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कमिश्नर ने ली सुध, विभाग लापरवाह
Updated Tue, 06 Nov 2018 10:22 PM IST
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पिथौरागढ़। करीब 35 वर्ष पहले बनी ओगला-भागीचौरा सड़क की हालत कई जगह बेहद खतरनाक बनी है। यह सड़क वर्ष 2016 की आपदा में कई स्थानों पर धंस गई। इन स्थानों पर पत्थर और मिट्टी भर दिए गए, इससे इस पर गुजरने वाले वाहनों में बैठी सवारियों की जान हलक में अटकी रहती है। मंडलायुक्त ने पिछले दिनों इस सड़क की बदहाली के बारे में स्थानीय लोगों से फोन पर जानकारी ली। बावजूद लोनिवि अस्कोट की नींद अब तक नहीं खुली है।
ओगला से करीब 11 किमी आगे भागीचौरा के लिए वर्षों पहले बनी सड़क वर्तमान में बदहाल है। मल्ला गर्खा, तल्ला गर्खा के इस क्षेत्र में करीब 10 हजार से अधिक आबादी है। 2016 की आपदा के बाद सड़क कई स्थानों पर धंस गई। सड़क को ठीक करने के लिए पत्थर और मिट्टी से भरान किया गया। वर्तमान में गनाई गधेरा, सूनाकोट, बाराकोट और भागीचौरा के पास सड़क की स्थिति बेहद खतरनाक बनी है।
पिछले दिनों मंडलायुक्त राजीव रौतेला ने क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ता भरत सिंह समेत कुछ लोगों से मोबाइल पर फोन कर सड़क की जानकारी ली। उन्होंने एक चालक से भी सीधे वार्ता कर सड़क पर वाहन चलाते समय हो रही दिक्कतों की जानकारी ली। बावजूद इसके लोनिवि की नींद नहीं खुली। भरत सिंह ने बताया कि ओगला-भागीचौरा सड़क पर प्रतिदिन 40-45 वाहन चलते हैं। इनमें से करीब 35 टैक्सी वाहन हैं। उन्होंने बताया कि बदहाल सड़क पर वाहन कुछ स्थानों पर तो पलटने की स्थिति में आ जाता है। सड़क किनारे नालियां भी बंद हैं।
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ओगला-भागीचौरा सड़क पर समय-समय पर गड्ढे भरने का कार्य किया जाता है। सड़क की मरम्मत के हर संभव प्रयास किए जाएंगे। -दीपक गुप्ता, अधिशासी अभियंता, लोनिवि अस्कोट
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ओगला से करीब 11 किमी आगे भागीचौरा के लिए वर्षों पहले बनी सड़क वर्तमान में बदहाल है। मल्ला गर्खा, तल्ला गर्खा के इस क्षेत्र में करीब 10 हजार से अधिक आबादी है। 2016 की आपदा के बाद सड़क कई स्थानों पर धंस गई। सड़क को ठीक करने के लिए पत्थर और मिट्टी से भरान किया गया। वर्तमान में गनाई गधेरा, सूनाकोट, बाराकोट और भागीचौरा के पास सड़क की स्थिति बेहद खतरनाक बनी है।
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पिछले दिनों मंडलायुक्त राजीव रौतेला ने क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ता भरत सिंह समेत कुछ लोगों से मोबाइल पर फोन कर सड़क की जानकारी ली। उन्होंने एक चालक से भी सीधे वार्ता कर सड़क पर वाहन चलाते समय हो रही दिक्कतों की जानकारी ली। बावजूद इसके लोनिवि की नींद नहीं खुली। भरत सिंह ने बताया कि ओगला-भागीचौरा सड़क पर प्रतिदिन 40-45 वाहन चलते हैं। इनमें से करीब 35 टैक्सी वाहन हैं। उन्होंने बताया कि बदहाल सड़क पर वाहन कुछ स्थानों पर तो पलटने की स्थिति में आ जाता है। सड़क किनारे नालियां भी बंद हैं।
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ओगला-भागीचौरा सड़क पर समय-समय पर गड्ढे भरने का कार्य किया जाता है। सड़क की मरम्मत के हर संभव प्रयास किए जाएंगे। -दीपक गुप्ता, अधिशासी अभियंता, लोनिवि अस्कोट