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अब दस किग्रा गेहूं को भी तरसेंगे लोग
Pithoragarh
Updated Mon, 06 May 2013 05:30 AM IST
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पिथौरागढ़। महंगाई आकाश छू रही है। जरूरी सामग्रियों की कीमतें आम लोगाें की पहुंच से बाहर हो रही है। वहीं सार्वजनिक वितरण प्रणाली भी लोगों को राहत नहीं पहुंचा रही है। हाल यह है कि अब लोगों को दस किलोग्राम गेहूं के लिए भी तरसना पड़ेगा। इस माह से उन्हें दस नहीं सात किलोग्राम गेहूं मिल रहा है। तीन किलोग्राम गेहूं कम होने की मार उनकी जेब पर पड़ेगी।
मई माह से सरकारी सस्ते गल्ले के राशन की मात्रा में और कमी आ गई है। अब दस किलोग्राम गेहूं के बजाय सात किलोग्राम गेहूं ही दिया जा रहा है। जिला पूर्ति विभाग के मुताबिक पिथौरागढ़ जिले में 95 हजार से अधिक एपीएल (गरीबी रेखा से उपर) कार्डधारी हैं। एक कार्डधारक को प्रति माह तीन किलोग्राम गेहूं कम मिलेगा। यानि एक महीने में जिले के तमाम उपभोक्ताओं के हिस्से 2850 कुंतल गेहूं कम आएंगे। बाजार में सबसे सस्ते आटे की कीमत 18 रुपये प्रति किलोग्राम है। जबकि सस्ता गल्ले की दुकान में चार रुपये किग्रा गेहू पीसाई मिलाकर छह रुपये किग्रा बैठता है। इस तरह प्रति कार्ड तीन किलोग्राम गेहूं कम मिलने से जिले के एपीएल कार्डधारकों को एक माह में 11.40 लाख रुपये की चपत लगेगी।
बाक्स
अतिरिक्त आवंटन नहीं मिलने से घटा कोटा
जिला पूर्ति विभाग का कहना है कि जिले के लिए आवंटित अतिरिक्त कोटा नहीं मिलने से ये नौबत आ रही है। जिले में एपीएल कोटे का 6589.55 कुंतल गेहूं के अलावा 3140.71 कुंतल का अतिरिक्त आवंटन होता था। इसी तरह चावल के 1037.14 कुंतल के अलावा 494.59 कुंतल का अतिरिक्त आवंटन होता था। मगर अब अतिरिक्त कोटा नहीं मिल रहा है। विभाग का कहना है कि इसी के चलते गेहूं और चावल की मात्रा में कमी करनी पड़ी है।
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मई माह से सरकारी सस्ते गल्ले के राशन की मात्रा में और कमी आ गई है। अब दस किलोग्राम गेहूं के बजाय सात किलोग्राम गेहूं ही दिया जा रहा है। जिला पूर्ति विभाग के मुताबिक पिथौरागढ़ जिले में 95 हजार से अधिक एपीएल (गरीबी रेखा से उपर) कार्डधारी हैं। एक कार्डधारक को प्रति माह तीन किलोग्राम गेहूं कम मिलेगा। यानि एक महीने में जिले के तमाम उपभोक्ताओं के हिस्से 2850 कुंतल गेहूं कम आएंगे। बाजार में सबसे सस्ते आटे की कीमत 18 रुपये प्रति किलोग्राम है। जबकि सस्ता गल्ले की दुकान में चार रुपये किग्रा गेहू पीसाई मिलाकर छह रुपये किग्रा बैठता है। इस तरह प्रति कार्ड तीन किलोग्राम गेहूं कम मिलने से जिले के एपीएल कार्डधारकों को एक माह में 11.40 लाख रुपये की चपत लगेगी।
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अतिरिक्त आवंटन नहीं मिलने से घटा कोटा
जिला पूर्ति विभाग का कहना है कि जिले के लिए आवंटित अतिरिक्त कोटा नहीं मिलने से ये नौबत आ रही है। जिले में एपीएल कोटे का 6589.55 कुंतल गेहूं के अलावा 3140.71 कुंतल का अतिरिक्त आवंटन होता था। इसी तरह चावल के 1037.14 कुंतल के अलावा 494.59 कुंतल का अतिरिक्त आवंटन होता था। मगर अब अतिरिक्त कोटा नहीं मिल रहा है। विभाग का कहना है कि इसी के चलते गेहूं और चावल की मात्रा में कमी करनी पड़ी है।
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