{"_id":"117-83699","slug":"Pithoragarh-83699-117","type":"story","status":"publish","title_hn":"थल घाटी के गांवों में बारिश का कहर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
थल घाटी के गांवों में बारिश का कहर
Pithoragarh
Updated Mon, 11 Aug 2014 05:30 AM IST
विज्ञापन
थल (पिथौरागढ़)। थल घाटी के गांवों में बारिश के दौरान हुए भूकटाव से कई मकानों को खतरा हो गया है और पैदल रास्ते बह गए हैं। पेयजल लाइन टूटने से पानी का संकट पैदा हो गया है। राजस्व विभाग की टीम क्षति का आकलन करने के लिए गांवों को रवाना हो गई है।
बारिश से हजेती गांव में भगवान सिंह राठौर के आंगन की दीवार धंस गई। इसी गांव में गोविंद महर के मकान को भी खतरा हो गया है। हतवाल गांव में महेश भट्ट का रसोईघर बारिश में टूट गया। मैतीगैर जाने वाला पैदल रास्ता टूट गया है और पेयजल तथा सिंचाई लाइन मलबे में दब गई है। गोरघटिया से अमतड़ जाने वाला पैदल रास्ता और अमतड़ से थल जाने वाले पैदल रास्ते में जगह जगह मलबा पट गया है। अमतड़ नहर भी बारिश से टूट गई है। नौला गांव में मलबा आबादी की ओर घुस रहा है। डाकबंगला से थल आने वाला पैदल रास्ता कई स्थानों पर बह गया है। ग्राम प्रधान गंगा देवी और क्षेत्र पंचायत सदस्य लीलाधर भट्ट ने तबाही की जानकारी राजस्व विभाग को दे दी है। राजस्व उपनिरीक्षक नरेंद्र सिंह बिष्ट ने मौका मुआयना किया और नुकसान की रिपोर्ट तैयार की।
विज्ञापन
बारिश से हजेती गांव में भगवान सिंह राठौर के आंगन की दीवार धंस गई। इसी गांव में गोविंद महर के मकान को भी खतरा हो गया है। हतवाल गांव में महेश भट्ट का रसोईघर बारिश में टूट गया। मैतीगैर जाने वाला पैदल रास्ता टूट गया है और पेयजल तथा सिंचाई लाइन मलबे में दब गई है। गोरघटिया से अमतड़ जाने वाला पैदल रास्ता और अमतड़ से थल जाने वाले पैदल रास्ते में जगह जगह मलबा पट गया है। अमतड़ नहर भी बारिश से टूट गई है। नौला गांव में मलबा आबादी की ओर घुस रहा है। डाकबंगला से थल आने वाला पैदल रास्ता कई स्थानों पर बह गया है। ग्राम प्रधान गंगा देवी और क्षेत्र पंचायत सदस्य लीलाधर भट्ट ने तबाही की जानकारी राजस्व विभाग को दे दी है। राजस्व उपनिरीक्षक नरेंद्र सिंह बिष्ट ने मौका मुआयना किया और नुकसान की रिपोर्ट तैयार की।
विज्ञापन