{"_id":"117-94784","slug":"Pithoragarh-94784-117","type":"story","status":"publish","title_hn":"भर्ती में नहीं मिल पाया ओबीसी आरक्षण का लाभ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भर्ती में नहीं मिल पाया ओबीसी आरक्षण का लाभ
Pithoragarh
Updated Tue, 02 Dec 2014 05:31 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पिथौरागढ़। धारचूला और मुनस्यारी तहसील की जिन 143 उपजातियों को प्रदेश सरकार ने ओबीसी आरक्षण के दायरे में लिया था उनको भारत तिब्बत सीमा पुलिस की भर्ती के दौरान कोई लाभ नहीं मिल पाया है। आईटीबीपी के अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि तहसीलदार की ओर से जारी ओबीसी आरक्षण का प्रमाणपत्र अर्धसैनिक बलों में मान्य नहीं हो सकता। उत्तराखंड जनमोर्चा ने इसे सीमांत की जनता के साथ धोखा करार दिया है और जिलाधिकारी के माध्यम से उपजिलाधिकारी को ज्ञापन भेजा।
उत्तराखंड जनमोर्चा के संयोजक जगत मर्तोलिया ने बताया कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने ओबीसी आरक्षण देना अपनी बड़ी उपलब्धि माना था लेकिन हकीकत में इस आरक्षण का युवाओं को कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है। पिछले दिनों आईटीबीपी में चली भर्ती रैली के दौरान ओबीसी आरक्षण के प्रमाणपत्र को कोई मान्यता नहीं मिली। उन्होंने ज्ञापन में उल्लेख किया है कि सिर्फ धारचूला का उपचुनाव जीतने के लिए कांग्रेस ने यह ड्रामा किया था। उन्होंने कहा है कि सरकार के रवैए से सीमांत के युवा ठगे रह गए हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से जानना चाहा है कि ओबीसी आरक्षण के इस प्रमाणपत्र का औचित्य क्या है, जब युवाओं को इसका लाभ ही नहीं मिल रहा है। ज्ञापन देने वालों में अनिल धामी, राम सिंह, बाला सिंह नेगी, रुकम सिंह परिहार, प्रेम बिष्ट, प्रयाग जोशी, रूप सिंह बोरा आदि थे।
विज्ञापन
उत्तराखंड जनमोर्चा के संयोजक जगत मर्तोलिया ने बताया कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने ओबीसी आरक्षण देना अपनी बड़ी उपलब्धि माना था लेकिन हकीकत में इस आरक्षण का युवाओं को कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है। पिछले दिनों आईटीबीपी में चली भर्ती रैली के दौरान ओबीसी आरक्षण के प्रमाणपत्र को कोई मान्यता नहीं मिली। उन्होंने ज्ञापन में उल्लेख किया है कि सिर्फ धारचूला का उपचुनाव जीतने के लिए कांग्रेस ने यह ड्रामा किया था। उन्होंने कहा है कि सरकार के रवैए से सीमांत के युवा ठगे रह गए हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से जानना चाहा है कि ओबीसी आरक्षण के इस प्रमाणपत्र का औचित्य क्या है, जब युवाओं को इसका लाभ ही नहीं मिल रहा है। ज्ञापन देने वालों में अनिल धामी, राम सिंह, बाला सिंह नेगी, रुकम सिंह परिहार, प्रेम बिष्ट, प्रयाग जोशी, रूप सिंह बोरा आदि थे।
विज्ञापन