नागरिकों के साथ ही चमेलिया, अपर चमेलिया, मध्य चमेलिया बांध के सभी कर्मचारियों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की चेतावनी जारी की है।

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भट्टाड़ के 15 परिवारों को किया जा चुका है शिफ्टअपि हिमाल गांव पालिका के वार्ड अध्यक्ष भगत सिंह ठेकरे से मिली जानकारी के अनुसार, भट्टाड़ में चमेलिया नदी के खतरे को देखते हुए इसके किनारे बसे 15 परिवारों को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट कर दिया है। घटना की सूचना भी दार्चुला प्रशासन को दी गई है। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में भारी बारिश हो रही है इससे पहाड़ी के और टूटने का खतरा बना हुआ है। यदि ऐसा हुआ तो यह बड़ी समस्या बन सकता है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा के लिए प्रहरी, एपीएफ एवं सेना को पहुंचने में एक दिन का समय लगता है।

अपिहिमाल से 40 किलोमीटर ऊपर चीन के सहयोग से बना है बांध
जानकारी के मुताबिक, नेपाल में चमेलिया नदी जो अपिहिमाल के रास्ते आकर भारत में गेठीगाड़ा के सिमपानी में मिलती है। अपिहिमाल इस स्थान से 40 किलोमीटर ऊपर है। इसी नदी में नेपाल ने चीन की मदद से बलांच नामक स्थान पर 30 मेगावाट का चमेलिया पॉवर प्रोजेक्ट और अपर चमेलिया पॉवर प्रोजेक्ट बनाया है। इसके लिए यहां बांध का निर्माण भी पूरा कर लिया गया है। वहीं इसी नदी पर 24 मेगावाट पॉवर प्रोजेक्ट का बांध निर्माणाधीन है।

कोट-हमें नेपाल के दार्चुला के अपिहिमाल, भट्टाड़ में भूस्खलन की सूचना मिली है। सुरक्षा एजेंसियों, पुलिस, एसएसबी सहित अन्य संबंधित विभागों को अलर्ट कर दिया है। नदी किनारे बसे लोगों को सतर्क रहने की चेतावनी जारी कर दी है। हम घटना पर नजर बनाए हैं। -भूपेंद्र महर, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी, पिथौरागढ़

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