{"_id":"5bc8c0c9bdec226933276b5b","slug":"91539883209-pithoragarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"शहर के 31 क्रासिंग प्वाइंटों की हाईटेंशन लाइनों पर लगेगा जीआई वायर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शहर के 31 क्रासिंग प्वाइंटों की हाईटेंशन लाइनों पर लगेगा जीआई वायर
Updated Thu, 18 Oct 2018 10:56 PM IST
विज्ञापन
पिथौरागढ़। शहर में हाईटेंशन लाइनों की चपेट में आने से लगातार हो रहे हादसों को रोकने के लिए ऊर्जा निगम ने कवायद शुरू कर दी है। शहर के 31 रोड क्रासिंग प्वाइंटों से गुजरने वाली 11 हजार बोल्ट की बिजली की लाइनों पर जीआई वॉयर लगाए जाएंगे।
शहर के विभिन्न मार्गों के ऊपर से 11 हजार बोल्ट की बिजली लाइनें गुजर रही हैं। क्रासिंग प्वाइंटों पर हाईटेंशन लाइन के तार टूटने पर हादसे का खतरा बना रहता है। इसे देखते हुए ऊर्जा निगम ने शहर में लगभग 31 क्रासिंग प्वाइंट चयनित किए हैं। इन प्वाइंटों पर एल्युमीनियम के खुले तार के स्थान पर गेल्मानाइज्ड इंसुलेटेड वॉयर (जीआई वायर) लगाने का काम चल रहा है। किसी कारण से इस जीआई तार के टूटकर गिरने पर गंभीर हादसा नहीं होगा।
मकानों की छतों से गुजर रहीं लाइनों के लिए कोई प्लान नहीं
पिथौरागढ़। ऊर्जा निगम ने भले ही शहर के क्रासिंग प्वाइंट पर हाईटेंशन लाइन में जीआई वॉयर लगाने का शुरू कर दिया हो, जबकि असल खतरा घरों के ऊपर या बेहद निकट से गुजर रही बिजली की लाइनें हैं। कुछ स्थानों पर मकानों की रेलिंग के काफी नजदीक से बिजली की लाइनें गुजर रही हैं। इससे अब तक कई हादसे हो चुके हैं। इसके बावजूद मकानों के ऊपर या रेलिंग के करीब से गुजर रही लाइनों को सुरक्षित बनाने के लिए ऊर्जा निगम के पास कोई प्लान नहीं है।
विज्ञापन
सुरक्षा कारणों से क्रासिंग प्वाइंट वाले स्थानों पर जीआई वायर लगाने की कार्रवाई चल रही है। बिजली की सभी हाईटेंशन लाइनें पहले ही बिछाई जा चुकी थी। इन लाइनों के नीचे या बेहद करीब तक भवनों का निर्माण करना खतरनाक है। कुछ स्थानों पर लोगों ने मानकों के विपरीत बिजली की लाइनों के बेहद करीब तक भवनों का निर्माण कर दिया है। विकास प्राधिकरण को इस मामले में लिखा गया है। -नितिन गर्खाल, ईई, ऊर्जा निगम
विज्ञापन
शहर के विभिन्न मार्गों के ऊपर से 11 हजार बोल्ट की बिजली लाइनें गुजर रही हैं। क्रासिंग प्वाइंटों पर हाईटेंशन लाइन के तार टूटने पर हादसे का खतरा बना रहता है। इसे देखते हुए ऊर्जा निगम ने शहर में लगभग 31 क्रासिंग प्वाइंट चयनित किए हैं। इन प्वाइंटों पर एल्युमीनियम के खुले तार के स्थान पर गेल्मानाइज्ड इंसुलेटेड वॉयर (जीआई वायर) लगाने का काम चल रहा है। किसी कारण से इस जीआई तार के टूटकर गिरने पर गंभीर हादसा नहीं होगा।
विज्ञापन
मकानों की छतों से गुजर रहीं लाइनों के लिए कोई प्लान नहीं
पिथौरागढ़। ऊर्जा निगम ने भले ही शहर के क्रासिंग प्वाइंट पर हाईटेंशन लाइन में जीआई वॉयर लगाने का शुरू कर दिया हो, जबकि असल खतरा घरों के ऊपर या बेहद निकट से गुजर रही बिजली की लाइनें हैं। कुछ स्थानों पर मकानों की रेलिंग के काफी नजदीक से बिजली की लाइनें गुजर रही हैं। इससे अब तक कई हादसे हो चुके हैं। इसके बावजूद मकानों के ऊपर या रेलिंग के करीब से गुजर रही लाइनों को सुरक्षित बनाने के लिए ऊर्जा निगम के पास कोई प्लान नहीं है।
विज्ञापन
सुरक्षा कारणों से क्रासिंग प्वाइंट वाले स्थानों पर जीआई वायर लगाने की कार्रवाई चल रही है। बिजली की सभी हाईटेंशन लाइनें पहले ही बिछाई जा चुकी थी। इन लाइनों के नीचे या बेहद करीब तक भवनों का निर्माण करना खतरनाक है। कुछ स्थानों पर लोगों ने मानकों के विपरीत बिजली की लाइनों के बेहद करीब तक भवनों का निर्माण कर दिया है। विकास प्राधिकरण को इस मामले में लिखा गया है। -नितिन गर्खाल, ईई, ऊर्जा निगम