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धारचूला में बंटने लगे ओबीसी प्रमाणपत्र
Pithoragarh
Updated Sun, 25 May 2014 05:35 AM IST
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धारचूला (पिथौरागढ़)। मुख्यमंत्री हरीश रावत के निर्देश पर प्रशासन ने ओबीसी आरक्षण के दायरे में आई जातियों को तेजी से प्रमाणपत्र देना शुरू कर दिया है। धारचूला विधानसभा क्षेत्र की 143 जातियों को ओबीसी आरक्षण के दायरे में रखा गया है। 21 मई को धारचूला दौरे पर आए मुख्यमंत्री के सामने लोगों ने मुद्दा रखा था कि ओबीसी के प्रमाणपत्र जारी करने में प्रशासन की ओर से देरी की जा रही है। मुख्यमंत्री ने उसी दिन निर्देश जारी किए कि सारे प्रमाणपत्र एक ही दिन में जारी किए जाएं और इसके लिए विशेष कैंप लगाया जाए।
उपजिलाधिकारी प्रमोद कुमार और तहसीलदार केआर आर्य ने तहसील मुख्यालय में कैंप आयोजित किया। भारी संख्या में लोगों को ओबीसी प्रमाणपत्र जारी किए गए। राजस्व विभाग से रिपोर्ट मिल गई है उनको वरीयता से प्रमाणपत्र दे दिए गए हैं। इधर, भाजपा नेता राकेश तिवारी और कांग्रेस नेता लीला धामी ने कहा कि कई गांवों में पटवारियों के उपलब्ध न होने से लोगों की औपचारिकताएं पूरी नहीं हो पा रही हैं। उन्होंने उपजिलाधिकारी से मांग की है कि पटवारियों को क्षेत्र में बने रहने के निर्देश दिए जाएं। साथ में विकलांग प्रमाणपत्र भी जारी किए जाएं। इसी दौरान चिकित्सा शिविर भी लगाया गया। इसमें उपमुख्य चिकित्साधिकारी डा. बीएमएस टोलिया के नेतृत्व में कई मरीजों का इलाज हुआ। चिकित्सा कैंप के संचालन में डा. केआर सौन, डा. गौतम, डा. जीएस पाटनी, डा. संध्या आदि ने सहयोग दिया। यहां बता दें कि मुख्यमंत्री के धारचूला से चुनाव लड़ने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ज्यादा अलर्ट होकर काम कर रहा है।
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उपजिलाधिकारी प्रमोद कुमार और तहसीलदार केआर आर्य ने तहसील मुख्यालय में कैंप आयोजित किया। भारी संख्या में लोगों को ओबीसी प्रमाणपत्र जारी किए गए। राजस्व विभाग से रिपोर्ट मिल गई है उनको वरीयता से प्रमाणपत्र दे दिए गए हैं। इधर, भाजपा नेता राकेश तिवारी और कांग्रेस नेता लीला धामी ने कहा कि कई गांवों में पटवारियों के उपलब्ध न होने से लोगों की औपचारिकताएं पूरी नहीं हो पा रही हैं। उन्होंने उपजिलाधिकारी से मांग की है कि पटवारियों को क्षेत्र में बने रहने के निर्देश दिए जाएं। साथ में विकलांग प्रमाणपत्र भी जारी किए जाएं। इसी दौरान चिकित्सा शिविर भी लगाया गया। इसमें उपमुख्य चिकित्साधिकारी डा. बीएमएस टोलिया के नेतृत्व में कई मरीजों का इलाज हुआ। चिकित्सा कैंप के संचालन में डा. केआर सौन, डा. गौतम, डा. जीएस पाटनी, डा. संध्या आदि ने सहयोग दिया। यहां बता दें कि मुख्यमंत्री के धारचूला से चुनाव लड़ने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ज्यादा अलर्ट होकर काम कर रहा है।
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